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जन्मदिन विशेष: अभिनेता नहीं बनना चाहते थे अजय देवगन

Thu, 02 Apr 2015 03:19 PM IST
Updated Thu, 02 Apr 2015 03:19 PM IST
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Birthday Special: Ajay Devgan not wanted to be actor

बॉलीवुड के सिंघम यानी अजय देवगन ने अपने दमदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में एक बड़ा मुकाम हासिल किया। अजय देवगन का चेहरा बेहद सामान्य और ग्लैमर से दूर रहने वाले अभिनेता के रूप में अपनी पहचान भी बनाई। यही कारण है कि अजय लगभग दो दशक से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं। लेकिन कम लोगों को ही पता है, वे अभिनेता नहीं निर्देशक बनना चाहते थे।

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अजय देवगन हिन्दी फिल्म जगत में निर्देशक बनने का सपना लेकर आए थे। अजय देवगन का मूल नाम विशाल देवगन है। उनके पिता वीरू देवगन हिंदी फिल्मों के नामी स्टंट मैन थे। जबकि उनकी मां वीणा देवगन ने एक-दो फिल्मों का निर्माण किया था। घर में फिल्मी माहौल के होने कारण अजय देवगन की रुचि भी फिल्मों की ओर हो गई और वह फिल्म निर्देशक बनने का सपना देखने लगे।

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फूल और कांटे से एक संजीदा कलाकार का सफर

Birthday Special: Ajay Devgan not wanted to be actor

पढाई पूरी करने के बाद वह निर्देशक शेखर कपूर के साथ सहायक निर्देशक के रूप में काम करने लगे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कुक्कु कोहली से हुई जो उन दिनों नई फिल्म 'फूल और कांटे' के निर्माण में व्यस्त थे और एक ऐसे अभिनेता की तलाश में थे जो रूमानी भूमिका के साथ साथ एक्शन दृश्य भी कर सके।

इस दौरान उन्होंने अजय देवगन के बारे में सुना कि वे एक्शन और नृत्य करने में माहिर हैं और उन्होंने उनसे फिल्म का नायक बनने की पेशकश की। अपनी पहली ही फिल्म की सफलता के बाद अजय देवगन दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए। इसके बाद अजय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते गए।

जब एक एक्‍शन हीरो संजीदा कलाकार बन गया

Birthday Special: Ajay Devgan not wanted to be actor

अपनी पहली ही फिल्म की सफलता के बाद अजय देवगन दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गये। वर्ष 2002 में ही अजय देवगन के सिने कैरियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह ’प्रदर्शित हुयी।

राज कुमार संतोषी निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने ‘भगत सिंह ’के किरदार को रूपहले पर्दे पर जीवंत कर दिया। इस फिल्म के लिये उन्हें फिल्मफेयर के समीक्षक पुरस्कार से समानित किया गया। साथ ही वह अपने सिने कैरियर में दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किये गये। वर्ष 2003 में अजय देवगन के सिने कैरियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म ‘गंगाजल ’प्रदर्शित हुयी।

वर्ष 2006 में अजय देवगन के सिने कैरियर की एक और सुपरहिट फिल्म ‘ओमकारा ’प्रदर्शित हुयी। विशाल भारद्धाज के निर्देशन में शेक्सपियर के बहुचर्चित नाटक ओथेलो पर आधारित इस फिल्म में अजय देवगन टाइटल भूमिका में दिखाई दिये और अपने संजीदा अभिनय से दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों का दिल जीतने में सफल रहे और फिल्म को सुपरहिट बना दिया।  

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