{"_id":"c8eeeaca20ae93044e2b4704992c1f30","slug":"interview-of-imran-khan-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"मामूली नहीं था डॉन से टकरानाः इमरान खान","category":{"title":"Entertainment Archives","title_hn":"एंटरटेनमेंट आर्काइव","slug":"entertainment-archives"}}
मामूली नहीं था डॉन से टकरानाः इमरान खान
हरि मृदुल/मुंबई ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2013 02:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इमरान खान वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा में एक गैंगस्टर का किरदार निभाने जा रहे हैं। ऐसा किरदार जो अपने बॉस के खिलाफ ही बगावत कर देता है। इमरान बता रहे हैं अपनी इस नई फिल्म और रोल के बारे में,
विज्ञापन
`वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' में मुंबई अंडरवर्ल्ड के किस दौर को दर्शाया गया है?
इसमें 1988 के आसपास का दौर है। इसमें अंडरवर्ल्ड का कथानक जरूर है, लेकिन यह एक लव स्टोरी फिल्म है। इसमें सच्चाई कुछ भी नहीं है यह पूरी तरह से काल्पनिक फिल्म है।
विज्ञापन
फिल्म में आपकी भूमिका अक्षय कुमार के सहायक की है?
मैं अंडरवर्ल्ड डॉन शोएब (अक्षय कुमार) का खास आदमी बना हूं। मेरी भूमिका असलम नाम के युवक की है। शोएब ने असलम को बारह वर्ष की उम्र से पाला है, लेकिन कहानी का टर्निंग पॉइंट यह है कि वह उसी जास्मीन से प्रेम करने लगता है, जिसे डॉन चाहता है। अब एक तरफ डॉन के प्रति वफादारी का मामला है, तो दूसरी तरफ उसका प्यार है।
विज्ञापन
क्या यह फिल्म अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम और हीरोइन मंदाकिनी की रियल लाइफ प्रेम कहानी से प्रेरित है?
नहीं, ऐसा नहीं है। इस फिल्म की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। फिल्म में कुछ किरदारों के नामों की वजह से जरूर ऐसा लग रहा है। लेकिन इस फिल्म का किसी की रियल लाइफ से कोई लेना-देना नहीं है।
आपने अपने रोल की तैयारी कैसे की?
मैंने अस्सी के दशक के एक्टरों के स्टाइल की नकल की है। वह दौर जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर का था। तब अंडरवर्ल्ड के लोग इन दोनों एक्टरों के बहुत बड़े फैन हुआ करते थे। मैंने अपने किरदार के लिए जैकी सर की तरह बूट पहने हैं और अनिल सर की तरह अपने कॉलर खड़े किए हैं।
सुना है कि अक्षय दूसरे कलाकारों के रोल पर कैंची चलवा देते हैं?
नहीं, वे ऐसा कभी नहीं करते हैं। बल्कि वे साथी कलाकारों को सलाह देते हैं कि कैसे उनका सीन परफेक्ट हो सकता है और परदे पर वे प्रभावशाली नजर आएं। इसके अलावा मैंने तो यही पाया है कि अक्षय अपने काम से काम रखते हैं।