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शशि कपूरः औसत एक्टर जो बना जीनियस फिल्म मेकर

Mon, 18 Mar 2013 10:36 AM IST
रोहित मिश्र
रोहित मिश्र Updated Mon, 18 Mar 2013 10:36 AM IST
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birthday special- shashi Kapoor made a different kind of cinema

अपने दोनों भाईयों शम्मी कपूर और राजकपूर से उलट शशि कपूर की दिलचस्पी ऑफबीट और पैरलल सिनेमा में थी। उन्होंने अभिनय जरूर मुख्यधारा की फिल्मों में किया लेकिन शशि को जब भी मौका मिला उन्होंने एक अलग तरह का सिनेमा रचने का प्रयास किया। शशि कपूर आज से 74 बरस के हो गए हैं।

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एक एक्टर के रूप शशि कपूर की चर्चा कभी भी उनके अभिनय को लेकर नहीं हुई। श्ाशि कपूर की जो फिल्में बड़ी हिट साबित हुईं उसमें शशि कपूर के अभिनय के अलावा कुछ दूसरी वजहें भी थीं। उनकी कई रोमांटिक फिल्में सफल रहीं, पर उनकी इमेज एक रोमांटिक हीरो के रूप में नहीं बनीं।
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एक्टर के रूप में औसत और अपेक्षाकृत कम चर्चित शशि कपूर जब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उतरे तो उनकी फिल्मों की जमकर चर्चा हुई। एक प्रोड्यूसर के रूप में उन्होंने अलग-अलग तरह की कई फिल्में बनायीं। वह कई फिल्मों के सहायक निर्देशक भी रहे।
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श्ाशि कपूर द्वारा बनायी गयी फिल्में 'जुनून', 'कलयुग', '36 चौरंगी लेन', 'विजेता', 'उत्सव' और 'अजूबा' समीक्षकों द्वारा सराही गयी। श्ाशि कपूर ने यह फिल्मों उस दौर के सबसे बेहतर निर्देशकों से निर्देशित करवायीं। हिंदी फिल्मों में जब भी विविधता की बात आती है शशि कपूर की इन फिल्मों को याद किया जाता है।

एक निर्माता-निर्देशक के रूप में 1991 में आख्रिरी फिल्म 'अजूबा' बनाने वाले शशि कपूर 1998 में रिलीज हुई अंग्रेजी फिल्म 'साइड स्ट्रेट्स' में अंतिम बार अभिनय करते हुए नजर आए थे। पिछले कुछ समय से वह अपनी बीमारियों की वजह से चर्चाओं में हैं।

पिता के साथ जुड़े थिएटर से

1938 में जन्में शशि, किशोरवस्था में ही अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के साथ थिएटर से जुड गए थे। इस दौरान उनका जुड़ाव भारत और पूर्वी एशिया की यात्रा पर आई बर्तानवी नाटक मंडली 'शेक्सपिएराना' से हुआ। जहां उनकी मुलाकात मंडली के संचालक की बेटी जेनिफर केडिल से हुई। शशि कपूर उनसे प्यार कर बैठे, बाद में उन्होंने शादी कर ली।

यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म 'धर्मपुत्र' से शशि कपूर की बतौर हीरो पारी शुरू होती है। आचार्य चतुरसेन शास्त्री के उपन्यास पर आधारित इस फिल्म में सांप्रदायिक दंगों को दिखाया गया। यह मुस्लिम दम्पत्ति के अवैध संतान की कहानी थी। यह फिल्म बहुत सफल नहीं रही।

1960 में शशि कपूर अपनी इमेज बदलते दिखे। इस दौर में उन्होंने कई रोमांटिक फिल्में कीं। 'चार दीवारी', 'मेहंदी लगी मेरे हाथ', 'प्रेमपत्र', 'मोहब्बत इसको कहते हैं', 'नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे', 'जुआरी', 'कन्यादान', 'हसीना मान जाएगी' जैसी फिल्मों में वह नजर आए। ज्यादातर फिल्में असफल रहीं।

अमिताभ बच्चन के साथ शशि कपूर 'दीवार' सहित कई फिल्मों में दिखे। इस जोड़ी ने 'इमान धर्म', 'त्रिशूल', 'शान', 'कभी कभी', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'सुहाग', 'सिलसिला', 'नमक हलाल', 'काला पत्थर' और 'अकेला' में भी काम किया। ज्यादातर फिल्में दर्शकों द्वारा पसंद की गयीं।

अंग्रेजी फिल्मों के बड़े चेहरे

शशि कपूर उस दौर के ऐसे गिने-चुने अभिनेता रहे हैं जिन्होंने उस दौर की अंग्रेजी फिल्मों में काम किया है। उनका रोल उन फिल्मों में मुख्य किरदार जैसा होता था। अंग्रेजी में आयीं 'द हाउस होल्डर', 'शेक्सपीयरवाला', बॉम्बे टॉकीज', हीट एंड डस्ट' जैसी फिल्में विदेश और भारत दोनों जगह सराही गयीं।


कोनरॉट रुक्स की 'सिद्धार्थ' उनकी विवादास्पद फिल्म रही है। इस फिल्म में न्यूड सिमी ग्रेवाल के सामने शशि कपूर हाथ जोड़कर खड़े दिखायी दिए। इस मामले को कोर्ट तक में खसीटा गया।

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