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गुटर-गुं

Mon, 11 May 2015 12:15 PM IST
Updated Mon, 11 May 2015 12:15 PM IST
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एक बार एक आदमी अपनी प्रेमिका के साथ पार्क में बाहों में बाहें डाल कर बैठा हुआ था और कुछ बड़ी ही रूमानी बातें कर रहा था कि तभी अचानक वहां एक हवलदार आया और बोला, "आपको शर्म नहीं आती आप एक समझदार व्यक्ति होकर खुलेआम पार्क में ऐसी हरकत कर रहे हैं"।

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आदमी: देखिये हवालदार साहब आप गलत समझ रहे हैं, जैसा आप सोच रहे हैं वैसा कुछ भी नहीं है।

हवलदार: तो कैसा है?

आदमी: जी हम दोनों शादीशुदा हैं।

हवालदार: अगर तुम शादीशुदा हो तो फिर अपनी ये प्यार भरी गुटरगूं अपने घर पर क्यों नहीं करते।

आदमी: हवालदार साहब कर तो लें पर वहां मेरी पत्नी और और इसके पति को शायद अच्छा नहीं लगेगा।
विवाहित    
कान काटने से अँधा!
एक डाकू ने एक मकान में डाका डाला, घर के सारे गहने, पैसे एक जगह पर इकठ्ठा करने के बाद उसने मकान मालिक के सामने एक बड़ा सा छूरा निकालते हूए कहा, "चल जल्दी से बोल, बाकि माल कहाँ छुपा रखा है, नहीं तो इस छूरे से तेरे कान काट दूंगा!"
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मकान मालिक ने कहा, "साहब मुझ पर रहम करो मैं बहुत गरीब आदमी हूँ, मेरे पास यही सामान है और कुछ नहीं है!"

डाकू ने फिर से कहा, "मैं तीन तक गिनता हूँ, नहीं तो मैं तेरे कान काट दूंगा!"

मकान मालिक बोला, "लो तिजोरी की चाबी ले लो साहब, लेकिन मेरे कान ना काटो, नहीं तो मैं अंधा हो जाऊंगा!"

डाकू आश्चर्यचकित होकर बोला, "कान काटने के बाद तू ज्यादा से ज्यादा बहरा हो सकता है लेकिन अंधा कैसे होगा?"

मकान मालिक बोला, "साहब कान काटने के बाद मैं अपना चश्मा कैसे पहनूंगा!"

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