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इस कॉलेज में टीचरों का रिपोर्ट कार्ड बनाएंगे छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2014 10:20 AM IST
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सीबीएसई की तर्ज पर अब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड बनाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और मौजूदा कमियों को दूर करने की इस कवायद में छात्रों से सहयोग मांगा जाएगा। ताकि 2021 तक टॉप 10 विश्वविद्यालय में शामिल होने का सपना पूरा हो सके। खास बात यह है कि जामिया प्रबंधन ने पुराने छात्रों को भी इस योजना में शामिल करने जा रहा है, ताकि उनकी प्रतिक्रियाओं के आधार बदलाव की रूपरेखा बनाई जा सके। देश में स्टूडेंट फीडबैक लेने वाला जामिया पहला विश्वविद्यालय होगा।
जानकारी के मुताबिक जामिया प्रबंधन जनवरी 2015 के पहले सप्ताह में स्टूडेंट फीडबैक सिस्टम की घोषणा करेगा। छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्टूडेंट फीडबैक फार्म भरने को मिलेगा। ऑनलाइन माध्यम में छात्र को जामिया से मिले ईमेल आईडी से फॉर्म भरना होगा। जबकि लिखित में फॉर्म भरने के बाद कुलपति ऑफिस की पेटी में डालना होगा। विवि प्रबंधन ने गोपनीयता बरतने की तैयारी की है ताकि छात्र बिना डरे अपने सुझाव दे सकें। कुलपति के अलावा विवि प्रबंधन के दो या तीन सदस्य ही छात्रों द्वारा भेजे गए फीडबैक को देख व पढ़ सकेंगे।
स्टूडेंट फीडबैक में छात्रों को एकेडमिक और क्लासरूम संबंधी जानकारी देनी होगी। एकेडमिक में उन्हें फीस स्ट्रक्चर, दाखिला प्रक्रिया, प्लेसमेंट, कैंपस, मैनेजमेंट आदि के बारे में लिखना होगा। जबकि दूसरे वर्ग में उन्हें क्लास रूम में प्रोफेसर कैसा पढ़ाते हैं, शिक्षक टाइम से पीरियड लेने आते हैं या नहीं, पाठ्यक्रम में क्या बदलाव होना चाहिए, शिक्षकों में किस तरह का बातचीत व पढ़ाने के ढंग में बदलाव चाहते हैं आदि का वर्णन किया होगा। हालांकि छात्रों को विश्वविद्यालय यह अधिकार भी दे रहा है कि यदि वे स्टूडेंट फीडबैक नहीं भरना चाहते होंगे तो उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला जाएगा।
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विश्वविद्यालय के मुताबिक, शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता के लिए यह नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है। विश्वविद्यालय आखिरी सत्र के अलावा जामिया के पुराने छात्रों को भी स्टूडेंट फीडबैक से जोड़ेगा ताकि पुराने छात्रों के अनुभवों से बेहतर बदलाव किए जा सकें।
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जानकारी के मुताबिक जामिया प्रबंधन जनवरी 2015 के पहले सप्ताह में स्टूडेंट फीडबैक सिस्टम की घोषणा करेगा। छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्टूडेंट फीडबैक फार्म भरने को मिलेगा। ऑनलाइन माध्यम में छात्र को जामिया से मिले ईमेल आईडी से फॉर्म भरना होगा। जबकि लिखित में फॉर्म भरने के बाद कुलपति ऑफिस की पेटी में डालना होगा। विवि प्रबंधन ने गोपनीयता बरतने की तैयारी की है ताकि छात्र बिना डरे अपने सुझाव दे सकें। कुलपति के अलावा विवि प्रबंधन के दो या तीन सदस्य ही छात्रों द्वारा भेजे गए फीडबैक को देख व पढ़ सकेंगे।
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स्टूडेंट फीडबैक में छात्रों को एकेडमिक और क्लासरूम संबंधी जानकारी देनी होगी। एकेडमिक में उन्हें फीस स्ट्रक्चर, दाखिला प्रक्रिया, प्लेसमेंट, कैंपस, मैनेजमेंट आदि के बारे में लिखना होगा। जबकि दूसरे वर्ग में उन्हें क्लास रूम में प्रोफेसर कैसा पढ़ाते हैं, शिक्षक टाइम से पीरियड लेने आते हैं या नहीं, पाठ्यक्रम में क्या बदलाव होना चाहिए, शिक्षकों में किस तरह का बातचीत व पढ़ाने के ढंग में बदलाव चाहते हैं आदि का वर्णन किया होगा। हालांकि छात्रों को विश्वविद्यालय यह अधिकार भी दे रहा है कि यदि वे स्टूडेंट फीडबैक नहीं भरना चाहते होंगे तो उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला जाएगा।
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विश्वविद्यालय के मुताबिक, शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता के लिए यह नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है। विश्वविद्यालय आखिरी सत्र के अलावा जामिया के पुराने छात्रों को भी स्टूडेंट फीडबैक से जोड़ेगा ताकि पुराने छात्रों के अनुभवों से बेहतर बदलाव किए जा सकें।