सेक्स सीन तो चुटकी में हो गएः सुरवीन
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इस साल की सबसे बोल्ड फिल्मों में शुमार ‘हेट स्टोरी 2’ रिलीज होने को तैयार है। छोटे पर्दे से बड़ी छलांग लगाने वाली अभिनेत्री सुरवीन चावला इसके पोस्टर पर बिंदास अंदाज में नजर आ रही हैं। फिल्म के प्रोमो देख कर लोग उनकी चर्चा कर रहे हैं। फिल्म की जितनी चर्चा सुरवीन की भी है।
प्रोमो से दिख रह है कि आपका रोल काफी बोल्ड है। फिल्म के लिए हां कहने से पहले क्या कोई हिचक थी?
मुझे लगता है कि आज फिल्मों की दुनिया काफी बदल चुकी है। बोल्ड का सबका अपना मतलब है। इसे किसी एक तरह से नहीं देखा जा सकता। मुझे जब ‘हेट स्टोरी 2’ ऑफर हुई तो बहुत अच्छा लगा क्योंकि यह रोल फिल्मों में मेरी शुरुआत के लिए बहुत सशक्त है। यह विषय बहुत इंट्रेस्टिंग है। मुझे पूरा विश्वास है कि लोगों को मेरा रोल पसंद आएगा। मुझे नहीं लगता कि दर्शक फिल्म देखने के बाद बोल्डनेस की बात करेंगे। वे फिल्म की कहानी और मेरे रोल को याद रखेंगे।
एक औरत के बदले की कहानी
यह एक औरत के बदले की कहानी है। यह पारंपरिक भूमिकाओं से काफी अलग है। क्या सोचती हैं?
आज की तारीख में ऐसे रोल हीरोइनों के लिए कम ही मिलेंगे। आज जब कलाकार फिल्मों में अपने लिए इंपॉर्टेंट रोल ढूंढते हैं, किसी फिल्म का हिस्सा भर होना चाहते हैं, ऐसे में विशाल पंड्या (निर्देशक) ने मुझे सिर्फ महत्वपूर्ण भूमिका ही नहीं दी बल्कि फिल्म को पूरा का पूरा मेरे कंधों पर रखा है। मेरे लिए यह बड़ी जिम्मेदारी और गर्व का मौका है। उन्होंने मुझ पर जबर्दस्त विश्वास दिखाया है। मेरे को-ऐक्टर्स भी शानदार ऐक्टर हैं। उनके बिना मेरे रोल की अहमियत नहीं हो सकती थी।
‘हेट स्टोरी’ में पाओली डैम ने यादगार परफॉरमेंस दिया था। ‘हेट स्टोरी 2’ में आपकी तुलना उनसे होगी...।
मैं आपसे सिर्फ इतना वादा कर सकती हूं कि आप ‘हेट स्टोरी 2’ में सब कुछ पिछली फिल्म से बेहतर और ज्यादा देखेंगे। चाहे वह लव हो, सेक्स हो, हेट (नफरत) हो, म्यूजिक हो। यहां हीरोइन जो बदला ले रही है वह भी ‘हेट स्टोरी’ से ज्यादा खूंखार है। यह फिल्म पहली फिल्म से ज्यादा बढ़िया ढंग से शूट की गई है। कुल मिला कर यहां सब कुछ पहले से ज्यादा यादगार होगा।
सेक्स सीन को लेकर मैं घबराई नहीं
जब मेरे पास यह रोल आया था तो इसे सुनने के बाद मैंने इसे एक ऐक्टर के तौर पर खुद के लिए चैलेंजिंग माना। यह रोल निभाना आसान नहीं था, मगर इसे अगर मैं सफलतापूर्वक निभा सकी तो इसका क्रेडिट मेरे को-स्टार जय भानुशाली और डायरेक्टर को भी जाता है। उन्होंने मुझे बहुत कंफर्टेबल फील कराया।
फिल्म में अंतरंग दृश्य हैं। इन्हें परफॉर्म करना कितना कठिन या आसान था?
-यह रोल शूट करते हुए मेरा ध्यान पूरी तरह अपने संपूर्ण केरेक्टर पर था। मैं इसमें सोनिका नाम की लड़की बनी हूं। जो अपनी जिंदगी में बहुत तकलीफों से गुजरी है। जिसने बहुत दर्द सहा है। इसलिए उसमें बहुत गुस्सा है, नफरत है। सेक्स कहानी का हिस्सा भर है। अतः ऐसा नहीं है कि परफॉर्म करते हुए वह हमेशा ध्यान में रहता था।
टाइपकास्ट नहीं हो जाऊंगी?
ऐसा क्यों है? मैं समझ नहीं पाती की फिल्मों में और बाहर लोग ऐसा क्यों सोचते हैं कि ऐक्टर केवल एक ही तरह के रोल निभा पाते हैं। एक बोल्ड फिल्म करने के बाद क्या मेरे अंदर का ऐक्टर खत्म हो जाएगा। बस वह एक ही जैसे रोल के लिए बचेगा? मैं ऐसा बिल्कुल नहीं मानती हूं। अगर टाइपकास्ट होने की चिंता करते हुए यह रोल मैं नहीं करूंगी तो कोई और करेगा।