फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Entertainment Archives ›   Flashback: Gulzar and Rakhi love story

प्रेमविवाह किया, लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था

Fri, 23 Oct 2015 06:11 PM IST
Updated Fri, 23 Oct 2015 06:11 PM IST
विज्ञापन
Flashback: Gulzar and Rakhi love story

संपूर्ण सिंह कालरा उर्फ गुलजार ने जब राखी से प्रेम विवाह किया था, तब राखी बॉलीवुड में शोहरत की बुलंदी पर थीं। शादी के पहले गुलजार ने साफ कह दिया था कि वह शादी के बाद फिल्मों में काम नहीं करेंगी। और राखी ने इस बात का वायदा भी किया था।

विज्ञापन


लेकिन राखी को इस बात की पूरी उम्मीद थी कम से कम गुलजार अपनी फिल्मों में उसे हीरोइन के रूप में जरूर लेंगे। लेकिन गुलजार भले ही बंगाली टेस्ट की फिल्में बनाते हों, लेकिन हैं तो पंजाबी ही, उन्होंने राखी को सिर्फ अपने दिल की ही हीरोइन बनाकर रखना ठीक समझा।
विज्ञापन


राखी का कहना था कि वह मानती हैं उसने काम न करने का वायदा किया था और उसके ऐसे ही विचार भी थे लेकिन आदमी समय के साथ-साथ विचार भी बदल लेते हैं। मैं आखिर खाली समय में करूं भी क्या? घर पर बैठे-बैठे बोर होती रहती हूं इसलिए मैंने फैसला किया कि गिनी-चुनी फिल्मों में काम करूंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


राखी ने फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। दोनों के बीच इसे लेकर झगड़े शुरू हो गए। झगड़े को और हवा दे दी  शर्मिला टैगोर ने। दरअसल राखी और शर्मिला ने साथ में फिल्म ‘दाग’ में काम किया था, लेकिन दोनों की आपस में बनी नहीं। दोनों उस फिल्म के बाद बातचीत तो क्या आमने-सामने आने को भी तैयार नहीं थीं।

उन्होंने राखी को अपनी किसी फिल्म में नहीं लिया

Flashback: Gulzar and Rakhi love story

यह सब जानते हुए भी गुलजार ने अपनी फिल्म ‘मौसम’ में शर्मिला को लिया। शर्मिला ने इठलाकर मीडिया के सामने गुलजार के खूब गुण गाए। शायद शर्मिला ने राखी को सिर्फ जलाने के लिए ही ऐसा किया था। लेकिन नतीजा कुछ ठीक नहीं निकला।

इसके बाद गुलजार की कईं फिल्में आईं, लेकिन उन्होंने राखी को अपनी किसी फिल्म में नहीं लिया। राखी इस बात से नाराज थीं। तलाक के कागजात तैयार हो गए, लेकिन आखिरी घड़ी इसलिए नहीं आई है कुछ भले लोग बीच में पड़े हुए थे जो चाहते थे कि बच्ची (बोस्की) की खातिर ही इन दोनों में समझौता हो जाए।

लेकिन दोनों अपनी बात पर अड़े रहे। गुलजार का कहना था कि वह तभी राखी को स्वीकार करेंगे, अगर वह फिल्मों में काम नहीं करेंगी। उधर राखी का कहना है, वह कुछ चुनी हुई फिल्मों में जरूर काम करेंगी। बस इसी बात पर दोनों ने अपनी राहें अलग कर लीं। इनके प्यार की कहानी पूरी होने के बाद भी अधूरी रह गई।

आज भी गुलजार की कामयाबी पर राखी मुस्कुराती हैं और गुलजार अपनी कविताओं में राखी को याद करते हैं। कहा तो यह भी जाता है कि फिल्म इश्कियां का हिट सांग दिल तो बच्चा है... को गुलजार ने राखी के लिए ही लिखा था.. जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी में राखी की अहमियत बताई थी और अपनी खता के लिए माफी भी मांगी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed