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हेलन ने आइटम गर्ल के रूप में बनाई अलग पहचान
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 21 Nov 2012 01:28 PM IST
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21 नवंबर 1939 को बर्मा में जन्मी हेलन खान आज किसी परिचय की मोहताज नहीं। बॉलीवुड में आइटम गर्ल के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली हेलन का आज 73वां जन्मदिन है। हेलन बॉलीवुड की ऐसी आइटम गर्ल रहीं जिन्होंने अपने बोल्ड और बिंदास रूप में बॉलीवुड में उस समय तहलका मचाया जब फिल्मों में आइटम नंबर्स का ट्रेंड शुरू ही हुआ था।
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शुरूआती जीवन और कॅरियर
एंग्लो इंडियन फादर और बर्मीज मदर के यहां जन्मी हेलन अपने पिता की मौत के बाद पूरे परिवार के साथ मुंबई रहने चली आई। बॉलीवुड में हेलन की शुरूआत बतौर डांसर ही हुई थी बेशक, हेलन ने बाद में फिल्मों में एक्ट्रेस और सपोर्टिंग रोल भी किए।
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13 साल की उम्र में ग्रुप डांस की दर्जनों डांसर्स के बीच हेलन को डांस करने का मौका भी मिला। 50वें दशक की मशहूर डांसर कुक्कू के कारण ही हेलन के फिल्मी कॅरियर की शुरूआत हुई। हेलन सबसे पहले कोरस डांसर के रूप में 1951 में फिल्म 'शबिस्तां' और 'आवारा' में नजर आई। उसके बाद 1953 में 'अलिफ लैला' फिल्म में सोलो डांस परफॉमर के रूप में नजर आईं। इसके बाद तो जैसे हेलन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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हेलन ने अपने पूरे फिल्मी कॅरियर में लगभग 500 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया। जिसमें उन्होंने, नायिका, डांसर, आइटम गर्ल, सपोर्टिंग करैक्टर जैसी अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। परदे पर फिल्म 'मोहब्बतें' में हेलन आखिरी बार दिखाई दीं।
लव लाइफ
हेलन की लव लाइफ में कई उतार-चढ़ाव आए। हेलन के डांस को पसंद करने वाले निर्माता पी.एन.अरोड़ा ने उन्हें अपने बैनर तले बनी फिल्म ‘रेल का डिब्बा’ में बतौर डांसर के रूप में साइन किया। साथ काम करते-करते कब ये दोनों एक-दूसरे को अपना दिल दे बैठे पता ही नहीं चला। आखिरकार दोनों ने शादी कर ली।
शादी के बाद कॅरियर और लाइफ
हर लड़की की तरह हेलन भी अपनी शादीशुदा जिंदगी को खुशी-खुशी जीने लगी। लेकिन जल्द ही उनकी खुशियों को ग्रहण लग गया और उनके संबंधों में खटास आनी शुरू हो गई। हेलन के पति पी.एन.अरोड़ा ने उनके साथ मार-पीट करना शुरू कर दिया और उन्हें सताने लगे। लेकिन हेलन में फिल्मों में काम करना नहीं छोड़ा। दोनों के बीच बहुत सी बातों को लेकर झगड़े होने लगे। आखिरकार हेलन ने अलग होने का फैसला किया।
पति से अलग होने के बाद हेलन कई मुश्किलों से गुजरी क्योंकि उनके पास गुजारा करने तक के लिए पैसे नहीं थे। ऐसी खबरें भी आई की उनके पति ने उनसे सब कुछ हड़प लिया था जिसके कारण मजबूरी में हेलन को बी और सी ग्रेड की फिल्मों में काम करना पड़ा।
ऐसे हालातों में हेलन के फैंस भी कम होने लगे और उन्हें बतौर नायिका भी लोग नापसंद करने लगे। इसी दौरान उन्हें नई हीरोइनों ने रिप्लेस करना शुरू कर दिया। लेकिन हेलन ने हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष करती रहीं।
सलीम ने दिया साथ
सब तरफ से मुसीबतें आने पर हेलन को सहारा देने आगे आए सलमान खान के पिता और पटकथा लेखक सलीम खान। सलीम ने ना सिर्फ हेलन की मदद की बल्कि हेलन का सही मार्गदर्शन भी किया।
आखिरकार घरवालों के थोड़े मनमुटाव के बाद सलीम ने अपनी पत्नी सलमा को मनाते हुए हेलन से दूसरी शादी कर ली, इस फैसले को बाद में सभी घरवालों ने स्वीकार भी किया। आज हेलन अपनी लाइफ में बेहद खुश हैं और उनके परिवार वाले उनका बेहद सम्मान करते हैं।
अवार्ड
फिल्म 'गुमनाम' में पहली बार हेलन को सर्वश्रेष्ठ सह अदाकारा के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया। हेलन 'शिकार' (1968), 'ऎलान' (1971) और 'खामोशी: द म्यूजिकल' (1996) के लिए भी सर्वश्रेष्ठ सह अदाकारा के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित हुई। 1998 में हेलन को फिल्मों में दिए गए अपने योगदान के लिए फिल्मफेयर का लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला। 2009 में हेलन को पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया। 'लहू के दो रंग' (1979) के लिए हेलन को फिल्मफेयर का बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला।
देखिए, हेलन पर फिल्माए गए कुछ गीत
मिस्टर जॉन, ओ बाबा खान
मेरा नाम चिन चिन चू, रात चांदनी मैं और तू हल्लो मिस्टर हाऊ डू यू डू
ऊई मां ऊई मां ये क्या हो गया
ओ हसीना जुल्फों वाली जाने जहां ढूंढती हैं आंखें जिसका निशां
आ जाने जां, आ मेरा ये हुस्न जवां जवां तेरे लिए है
महबूबा महबूबा
आज की रात कोई आने को है रे बाबा, कोई आने का है
पिया तू अब तो आ जा
मूंगडा मूंगडा मैं गुड की ढली मंगता है तो आजा रसिया नही तो मैं ये चली
ये मेरा दिल प्यार का दीवाना, दीवाना मस्ताना प्यार का दीवाना