विज्ञापन
विज्ञापन

बचपन में ऐसे मिठाई के डिब्बे चोरी करते थे अनिल कपूर

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 25 Jan 2013 04:30 PM IST
 i have done some mistakes in my life says anil kapoor
ख़बर सुनें
'रेस 2' आज रिलीज हो रही है, फिल्म में अनिल कपूर जहां पहले सीक्वल में एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभा रहे थे वहीं दूसरे सीक्वल में अनिल कपूर पुलिस अधिकारी नहीं है। ऐसा क्यों जानते हैं खुद अनिल कपूर से।
विज्ञापन
इस बार रॉबर्ट डिकोस्टा कितना अलग होगा?

'रेस' वन का मैं रॉबर्ट डिकोस्टा जरूर हूं लेकिन 'रेस' की  इस कड़ी में मैं पुलिस अधिकारी नहीं हूं। मैंने पुलिस की नौकरी छोड़ दी है। वीआरएस लिया है इसलिए काफी पैसे मिले हैं। अब जब पैसे ज्यादा आ गए हैं तो वो ज्यादा खर्च करता है। उसके रहन-सहन में काफी बदलाव आया है। इस फिल्म में भी उसकी जवान असिस्टेंट है। इस बार समीरा नहीं अमीषा पटेल मेरे साथ नजर आएंगी।

फिल्म में आपके साथ जॉन अब्राहम और सैफ अली खान जैसे अभिनेता भी हैं, 'रेस' एक स्टाइलिश फिल्म मानी जाती है ऐसे में क्या शूटिंग के वक्त इन अभिनेताओं के साथ आपको मैच करने में कोई दिक्कत पेश आयी?
मैं इस बात को मानता हूं कि इस फिल्म में मेरे साथ जॉन अब्राहम सैफ जैसे युवा हीरो हैं और 'रेस' काफी स्टाइलिश फिल्म है इसलिए मुझे अपने इन दो युवा कोस्टार को देखते हुए जमकर अपनी बॉडी पर मेहनत करना पड़ा ताकि परदे पर मैं उनको मैच कर सकूं लेकिन जहां तक बात असुरक्षा की है। यह बिल्कुल भी नहीं थी। उल्टे इन दोनों ने मुझे बहुत हद तक इंस्पायर किया है। वैसे परदे पर हम तीनों के किरदार एक दूसरे से बिल्कुल अलग है। तीनों की मौजूदगी से एक दूसरे से ऑन स्क्रीन कोई खतरा नहीं है बल्कि ये किरदार और रोचक बन जाते हैं। जॉन बुरा है सैफ सीरियस है तो फिल्म मेरा किरदार कॉमिक है। सभी का अलग अलग किरदार है साथ ही हम पहले भी साथ में काम कर चुके हैं; सैफ के साथ टशन और 'रेस' एवं जॉन के साथ 'शूटआउट एट वडाला' में। इसलिए हम एक दूसरे के साथ पूरी तरह से सहज थे।

फिल्म  'रेस' का हर किरदार अब तक ग्रे नजर आया है क्या निजी जिंदगी में भी आपका कोई ग्रे पहलू है?
हर इंसान ग्रे होता है। मैं भी अलग नहीं हूं। पिछले तीस सालों से मैं हीरो हूं। इंडस्ट्री में लोगों को देखता हूं तो कभी कभी मेरे दिमाग में भी आता है कि देखो वो अभिनेता शराब पीता है। उसने फिर अपनी गर्लफ्रेंड बदल ली और एक मैं हूं कि 35 साल से एक ही लड़की जो मेरी दोस्त थी और फिर मेरी बीवी बनी, उसी के साथ घूम रहा हूं। ये सब शैतानी बातें कभी-कभी मेरे दिमाग में भी आती रहती है। मैं भी दूध का धुला नहीं हूं। मेरे दिमाग में चलती रहती है और यह सब ग्रे हिस्सा ही है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ मैंने सोचा ही है। मैंने कुछ गलत काम किए भी हैं। मैंने बचपन में कुछ ऐसा किया है। जिनका मुझे आज भी अफ़सोस है जैसे पड़ोसी के बाग़ से उसके ताज़ा गुलाब के फूल तोड़ लेना। हमारे एक पड़ोसी रोज़ रात को टेम्पो से मिठाई के डिब्बे लाया करते थे। उनकी मिठाई की फैक्टरी हुआ करती थी। हम सारे दोस्त रात को उनके मिठाई के कई-कई डिब्बे चुरा लिया करते थी। फिर परीक्षा में नकल करना, वो भी बुरा ही था। मैं पढ़ सकता था लेकिन नकल के चक्कर में पढता नहीं था। नकल करने से मेरे नंबर तो अच्छे आ जाते थे पर वाकई जो योग्य होंगे उन्हें शायद मुझसे कम नंबर मिले हों। मुझे लगता है कि हम सभी ग्रे होते हैं। कोई भी पूरी तरह से पॉजीटिव या निगेटिव नहीं होता है।

तीन दशक लंबा समय इंडस्ट्री में बिताने के बाद आपकी किसी फिल्म को साइन करते हुए आपका अप्रोच क्या होता है? आपके लिए क्या बात सबसे ज्यादा मायने रखती हैं?
तीस सालों से मेरी प्राथमिकता हमेशा कुछ अलग करने की रही है फिर चाहे परदे पर मेरा किरदार हो या लुक। मैं अपनी हर फिल्म के साथ अपने लुक में एक्सपेरिमेंट करना चाहता हूं। मुझे लुक के साथ प्रयोग बहुत पसंद है। आप देखते होंगे। कभी मैं दाढ़ी बढा लेता हूं तो कभी बाल। हमेशा खुद को परदे पर नया देखना चाहता हूं। इसके साथ ही मैं एक बात और जोड़ना चाहूंगा। इतने साल इंडस्ट्री में गुजारने के बाद  कभी कभी आप किसी फिल्म से निर्माता निर्देशक, स्क्रिप्ट और पैसों के अलावा सफलता का एक अनुभव लेने के लिए जुड़ जाते ऐसा मौका मुझे 'रेस' टू ने दिया है इसलिए मैं इस फिल्म से जुड़ा हूं। वरना एक एक्टर के तौर पर मुझे यह फिल्म कुछ खास उत्साहित नहीं करती है।

आप हर जॉनर की फिल्में कर चुके हैं, एक एक्टर के तौर पर आपको सबसे मुश्किल किस जॉनर की फिल्म लगती है?
मुझे सबसे ज्यादा मुश्किल कॉमेडी जॉनर की फिल्म लगती है। एक्शन फिल्म को आप कैमरे के एंगल, केबल वायर के जरिए भव्य बना सकते हैं। रोमांटिक फिल्मों को खूबसूरत लोकेशन और खूबसूरत चेहरों से सुंदर बनायी जा सकती है लेकिन कॉमेडी में ऐसा नहीं है। कॉमेडी में खुद के साथ साथ सामने वाले के अभिनय पर भी आपकी एक्टिंग निर्भर करती है। गोविंदा, श्री देवी, जुही चावला , नाना पाटेकर, जॉनी लीवर ऐसे को स्टार है। जिनके साथ मैंने कॉमेडी को हमेशा इंज्वॉय किया।

आपकी क्या यूएसपी है जो इतने लंबे समय तक आप हीरो के रुप में कदम जमाए हुए हैं?
मेरी मेहनत ही मेरी ताकत है। इसके अलावा मेरा सब्र और मैं दूसरों की कामयाबी से जलता नहीं हूं बल्कि मैं लोगों को एपरिसिएट करना जानता हूं। जिस किसी में भी यह गुण और थोड़ी सी किस्मत होगी। वह जरूर कामयाब होगा। यह मेरा मानना है।

इंडस्ट्री में आपने तीन दशक से भी ज्यादा समय बिता लिया है। ऐसे में पीछे मुड़कर देखते हैं तो क्या पाते हैं।
पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है। मैं कुछ भी नहीं भूला हूं। फिर चाहे चेंबूर के चॉल में मेरा बचपन हो या इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मेरा स्ट्रगल सब कुछ मुझे अच्छी तरह से याद है। कहने को मेरे पिताजी निर्माता थे लेकिन हमारी आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। पिताजी के दिल के दौरे के कारण मुझे इंटर के बाद अपनी पढ़ाई छोडऩी पड़ी।मैं बोनी के साथ प्रोडक्शन में हाथ बंटाने लगा। एक्टिंग का प्रशिक्षण लेने गया पर पूना फिल्म इंस्टीट्यूशन के रिटन एग्जाम में ही फेल हो गया पर रोशन तनेजा के एक्टिंग स्कूल में मुझे एडमिशन मिल गया। एडमिशन मिला पर काम नहीं।

उसी दौरान जाने-माने फिल्मकार बापू ने मुझे दक्षिण की एक फिल्म में काम करने का ऑफ़र दिया पर उनके डांस के ऑडीशन में मेरा पैर टूट गया। वो फिल्म भी हाथ से चली गयी। फिर हिंदी से तमिल तेलुगू तक कई फिल्मों में छोटे मोटे रोल किए। मुझे वो सात दिन के हीरो बनने के लिए भी बहुत पापड़ बेलने पड़े। 'वो सात दिन' साउथ की फिल्म 'अंध अटकल' पर आधारित थी। उसके राइट्स के लिए हमें 75000 चाहिए थे। जो हमारे पास नहीं थे। तब 50000 संजीव कुमार और शबाना आज़मी ने चुकाए थे। बाकी हमने उधार लिया और बड़ी मुश्किल से मेरा हीरो बनने का सपना साकार हुआ था। देर से ही सही मेरी मेहनत, परिवार की दुआएं और शुभचिंतकों की शुभकामनाएं काम आ ही गयी और यह अब तक बरकरार है।मैं खुद को लकी मानता हूं।  यह बात वाकई बहुत सुकून देती है कि पिछले तीस साल से मैं इंडस्ट्री में हूं और अब तक मैं ही यह बात तय करता हूं कि मुझे किस फिल्म में रहना है या नहीं न कि निर्माता निर्देशक यह कहते हैं  कि हमने आपको बहुत कास्ट कर लिया।अब आराम करो। मेरी पसंद का काम यूं ही मिलता रहे बस यही दुआ है।

तीन दशक में आपने इंडस्ट्री में कितना बदलाव पाया है?
बहुत सारी चीजें में बदलाव हुआ है। फिल्मों की मेकिंग अब बिल्कुल ही प्रोफेशनल तरीके से होती है लेकिन मीडिया की दखलअंदाजी बढ़ी है। अब हीरो एक कान में बाली पहन ले तो वो ब्रेकिंग न्यूज बन जाती है। मुझे याद है फिल्म '1942 ए लव स्टोरी' के दौरान मैंने अपना लुक चेंज किया था। विधु विनोद चोपड़ा ने मीडिया को भी बुलाया था लेकिन कोई नहीं आया था। क्योंकि उस वक्त यह कोई खबर ही नहीं थी। 'लम्हे' के लिए मैंने मूंछे साफ कर दी थी लेकिन 'दबंग' में सलमान के मूंछे उगाने जैसी चर्चा उस खबर को नहीं मिली थी। अब तो सितारे कुछ भी कर ले वो खबर है।

टेलिविजन सीरिज '24' से कैसी उम्मीदें हैं और इसका आइडिया आपके दिमाग में कैसे आया?
'24' से बहुत उम्मीदें हैं। हमारी कोशिश है कि भारत में टीवी शो का स्तर और ऊंचा हो।हम अपनी क्षमता से इसे नई ऊंचाई तक ले जाएंगे। शो का स्केल ऊंचा होगा तो दर्शकों को पूरा मजा आएगा। जहां तक आइडिया की बात हैं तो  मैं अमेरिका में ‘24’  टीवी शो की शूटिंग कर रहा था। तीन-चार एपीसोड करने के बाद ऐसा लगा कि इसमें कुछ बात है। अगर भारत में इसे ले जाया जाए तो दर्शक पसंद करेंगे। ऐसा लगने पर मैंने ‘24’ के पहले के भी सीजन देखे। मुझे यह भारत के लिए प्रासंगिक शो लगा। मैंने बात की। हावर्ड कोर्डन ने मेरी मदद की

सोनम की एक्टिंग की बजाए कपड़ो की ज्यादा चर्चा होती है ये बातें आपको परेशान नहीं करती हैं?
बिल्कुल भी नहीं, सोनम आज के दौर की एक स्टाइल आइकॉन है। जहां तक अभिनय की बात है । उसने 'सांवरिया', 'दिल्ली 6' हो या 'मौसम' सभी में अपने को साबित किया है।

सोनम की बेहतरीन ड्रेसिंग सेंस का यह गुण किससे आया है?
निश्चित तौर पर उसकी मां सुनीता से। मैं तो चेम्बूर की छोटी सी चॉल में रहने वाला हूं। स्टाइल स्टेटमेंट की बातें न तो तब समझ में आती थी और न अब। वैसे सोनम अपने कपड़ो में जो रंगो का चुनाव करती हैं। मुझे वह बहुत पसंद है।

आपके बेटे हर्षवर्धन भी क्या फिल्मों में नजर आएंगे?
हां फिल्मों में अपना कैरियर वह भी बनाएगा लेकिन उसकी रूचि लेखन मे है। वह न्यूयॉर्क में लेखन की पढ़ाई कर रहा है। मुझे लगता है कि उसने सबसे ज्यादा मुश्किल काम चुना है। एक्टर की मदद डायरेक्टर कर सकता है। डायरेक्टर की मदद स्क्रिप्ट लेकिन लेखक की मदद कोई नहीं करत। उसे अकेले कमरे में पेन और कागज या अपने लैपटॉप पर कहानी लिखनी है।

आपकी पत्नी सुनीता कपूर ने हमेशा मीडिया से दूरी बनाये रखी है इसकी कोई खास वजह?
यह फैसला उसने शुरुआत में ही ले लिया था। वह एक होम मेकर है उसे यह रोल किसी भी अन्य रोल से ज्यादा प्यारा है। वह एक घरेलू आम औरत की तरह अपने बच्चों की परवरिश करना चाहती है। अगर उसे अपनी तस्वीरें टीवी में देखने का शौक होता तो मुझे नहीं लगता कि हमारी जिंदगी इतनी आसान होती। मैं और मेरे बच्चे सुनीता के हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे।

आप दिन ब दिन आकर्षक और फिट नजर आ रहे हैं इसका राज क्या है?
एक्सरसाइज और संतुलित खान पान के साथ जिंदगी में पॉजिटिव थिकिंग सबसे अहम है।

इस फिल्म के अलावा आपकी आनेवाली फिल्में कौन सी हैं?
'शूटआउट एट वडाला' में मैं एक पुलिस के किरदार में हूं। यह मेरा  काफी चैलेंजिग किरदार होगा। इस फिल्म का मुझे बेसब्री से इंतजार है।
विज्ञापन

Recommended

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण
Niine

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Crime Archives

यूपी: रामलीला मंच पर डांस करने को लेकर विवाद, गोलीबारी में किशोर घायल

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में रामलीला में डांस को लेकर लोगों में जमकर मारपीट हो गई। झगड़ा इतना बढ़ गया कि इस दौरान रामलीला मंच पर तोड़फोड़ कर दी और फायरिंग भी हुई। फायरिंग करते समय छर्रा लगने से एक किशोर घायल हो गया...

15 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

दबंग 3 का ट्रेलर लॉन्च, अपनी शादी को लेकर सलमान खान ने दिया ये जवाब

सलमान खान की फिल्म दबंग 3 का ट्रेलर लांच हो गया। मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में 'चुलबुल पांडे' फिल्म की पूरी टीम के साथ पहुंचे। देखिए रिपोर्ट

23 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election