हिन्दी के कमजोर होने से अक्षय खफा, सुनाई खरी-खरी
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जल्द ही इस साल की अपनी चौथी फिल्म 'सिंह ईज ब्लिंग' लेकर आ रहे अभिनेता अक्षय कुमार मानते हैं कि हिंदी भाषा कि स्थिति भारत में ही खराब हो गई है। अक्षय का मानना है कि जहा एक तरफ देश के प्रधानमत्री नरेद्र मोदी पूरे विश्व मे हिंदी का डंका बजा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ भारत में ही हिंदी भाषा अपनी प्राथमिकता खोती जा रही है।
वे कहते हैं, 'हिंदी भाषा को हमने माध्यमिक बना दिया है और अंग्रेजी भाषा भारत में आगे चली गई है कितने शर्म की बात है।' हालांकि भारत में अंग्रेजी का शौक बढाने में बॉलीवुड के योगदान पर वे कहते हैं, 'बाकी अभिनेताओं के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता, पर मैं सार्वजनिक तौर पर अधिकतर हिंदी भाषा का ही इस्तेमाल करता हूं'।
'देश में रहना है तो सबका ध्यान रखना होगा'
आए दिन बॉलीवुड फिल्मों के किसी सीन, गाने या डायलॉग को लेकर धार्मिक संस्थाएं अपनी नाराजगी जाहिर करती आई हैं। अक्षय की फिल्म 'सिंह इज ब्लिंग' के ट्रेलर पर भी सिख संस्था शिरोमणी गुरद्वारा प्रबंधक कमिटी ने अपना विरोध दर्ज करवाया।
इस मुद्दे पर अक्षय कहते है, 'वो मुद्दा सुलझ गया है, उन्हें सिर्फ शिकायत थी कि कडे पर गुरबानी लिखा था, वह दृश्य अब हटा दिया गया है।' इस तरह के हस्तक्षेप और फिल्मों की रचनात्मकता की आजादी पर अक्षय टिपण्णी करते हुए आगे कहते हैं, 'हमें इस देश में ही रहना है और यहा की संवेदनशीलता को समझना भी जरुरी है।'
उन्होने कहा कि अगर किसी समुदाय को फिल्मों की कोई बात पसंद नहीं आती है तो उस समुदाय कि सही संस्था को फिल्म दिखाने में कोई हर्ज नहीं है। अक्षय मानते है इन बातों से ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं हैं।
साल 2008 में आई निर्देशक अनीज बज्मी की फिल्म 'सिंह इज किंग' के समय भी अक्षय ने सिख समुदाय की नाराजगी का सामना किया था। अक्षय कहते हैं, 'मैं खुद मानता हूं की मुझसे गलती हुई थी, मेरी पगडी गलत बंधी थी और दाढी छोटी थी और इस बात के लिए मैंने माफी भी मांगी थी जिस पर उन्होंने मुझे माफ किया और फिल्म को भी रिलीज होने दिया।'
'जिसे जो खाना खाए, बैन गलत है'
महाराष्ट्र सरकार द्वारा हाल ही में लगाए मीट बैन पर राज्य सरकार की काफी आलोचना की गई, इस तरह के बैन को व्यक्तिगत स्वतंत्रा पर खतरा बताते हुऐ अक्षय ने कहा, 'कुछ हिसाब से ये गलत है। सबका अपना अपना कहना है लेकिन बैन से किसी को कोई फायदा नहीं मिलता है, जिसको जो खाना है, वो खा ही रहा है।'
2 अक्तूबर को सिनेमा घरों में रिलीज होने वाली प्रभुदेवा द्वारा निर्देशित फिल्म 'सिंह इज ब्लिंग' में अक्षय कुमार एक बार फिर सिख के किरदार में नजर आएंगें। लेकिन अक्षय ने इस बात पर फिर से इंकार किया कि ये फिल्म 2008 में आई 'सिंह इज किंग' का सीक्वल है।
अक्षय कहते हैं, 'मेरा किरदार और फिल्म का नाम भले ही सिंह ईज किंग से मिलता जुलता है लेकिन आप इस फिल्म को राउडी राठौड के ज्यादा करीब पाएंगे।'