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'मुझे किस और बिकनी से परहेज नहीं'

Tue, 07 Jan 2014 01:40 PM IST
रवि बुले/अमर उजाला मुंबई
रवि बुले/अमर उजाला मुंबई Updated Tue, 07 Jan 2014 01:40 PM IST
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interview of haslien kaur

एक और ‘मिस इंडिया’ के स्वागत के लिए तैयार रहिए। 2011 में ‘मिस इंडिया अर्थ’ खिताब जीतने वाली हसलीन कौर ‘करले प्यार करले’ से बॉलीवुड में कदम रख रही हैं। निर्माता सुनील दर्शन की इस फिल्म में वह उनके बेटे शिव दर्शन की हीरोइन हैं।

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ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीतने वाली सुंदरियां अक्सर बॉलीवुड का रुख करती हैं। आपने भी कुछ अलग नहीं सोचा?


आपकी बात सही है। प्रतियोगिताएं जीतने के बाद मेरा भी मन इसी तरफ झुका। यह सहज ही है कि ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीतने के बाद ग्लैमर की दुनिया अपनी ओर खींचने लगती है। अगर आपके पास ब्यूटी और टैलेंट दोनों हैं तो इंडिया में आपके लिए बॉलीवुड से बढ़ कर दूसरी कोई जगह नहीं हो सकती।
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बल्कि अब तो विदेशी लड़कियां भी यहां खिंची आ रही हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि जो भी मुझे ऑफर हुआ, मैंने वह स्वीकार कर लिया। मैंने अपनी पसंद से बहुत सोच समझ कर पहली फिल्म की। इस फिल्म से पहले भी मेरे पास निर्माता-निर्देशकों के प्रस्ताव आए थे।
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जैसा कि आपने कहा यह सहज फैसला है, आपको नहीं लगता कि फिल्मों में ऐक्टिंग के लिए किसी तरह की तैयारी जरूरी होती है?


-मैं बचपन से ही स्टेज करती रही हूं। मैंने स्कूल और कॉलेज में परफॉरमेंस दिए हैं। अतः मेरे भीतर ऐक्टिंग को लेकर कोई झिझक नहीं थी। मुझे शुरू से स्टेज पर परफॉर्म करना और लोगों की तारीफ पाना अच्छा लगता था। इसके बाद मैंने मॉडलिंग भी की। इस कारण कैमरे को लेकर मुझमें कोई डर नहीं था।

फिल्में आपके लिए नया अनुभव हैं। इसमें क्या आपको आसान लगा और क्या कठिन?

सच कहूं तो आसान कुछ भी नहीं था। सब कुछ बहुत कठिन था। खास तौर पर आउटडोर शूटिंग तो बहुत ही थका देने वाली होती थी। हमें घंटों खड़ा रहना पड़ता था। कई बार ऐसा हुआ कि धूप में स्किन पूरी तरह से ब्लैक हो जाती थी! स्टंट सीन करना एक अलग चुनौती थी।

फिल्म में आपके हीरो शिव दर्शन की भी यह पहली फिल्म है। कैसा रहा उनके साथ काम करने का अनुभव?

शिव ने मुझे बहुत सपोर्ट किया। वह फिल्मी फैमेली से हैं। अतः वह फिल्मों के सेट पर कैसा माहौल होता है, शूटिंग में क्या मुश्किलें आती हैं, उससे अच्छी तरह वाकिफ थे। उन्होंने मुझे बहुत सपोर्ट किया। उनकी सबसे अच्छी बात उनका एनर्जी लेवल था। मुझे आश्चर्य होता था कि रीटेक के दौरान मैं खुद डाउन फील करने लगती थी, जबकि वह उतनी ही ऊर्जा से भरे रहते थे।

फिल्म में आपके रोल के बारे में बताइए?

मैं इसमें प्रीत नाम की लड़की की भूमिका निभा रही हूं। वह और कबीर (शिव दर्शन) दोनों बचपन के दोस्त हैं। लेकिन उनकी दोस्ती में प्यार के साथ एक प्रतिद्वंद्विता भी है। बड़े होने के बाद जब दोनों 12 साल बाद मिलते हैं तो प्रीत किन्हीं कारणों से कबीर से दूर जाना चाहती है। इस प्यार की अनोखी पहेली को ही फिल्म में दिखाया गया है।

सुनील दर्शन (निर्माता) ने प्रियंका चोपड़ा और लारा दत्ता जैसी हीरोइनों को इंडस्ट्री में ब्रेक दिया। ‘करले प्यार करले’ साइन करते वक्त क्या आपके दिमाग में यह बात थी?


सचाई यह है कि मैंने इस फिल्म को नहीं चुना था। सुनील सर ने मुझे इस फिल्म के लिए चुना। इसके लिए मैं खुद को बहुत भाग्यशाली महसूस करती हूं। आज की तारीख में हम सब जानते हैं कि सिर्फ खूबसूरत दिखाना फिल्मों में आने के लिए काफी नहीं है।

आपको इसके अलावा भी खुद को काफी ग्रो करना पड़ता है। इसमें संदेह नहीं कि सुनील सर इंडस्ट्री में मेरे गॉडफादर हैं। उन्होंने मुझे पर काम के लिए कोई प्रेशर नहीं डाला और न ही मेरे साथ अपने प्रोडक्शन हाउस के लिए एक से ज्यादा फिल्में करने का करार किया।


फिल्म में किसिंग सीन हैं। आप बिकनी में भी दिखेंगी। क्या पहली फिल्म थी, इसलिए ये सीन करने का कोई दबाव था?

ऐसा बिल्कुल नहीं है। चाहे किसिंग हो या फिर बिकनी... ये अब अनोखी बात नहीं रह गई है। किसिंग नॉर्मल लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं। बिकनी पहनने भी अब लड़कियां नहीं हिचकतीं। चाहे समुंदर का किनारा हो या स्वीमिंग पूल। ऐसे में अगर ये सीन फिल्म में हैं, तो इन पर बहुत आश्चर्य नहीं होना चाहिए। मैं जिस जनरेशन की हूं, वह इन बातों को लेकर बहुत कंफर्टेबल है।

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