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नर्सरी एडमिशन: अपनी गाइडलाइन पर चलेंगे प्राइवेट स्कूल

Fri, 12 Dec 2014 10:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 12 Dec 2014 10:15 AM IST
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private school on nursary addmisssions
निजी स्कूल खुद के नियम-कायदों के आधार पर नर्सरी में दाखिला लेंगे। कोर्ट के फैसले के बाद दाखिला गाइडलाइन को निजी स्कूलों की एक्शन कमेटी ने बृहस्पतिवार को हुई बैठक मंजूरी दे दी। बैठक में तय हुआ है कि निजी स्कूलों की गाइडलाइन के आधार पर ही 20 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच दाखिला प्रक्रिया चलेगी।
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दरअसल, इस बार स्कूलों ने शिक्षा निदेशालय के बजाय नर्सरी दाखिले को लेकर खुद गाइडलाइन बनाई है। बीते 6 दिसंबर को निजी स्कूलों के संगठन एनपीसीसी (नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस) ने गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार कर लिया था। शिक्षा निदेशालय ने इसका विरोध किया और इसके खिलाफ कोर्ट भी गया, लेकिन कोर्ट ने स्टे लगाने से मना कर दिया।
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निजी स्कूलों ने आपसी सहमति से कोर्ट के 14 दिसंबर 2007 के फैसले के मुताबिक ही गाइडलाइंस तैयार की है। नियम इस तरह से बनाए गए हैं कि उन्हें बिना किसी असमंजस के लागू किया जा सके। साथ ही आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की 25 फीसदी सीटों का भी ध्यान रखा गया है। हालांकि इस बार स्कूलों ने 20 फीसदी मैनेजमेंट की सीटें भी आरक्षित की हैं, जो पिछले सत्र में खत्म कर दी गई थीं।
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निजी स्कूलों ने तय किया है कि दाखिले के लिए प्रॉसपेक्टस की बिक्री नहीं होगी। न ही इनके नाम पर किसी प्रकार की अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा। पंजीकरण के लिए 25 रुपये का शुल्क देना होगा। चाहे आवेदन ऑनलाइन हो या ऑफलाइन।


सामान्य वर्ग की 75 सीटों के लिए फॉर्मूला
सामान्य वर्ग की 75 फीसदी सीटों के लिए स्कूलों ने छह मानक तैयार किए हैं। इनमें नेबरहुड, सिबलिंग, एलुमनी, कर्मचारियों के बच्चे (पांच फीसदी), 20 फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटा और विशेष जरूरत वाले बच्चे मानक शामिल हैं। इन सभी मानकों के लिए स्कूल अपने-अपने हिसाब से अंक तय करेंगे। खासकर नेबरहुड के लिए स्कूल आस-पास के इलाकों को देखकर अंक तय करेंगे। अभिभावकों को ध्यान रखना होगा कि ये मानक केवल सामान्य वर्ग के लिए हैं।

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