बॉलीवुड के रोमांस किंग हैं यश साहब

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 27 Sep 2012 10:42 AM IST
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बॉलीवुड में रोमांस के अलग-अलग स्वरूप को परदे पर ढालने वाले यश चोपड़ा का आज जन्मदिन है। बॉलीवुड में यश चोपड़ा ने रोमांस को जितने रंगों में दिखाया उतना बॉलीवुड का कोई निर्देशक नहीं दिखा सका, इसीलिए यश चोपड़ा को बॉलीवुड का रोमांस किंग यानी ‘किंग ऑफ रोमांस’ कहा जाता है। यश चोपड़ा ने रोमांस को जुनूनी तौर पर, पागलपन के तौर पर, कुर्बानी के तौर पर, दु:ख-दर्द बांटने के तौर पर, कॉमेडी और थ्रिलर के साथ यानी हर तरह से प्यार को दिखाने की कोशिश की। यश चोपड़ा वहीं शख्सियत हैं जिन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर प्यार और रोमांस की नई परिभाषा गढ़ी।
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यश चोपड़ा की लाइफ
यश साहब का जन्म लाहौर में 27 सितंबर, 1932 को हुआ। इनके बड़े भाई बी.आर. चोपड़ा बॉलीवुड के नामी निर्माता-निर्देशक थे। अपने बड़े भाई से ही प्रेरित होकर यश साहब ने फिल्मों में हाथ आजमाया। यश चोपड़ा के भाई ही नहीं बल्कि इनके दोनों बेटे आदित्य चोपड़ा और उदय चोपड़ा भी फिल्मों में सक्रिय हैं। यश साहब ने अपने कॅरियर की शुरूआत अपने भाई के साथ बतौर सह-निर्देशक के रूप में की। जिस दौरान इन्होंने ‘नया दौर’, ‘एक ही रास्ता’ और ‘साधना’ जैसी फिल्मों के लिए काम किया।
बतौर निर्देशक यश चोपड़ा
यश चोपड़ा ने बतौर निर्देशक 1959 में काम करना शुरू किया। निर्देशक के रूप में भी यश साहब ने अपने भाई के सान्निध्य में फिल्म ‘धूल का फूल’ और ‘धर्म पुत्र’ निर्देशित की। 1965 में यश साहब की ‘वक्त’ फिल्म हिट रही, इसके बाद तो यश साहब ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन फिल्म निर्माण में इन्हें 1973 में फिल्म ‘दाग’ से बॉलीवुड में अलग पहचान मिली। इसके बाद फिल्म ‘दीवार’ ने यश साहब को नामी निर्देशकों की फेहरिस्त में शामिल कर दिया। यश साहब ने लगभग 21 फिल्मों का निर्देशन और 40 फिल्मों का निर्माण किया।
 
बीच-बीच में ब्रेक भी लिया
ऐसा नहीं है कि यश साहब ने कभी फ्लॉप फिल्में नहीं दी। इन्हें 80 के दशक में असफलता का मुंह देखना पड़ा। इतना ही नहीं यश साहब ने कुछ सालों तक निर्देशन ना करने का भी फैसला किया। लेकिन एक लंबे अंतराल के बाद इन्होंने ‘वीर जारा’ से इन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में वापसी की। एक बार फिर से यश साहब शाहरूख खान स्टारर फिल्म ‘जब तक है जान’ से वापसी कर रहे हैं।

यश साहब की हिट फिल्में
यश साहब ने एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी हैं। उनकी बतौर निर्माता- निर्देशक कुछ हिट फिल्में है-  ‘दीवार’, ‘कभी कभी’, ‘डर’, ‘चांदनी’, ‘सिलसिला’, ‘दिल तो पागल है’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘इत्तेफाक’, ‘सिलसिला’, ‘दीवार’, ‘वो लम्हे’ और ‘वीर जारा’। इसके अलावा कुछ अन्य फिल्में 'हम-तुम', 'सलाम नमस्ते', 'साथिया', 'दूसरा आदमी', 'फना', 'नूरी', 'डर', 'ये दिल्लगी', 'काला पत्थर', 'मोहब्बतें', 'बंटी और बबली', 'मुझसे दोस्ती करोगे', 'धूम', 'धूम-2', 'काबुल एक्सप्रेस', 'चक दे', 'मेरे यार की शादी है', 'न्यूयार्क', 'रब दे बना दी जोड़ी' इत्यादि है।

अवार्ड
यश साहब को लगभग 11 फिल्म फेयर अवार्ड मिल चुके हैं। जिन फिल्मों के लिए ये पुरस्कार मिले, वे हैं- ‘वक्त’, ‘इत्तेफाक’, ‘दाग’, ‘दीवार’, ‘लम्हे’, ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जायेंगे’, ‘दिल तो पागल है’, ‘वीर जारा’। इन फिल्मों के लिए यश साहब को सर्वश्रेष्ठ निर्माता और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के रूप में सम्मानित किया गया। यश साहब को फिल्म जगत में अपने योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा ‘पद्म भूषण’ और फिल्म जगत के सर्वोच्च सम्मान ‘दादा साहब फाल्के’ से भी नवाजा गया।

इतना ही नहीं, यश जी को फ्रांस का सर्वोच्च ऑफिसियर डी ला लेजन से भी सम्मानित किया गया। स्विस सरकार ने भी इन्हें ‘स्विस एंबेसडरर्स अवार्ड 2010’ से नवाजा। पिछले पांच सालों में यश साहब का बॉलीवुड में योगदान अतुलनीय है।

आप भी रोमांस के इस जादूगर को हमारे साथ जन्मदिन की बधाईयां दें।आप भी रोमांस के इस जादूगर को हमारे साथ जन्मदिन की बधाईयां दें।
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