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कानपुर IIT को कौन दे रहा है करोड़ों की गुरु दक्षिणा
कानपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Dec 2014 01:07 PM IST
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कानपुर IIT के 120 पूर्व छात्रों ने अपने संस्थान को अब तक की सबसे बड़ी गुरुदक्षिणा देने का फैसला किया है।
पढ़ाई पूरी करने के बाद 25वें साल कैंपस आने वाले पूर्व स्टूडेंट्स का कहना है कि शनिवार को 1.20 करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा दी जाएगी, जो किसी बैच द्वारा दी गई गुरु दक्षिणा से कहीं ज्यादा है। इससे पहले एक बैच ने 1.10 करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा दी है।
आईआईटी की एलमनाइ मीट (पूर्व छात्र सम्मेलन) शुक्रवार से शुरू हो रही है। इस बार 1990 बैच के स्टूडेंट्स आ रहे हैं, जो कि सिल्वर जुबली समारोह मनाएंगे। भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस सहित तमाम देशों में बसे 120 आईआईटियंस के आने की सहमति मिल चुकी है।
गुरुवार को देर रात तक तमाम आईआईटियंस कैंपस पहुंच गए थे। इन सभी के साथ फैमिली भी आ रही है। यह संख्या 180 के आसपास है। यानी 300 लोग एकत्रित होंगे और दो दिनों तक खूब मौज-मस्ती करेंगे। आईआईटी के प्रमुख इंजीनियर और 1990 बैच के स्टूडेंट नवप्रीत सिंह ने बताया कि डॉ. प्रवीन भागवत आ रहे हैं, जो कि एयर टाइप नेटवर्क के संस्थापक हैं। अमित गोयल ने फैजराती डॉट कॉम की स्थापना की है।
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आनंद अग्रवाल ने सर लाइट कंपनी खोली है। कंपनियों का टर्न ओवर अच्छा है। इनमें हजारों कर्मचारी काम कर रहे हैं। प्रो. संजीव अरोड़ा और विनय गुलाटी को भी आना है, जो कि बेटर इंडिया पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी गुरु दक्षिणा देने के पीछे का मकसद आईआईटी का सहयोग करना है। आईआईटी की साख देश, विदेश में अच्छी है। अब जरूरत सुविधा-संसाधन और बढ़ाने, अंडर ग्रेजुएट के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई और रिसर्च पर जोर देने की है। यह तभी संभव है, जब प्रौद्योगिकी संस्थान की आर्थिक सेहत ठीक रहे।
यही वजह है कि आईआईटियंस मन से गुरुदक्षिणा देते हैं। अभी तक एक बैच ने 1.10 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा दी है। इस रिकॉर्ड को 1990 का बैच तोड़ने जा रहा है। जो लोग आ रहे हैं, उनसे बातचीत के बाद 1.20 करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा देने का फैसला हो गया है। जो गुरु दक्षिणा दी जाएगी, उसकी चेयर स्थापित की जाएगी। इससे टीचर्स, स्टूडेंट्स का मनोबल बढ़ेगा। वह रिसर्च करने और अच्छा पढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे।
जॉब क्रिएटर बनें आईआईटियन
कानपुर। आईआईटी के 1994 बैच के पूर्व छात्रों का सम्मेलन गुरुवार को खत्म हो गया। अंतिम दिन पूर्व छात्रों ने वर्तमान छात्रों से मुलाकात की और कहा कि नौकरी के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। आईआईटी में पढ़ने वाला हर छात्र काबिल होता है। उसे जॉब क्रिएटर बनना चाहिए। इससे पहले स्टूडेंट्स ने विवेकानंद समिति से जुड़े छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। हॉस्टल, लैब, लाइब्रेरी और मेस में गए। बाद में डायरेक्टर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने पूर्व छात्रों के सम्मान में लंच दिया।
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पढ़ाई पूरी करने के बाद 25वें साल कैंपस आने वाले पूर्व स्टूडेंट्स का कहना है कि शनिवार को 1.20 करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा दी जाएगी, जो किसी बैच द्वारा दी गई गुरु दक्षिणा से कहीं ज्यादा है। इससे पहले एक बैच ने 1.10 करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा दी है।
आईआईटी की एलमनाइ मीट (पूर्व छात्र सम्मेलन) शुक्रवार से शुरू हो रही है। इस बार 1990 बैच के स्टूडेंट्स आ रहे हैं, जो कि सिल्वर जुबली समारोह मनाएंगे। भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस सहित तमाम देशों में बसे 120 आईआईटियंस के आने की सहमति मिल चुकी है।
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गुरुवार को देर रात तक तमाम आईआईटियंस कैंपस पहुंच गए थे। इन सभी के साथ फैमिली भी आ रही है। यह संख्या 180 के आसपास है। यानी 300 लोग एकत्रित होंगे और दो दिनों तक खूब मौज-मस्ती करेंगे। आईआईटी के प्रमुख इंजीनियर और 1990 बैच के स्टूडेंट नवप्रीत सिंह ने बताया कि डॉ. प्रवीन भागवत आ रहे हैं, जो कि एयर टाइप नेटवर्क के संस्थापक हैं। अमित गोयल ने फैजराती डॉट कॉम की स्थापना की है।
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आनंद अग्रवाल ने सर लाइट कंपनी खोली है। कंपनियों का टर्न ओवर अच्छा है। इनमें हजारों कर्मचारी काम कर रहे हैं। प्रो. संजीव अरोड़ा और विनय गुलाटी को भी आना है, जो कि बेटर इंडिया पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी गुरु दक्षिणा देने के पीछे का मकसद आईआईटी का सहयोग करना है। आईआईटी की साख देश, विदेश में अच्छी है। अब जरूरत सुविधा-संसाधन और बढ़ाने, अंडर ग्रेजुएट के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई और रिसर्च पर जोर देने की है। यह तभी संभव है, जब प्रौद्योगिकी संस्थान की आर्थिक सेहत ठीक रहे।
यही वजह है कि आईआईटियंस मन से गुरुदक्षिणा देते हैं। अभी तक एक बैच ने 1.10 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा दी है। इस रिकॉर्ड को 1990 का बैच तोड़ने जा रहा है। जो लोग आ रहे हैं, उनसे बातचीत के बाद 1.20 करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा देने का फैसला हो गया है। जो गुरु दक्षिणा दी जाएगी, उसकी चेयर स्थापित की जाएगी। इससे टीचर्स, स्टूडेंट्स का मनोबल बढ़ेगा। वह रिसर्च करने और अच्छा पढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे।
जॉब क्रिएटर बनें आईआईटियन
कानपुर। आईआईटी के 1994 बैच के पूर्व छात्रों का सम्मेलन गुरुवार को खत्म हो गया। अंतिम दिन पूर्व छात्रों ने वर्तमान छात्रों से मुलाकात की और कहा कि नौकरी के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। आईआईटी में पढ़ने वाला हर छात्र काबिल होता है। उसे जॉब क्रिएटर बनना चाहिए। इससे पहले स्टूडेंट्स ने विवेकानंद समिति से जुड़े छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। हॉस्टल, लैब, लाइब्रेरी और मेस में गए। बाद में डायरेक्टर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने पूर्व छात्रों के सम्मान में लंच दिया।