फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Entertainment Archives ›   gangs-of-wasseypur-2

गैंग्स आफ वासेपुर-2

Wed, 08 Aug 2012 03:41 PM IST
Updated Wed, 08 Aug 2012 03:41 PM IST
विज्ञापन
gangs-of-wasseypur-2
निर्देशक: अनुराग कश्यप
विज्ञापन


निर्माता: अनुराग कश्यप, सुनील बोहरा, गुनीत मोंगा

बैनर: वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स

संगीत: स्नेहा खानवलकर

कलाकार: मनोज बाजपेयी, नवाजुद्दीन सिद्दकी, पियूष मिश्रा, रीमा सेन, जयदीप अहलावत, रिचा चड्ढा, हुमा कुरैशी, राजकुमार यादव, तिग्मांशु धुलिया

कहानी: इस हिस्से में सरदार खान की मौत के बाद की घटनाओं को समेटा गया है। जैसा कि पहले भाग में दिखाया गया था फिल्म की शुरुआत खान फैमली के घर पर हमले से शुरु होती है। इसके बाद पूरी कहानी फ्लैशबैक में चलती है। फिल्म के इस हिस्से में दर्शक वापस उसी मोड़ पर आते हैं। पिछले भाग की तरह इस बार भी दो गुटों के बीच छोटे-छोटे टकरावों में फिल्म की कहानी घूमती रहती है।
विज्ञापन


इस हिस्से में यह देखना दिलचस्प है कि कैसे बदलते समय के साथ-साथ वासेपुर के माफिया भी अपने तौर-तरीके बदलने लगे। इस कड़ी का सबसे बड़ा आकर्षण यह देखना है कि कैसे एक गांजा पीने वाला, सबसे नाकार समझा जाने वाला एक आवारा सा लड़के से पूरा वासेपुर थर्राने लगता है और दो पीढ़ियों के बाद अंत में वही रामाधीर सिंह से सही मायनों में टक्कर ले पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस फिल्म की सबसे खटकने वाली कमी यह है कि इतनी लंबी तीन पीढ़ियों की कहानी को समेटने वाली फिल्म को अनुराग कश्यप सही मायनों में एक एपिक का दर्जा नहीं दे सके। फिल्म दो गुटों के बीच लड़ाई-झगड़े में ही भटकती रह जाती है। हर कैरेटक्टर को रियलिस्टिक टॅच देने में वे उन्हें पर्याप्त गहराई न दे सके। जिन लोगों ने अपनी छाप छोड़ी वह उनके अभिनय का कमाल है, पटकथा में उनके लिए बहुत कम गुंजाइश थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed