फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Entertainment Archives ›   Farhan akhtar during wazir promotions

अब भी फरहान अख्तर को याद है रितिक रोशन का थप्पड़

Wed, 06 Jan 2016 01:19 PM IST
Updated Wed, 06 Jan 2016 01:19 PM IST
विज्ञापन
Farhan akhtar during wazir promotions

आगामी 8 जनवरी को रिलीज होने जा रही फिल्म वजीर को लेकर अभिनेता फरहान अख्‍तर और अदिति राव बेहद उत्साहित हैं। दिल्‍ली के होटल ले मारिडियन में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं।

विज्ञापन


निर्देशक बेजॉय नांबियर, निर्माता विधू विनोद चोपड़ा और लेखक अभिजात जोशी ने फिल्म को लेकर अपनी बातें शेयर कीं।

साल के शुरुआत में अपनी फिल्म रिलीज करने को लेकर फरहान ने कहा, 'जनवरी में रिलीज फिल्में अक्सर अच्छा करती हैं क्योंकि लोग नए जोश के साथ फिल्म देखने जाते हैं। उन्हें भी वजीर के लिए ऐसी ही उम्मीद है।'
विज्ञापन


अपनी पिछली फिल्मों से इसकी तुलना पर फरहान कहते हैं, 'इस फिल्म में उन्हें पहली बार दूसरों को पीटने का मौका मिला है। 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा' में रितिक रोशन के थप्पड़ खाए हैं, 'भाग मिल्खा भाग' में भगा भगा कर अच्छी धुलाई हुई। अब इस फिल्म में मुझे लोगों को पीटने का मौका मिला है।' उल्लेखनीय है कि वजीर में फरहान एक एटीएस अफसर के किरदार में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सेंसर बोर्ड की कांट-छांट पर बोले फरहान

Farhan akhtar during wazir promotions

इन दिनों सेंसर बोर्ड के सख्त रवैये पर फरहान अख्तर का कहना है कि सेंसर बोर्ड में श्याम बेनेगल का नया पैनल बेहतर काम करेगा।

यही नहीं, उन्होंने यह भी बताया कि उनकी फिल्म वजीर में कोई काट-छांट नहीं की गई है। फहरान ने साफ किया कि उनकी फिल्म में कोई उत्तेजक या आपत्तिजनक सीन नहीं था।

खबरें थी कि वजीर में भी फहरान और अदिती का एक अंतरंग सीन था जिसे सेंसर बोर्ड ने कटवा दिया था। लेकिन फरहान ने इसे नकारा है।

ऐसे दृश्यों को लेकर फरहान का कहना है कि वही दृश्य किसी को उत्तेजक लग सकता है और वहीं दृश्य किसी को उत्तेजक नहीं लग सकता है। सबकी अपनी-अपनी समझ है।

ऐसे में सेंसर को किसी दृश्य पर आपत्ति हो जाएगी। इसका अंदाजा लगा पाना कठिन है। इसलिए किरदार की मांग पर निर्देशक सभी दृश्य शूट करता हैं।

उल्‍लेखनीय है कि हाल ही में अभिनेत्री तनिष्ठा चटर्जी ने सवाल उठाया था कि अगर उत्तेजक दृश्य सेंसर हो जाने हैं तो निर्देशक ऐसे सीन फिल्‍माते क्यों हैं?

दूसरे निर्देशकों की फिल्में कितना हस्तक्षेप करते हैं फरहान?

Farhan akhtar during wazir promotions

फरहान अख्तर ने अपने करियर की शुरुआत एक फिल्म निर्देशक के तौर पर की थी। उन्होंने डॉन, लक्ष्य, दिल चाहता है जैसी फिल्में बनाई हैं। ऐसे में जब फरहान दूसरे निर्देशक के साथ अभिनेता के तौर पर काम करते हैं, तो क्या निर्देशन में भी उनका हस्तक्षेप होता है?

इस पर फरहान कहते हैं कि उन्होंने अकेले ही नहीं, बल्कि इस टीम के हर सदस्य ने जरूरत पड़ने पर अपना सुझाव रखा है जो कि फिल्म के लिए अच्छा होता है।

यही नहीं, वजीर की हीरोइन अदिती राव ने भी जरूरत पड़ने पर अपने सझाव रखे हैं। अदिति के मुताबिक फिल्म में उनका शास्त्रीय नृत्य भी है और असल जिदंगी में भी वे डांस के काफी करीब है। इसलिए फिल्म के दौरान उन्हें जहां जरूरी लगा, डांस को लेकर अपना सुझाव दिया।

हालांकि अदिति यह भी बताती हैं कि निर्माता विधू विनोद काफी सख्त हैं। उन्हें जो अच्छा नहीं लगता, मुंह पर बोल देते हैं। इससे उन्हें सुधार करने का मौका मिला।

अमिताभ के बारे में क्या है फरहान की राय

Farhan akhtar during wazir promotions

फहरान अमिताभ के साथ पहले भी फिल्म लक्ष्य में काम कर चुके हैं लेकिन निर्देशक के तौर पर। फरहान से पूछा गया कि इस फिल्म में अमिताभ के साथ को-एक्टर के तौर पर काम करना कितना मुश्किल था तो उन्होंने बताया कि ऐसी स्थितियों में जिम्मेदारी और भूमिका बदल जाती है।

उन्होंने कहा,''अमिताभ उसमें भी एक्टर थे और इसमें भी तो वे नहीं बदले लेकिन मेरी भूमिका बदली है। चूंकि मैं निर्देशक रह चुका हूं तो सीन और शॉट की जरूरतों को समझता हूं। लेकिन उनके साथ काम करना हमेशा ही अच्छा लगता है।''

अमिताभ बच्चन ने अपने एक पूर्व इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने फरहान को काम में बढ़ते हुए देखा है इसलिए उनके साथ काम करना एक चुनौती है।

अमिताभ के इस जवाब पर फरहान की प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा,'' खुद अमिताभ बच्चन जैसे उम्दा कलाकार का यह कहना कि उन्हें चुनौती लगती है, सुन कर यकीन ही नहीं होता।''

पीके के सह-लेखक अभिजात ने लिखी है वजीर

Farhan akhtar during wazir promotions

फिल्म के निर्देशक, निर्माता और लेखक ने भी फिल्म के बारे में कई बाते बताईं। डेविड, शैतान जैसी डार्क फिल्में बना चुके बेजॉय से सवाल था कि क्या वजीर भी इसी तरह की फिल्म है तो बेजॉय ने साफ किया कि ऐसा नहीं है। वजीर डार्क नहीं बल्कि पूरे परिवार के लिए एक मनोरंजक, थ्रिलर है।

मुन्नाभाई एमबीबीएस, पीके, 3 ईडियट्स जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके अभिजात-विधू से पूछा गया कि क्या उन्हें यकीन था कि फरहान और अमिताभ जैसे कलाकारों के सामने नील नितिन मुकेश को मुख्य विलेन के रूप में लेना सही फैसला होगा और क्या वे संतुलन बन पाएगा?

विधू ने जवाब दिया कि वे फिल्म में हीरो-हीरोइन संतुलन बनाने के लिए नहीं लेते। रोल के हिसाब से जो उन्हें सबसे अच्छा लगता है, उसे चुनते हैं। हीरो को सोच कर स्क्रिप्ट नहीं तैयार करते।

बेजॉय ने अब तक गंभीर फिल्में बनाई हैं जबकि विधू और अभिजात कॉमेडी फिल्मों वाली टीम है। ऐसे में बेजॉय को उनके साथ काम करने में कठिनाई नहीं हुई, तो बेजॉय का जवाब था कि जब पूरी टीम के बीच बात-चीत खुले ढंग से होती है, कोई गलतफहमियां नहीं रहती को कोई कैसे भी बैकग्राउंड से आए, काम हो जाता है।

वजीर के लिए पूरी टीम का कहना था कि इस फिल्म में पति पत्नी के गहरे प्यार के अलावा दो दोस्तों की दोस्ती और प्यार को भी करीब से दिखाया गया है। फिल्म में फरहान और अमिताभ के बीच शतरंज का खेल उनकी दोस्ती का ही एक अंश है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed