मेरे नसीब में यह फिल्म लिखी थी: अली फजल

हरि मृदुल/अमर उजाला,मुंबई Updated Thu, 10 Oct 2013 06:18 PM IST
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नॉन फिल्मी बैकग्राउंड के जिन नए एक्टरों ने अपनी ओर ध्यान खींचा है, उनमें एक अली फजल भी हैं। ऑलवेज कभी कभी, 3 इडियट्स और फुकरे के बाद अब उनकी नई फिल्म बात बन गई रिलीज होने जा रही है। शुजा अली के निर्देशन में बनी इस कॉमेडी फिल्म में अली फजल ने डबल रोल निभाया है। उनसे बातचीत की हरि मृदुल ने
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आप तो नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से हैं। आपने कब सोचा कि आपको प्रोफेशनल एक्टर बनना है?

मुझे याद नहीं है कि एक्टिंग को प्रोफेशन बनाने की बात कब मन में आई। मैं तो देहरादून के प्रसिद्ध दून कॉलेज में पढ़ता था। मैं डॉक्टर बनना चाहता था, लेकिन एक दिन मैंने महसूस किया कि मेरा मन तो एक्टर बनने के लिए मचल रहा है। पढ़ाई के दौरान ही मैंने शेक्सपियर के नाटक किए। मुझे अभिनय में मजा आने लगा, तो निश्चय कर लिया कि अब एक्टिंग को ही कैरियर बनाना है।

'बात बन गई' के जरिए हीरो बनने का चांस कैसे मिला?

शायद मेरे नसीब में यह फिल्म लिखी थी। दरअसल शुजा अली को इस फिल्म के लीड किरदार के लिए एक फ्रेश चेहरा चाहिए था। बस समझिए कि मेरा नंबर लग गया।

'फुकरे' जैसी हिट फिल्म में होने की वजह से आपको कितना फायदा पहुंचा है?
इसमें कोई शक नहीं है कि फुकरे में काम करने के बाद ही मुझे एक नई पहचान मिली है। लेकिन बात बन गई मेरी पहले साइन की गई फिल्म है।


यह फिल्म पूरी होने के बाद भी साल भर से अटकी हुई थी। लेकिन कहते हैं ना कि जो होता है, अच्छे के लिए होता है। इस समय छोटी फिल्मों को भी दर्शक पूरा महत्व दे रहे हैं। बात बन गई सही समय पर रिलीज हो रही है।


'बात बन गई' में आपका डबल रोल है। क्या आपको लगता है कि डबल रोल वाला दशकों पुराना फार्मूला अब भी बॉक्स ऑफिस पर हिट होगा?
बात सिर्फ कॉमेडी की है। कॉमेडी के लिए हमेशा ही इस किस्म का फार्मूला कारगर रहा है। वैसे भी कॉमेडी में कल्पना की उड़ान ही काम करती है। गौर करने की बात तो यह है कि इस दौरान डबल रोल वाली बहुत सारी फिल्में बन रही हैं। यानि हमारा अपनाया फार्मूला दूसरों को भी लुभा रहा है।


लेकिन इधर तो दर्शकों को ग्रांड मस्ती जैसी फिल्म की अश्लील कॉमेडी लुभा रही है। ऐसे में बात बन गई की कॉमेडी कितना काम करेगी?

कई फिल्में ऐसी आती हैं, जो दर्शकों का टेस्ट बिगाड़ देती हैं। मुझे भरोसा है कि बात बन गई की कॉमेडी रुचिकर साबित होगी। दर्शक इसे जरूर पसंद करेंगे।


अभिनय के क्षेत्र में आपके आदर्श कौन हैं?

दिलीप कुमार साहब। मेरे दादा जी के भी प्रिय कलाकार वही रहे हैं और मेरे भी। वे कालजयी अभिनेता हैं। हर पीढ़ी उनसे सीखती है। आज के एक्टरों में मुझे रणबीर कपूर से काफी प्रेरणा मिलती है।
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