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AIECTE के कॉलेजों में अब नहीं होगा बिजली संकट
सोमदत्त शर्मा/अमर उजाला
Updated Thu, 18 Dec 2014 10:40 AM IST
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अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से जुड़े देशभर के कॉलेज जल्द सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। इसको लेकर परिषद योजना बना रहा है। योजना के पहले चरण में कॉलेजों से सौर ऊर्जा उपकरण संबंधी जानकारी मांगी गई है।
कॉलेजों में बिजली पर होने वाले खर्च को बचाने के उद्देश्य से एआईसीटीई सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना पर कार्य कर रहा है। इसके तहत कॉलेजों से सौर ऊर्जा उपकरण लगाने के लिए उपलब्ध जमीन एवं कुल क्षेत्र की जानकारी देने को कहा है। साथ ही इमारतों की संख्या और उपकरण लगाने के लिए उपलब्ध कराए जा सकने वाले छतों के क्षेत्रफल आदि की भी जानकारी मांगी है।
एआईसीटीई देशभर के कॉलेजों द्वारा एक साल में बिजली पर किए जा रहे खर्च का आकलन कर रहा है। 2013-14 में खपत की गई कुल यूनिटों एवं उनके भुगतान के संबंध में कॉलेजों से ब्योरा मांगा गया है।
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एआईसीटीई ने संबद्ध कॉलेजों से 24 दिसंबर से पहले डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एआईसीटीई अगले सत्र तक इस योजना को पटल पर ला रहा है। इसके तहत ही कॉलेजों को सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है ताकि 2015 तक देश के शिक्षण संस्थान सौर ऊर्जा से रोशन हो सकें।
उपकरण संबंधी जानकारी 24 तक देने का आदेश
इस संबंध में आदेश मिला है। समूह के सभी कॉलेजों का नक्शा बनवाया जा रहा है। ताकि एआईसीटीई को उपलब्ध कराया जा सके। योजना के तहत हॉस्टल, मेस के अलावा कक्षाओं के पंखे और बल्ब के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाना है। - अखिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष (सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट)
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कॉलेजों में बिजली पर होने वाले खर्च को बचाने के उद्देश्य से एआईसीटीई सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना पर कार्य कर रहा है। इसके तहत कॉलेजों से सौर ऊर्जा उपकरण लगाने के लिए उपलब्ध जमीन एवं कुल क्षेत्र की जानकारी देने को कहा है। साथ ही इमारतों की संख्या और उपकरण लगाने के लिए उपलब्ध कराए जा सकने वाले छतों के क्षेत्रफल आदि की भी जानकारी मांगी है।
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एआईसीटीई देशभर के कॉलेजों द्वारा एक साल में बिजली पर किए जा रहे खर्च का आकलन कर रहा है। 2013-14 में खपत की गई कुल यूनिटों एवं उनके भुगतान के संबंध में कॉलेजों से ब्योरा मांगा गया है।
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एआईसीटीई ने संबद्ध कॉलेजों से 24 दिसंबर से पहले डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एआईसीटीई अगले सत्र तक इस योजना को पटल पर ला रहा है। इसके तहत ही कॉलेजों को सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है ताकि 2015 तक देश के शिक्षण संस्थान सौर ऊर्जा से रोशन हो सकें।
उपकरण संबंधी जानकारी 24 तक देने का आदेश
इस संबंध में आदेश मिला है। समूह के सभी कॉलेजों का नक्शा बनवाया जा रहा है। ताकि एआईसीटीई को उपलब्ध कराया जा सके। योजना के तहत हॉस्टल, मेस के अलावा कक्षाओं के पंखे और बल्ब के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाना है। - अखिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष (सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट)