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जेएनयू के फैशन रैंप पर पूरा होगा मोदी का खास सपना
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला
Updated Thu, 27 Nov 2014 12:43 PM IST
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सब जानते हैं कि खादी को प्रमोट करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है। इसी सपने को पूरा करने के लिए अब जेएनयू, आईआईटी दिल्ली और दिल्ली विश्वविद्यालय में फैशन शो होंगे। इतना ही नहीं दुल्हनों के लिबास में भी खादी को प्रमुखता दी जाएगी। दरअसल खादी को प्रमोट करने का बीड़ा अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) उठाया है। NIFT ने खादी ग्रामोद्योग के साथ हाथ मिलाया है ताकि देश भर में खादी को प्रमोट किया जा सके।
एनआईएफटी दिल्ली और एनआईटीडी अहमदाबाद फैब्रिक, कलर, फैशन ट्रेंड के आधार पर युवाओं के लिए खास कलेक्शन तैयार करेंगे। एनआईएफटी मार्केट ट्रेंड का सर्वे करने के बाद डिजाइनिंग करेगी। जबकि एनआईटीडी फैब्रिक व प्रोडेक्शन पर काम करेगी। नई डिजाइन के परिधानों को मार्केट में उतारने से पहले बाकायदा इसका प्रमोशन भी किया जाएगा। इसके लिए जेएनयू, आईआईटी दिल्ली और दिल्ली विश्वविद्यालय में फैशन शो होंगे।
दुल्हनों के लिबास होंगे खास
खादी युवाओं के साथ-साथ दुल्हनों को भी फोकस कर रहा है। आयोग की योजना है कि विभिन्न प्रांतों में शादी में दुल्हनों के पारंपरिक परिधानों को एनआईएफटी और एनआईटीडी दोबारा से डिजाइन करें। हालांकि इसमें फैब्रिक समेत डिजाइन को सुधारा जाएगा, उसके मूलरूप को नहीं। इसमें दक्षिण से लेकर पश्चिम बंगाल की साड़ी, गुजरात, राजस्थान समेत हरियाणा का लहंगा तो पंजाबी सूट भी खास होगा। खास बात यह है कि सिल्क से लेकर प्योर खादी में दूल्हन व दूल्हे का परिधान तैयार होगा, जिसमें जरी, कढ़ाई, मोती का भी प्रयोग होगा, जो आधुनिक ट्रेंड लुक देगा।
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खादी ग्रामोद्योग आयोग ने किया एनआईएफटी और एनआईटीडी से करार
युवाओं के बीच खादी को ब्रांड बनाने की कवायद शुरू हो गई है। एनआईएफटी और एनआईटीडी के साथ खादी व ग्रामोद्योग आयोग का समझौता हुआ है। युवाओं के साथ-साथ ब्राइडल कलेक्शन को भी तवज्जो दी जाएगी। दिसंबर तक खादी भवनों में स्पेशल यूथ कलेक्शन शामिल हो जाएगा, जो कि मल्टीनेशनल ब्रांडेड डिजाइन को मात देंगे। - डीएस भाटी, प्रिंसिपल, मल्टी डिसप्लनेरी ट्रेनिंग सेंटर, खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन
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एनआईएफटी दिल्ली और एनआईटीडी अहमदाबाद फैब्रिक, कलर, फैशन ट्रेंड के आधार पर युवाओं के लिए खास कलेक्शन तैयार करेंगे। एनआईएफटी मार्केट ट्रेंड का सर्वे करने के बाद डिजाइनिंग करेगी। जबकि एनआईटीडी फैब्रिक व प्रोडेक्शन पर काम करेगी। नई डिजाइन के परिधानों को मार्केट में उतारने से पहले बाकायदा इसका प्रमोशन भी किया जाएगा। इसके लिए जेएनयू, आईआईटी दिल्ली और दिल्ली विश्वविद्यालय में फैशन शो होंगे।
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दुल्हनों के लिबास होंगे खास
खादी युवाओं के साथ-साथ दुल्हनों को भी फोकस कर रहा है। आयोग की योजना है कि विभिन्न प्रांतों में शादी में दुल्हनों के पारंपरिक परिधानों को एनआईएफटी और एनआईटीडी दोबारा से डिजाइन करें। हालांकि इसमें फैब्रिक समेत डिजाइन को सुधारा जाएगा, उसके मूलरूप को नहीं। इसमें दक्षिण से लेकर पश्चिम बंगाल की साड़ी, गुजरात, राजस्थान समेत हरियाणा का लहंगा तो पंजाबी सूट भी खास होगा। खास बात यह है कि सिल्क से लेकर प्योर खादी में दूल्हन व दूल्हे का परिधान तैयार होगा, जिसमें जरी, कढ़ाई, मोती का भी प्रयोग होगा, जो आधुनिक ट्रेंड लुक देगा।
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खादी ग्रामोद्योग आयोग ने किया एनआईएफटी और एनआईटीडी से करार
युवाओं के बीच खादी को ब्रांड बनाने की कवायद शुरू हो गई है। एनआईएफटी और एनआईटीडी के साथ खादी व ग्रामोद्योग आयोग का समझौता हुआ है। युवाओं के साथ-साथ ब्राइडल कलेक्शन को भी तवज्जो दी जाएगी। दिसंबर तक खादी भवनों में स्पेशल यूथ कलेक्शन शामिल हो जाएगा, जो कि मल्टीनेशनल ब्रांडेड डिजाइन को मात देंगे। - डीएस भाटी, प्रिंसिपल, मल्टी डिसप्लनेरी ट्रेनिंग सेंटर, खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन