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105 साल पुराना मदरसा होगा हाईटेक, ऑनलाइन मिलेगा दाखिला
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Oct 2014 11:34 AM IST
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मदरसा जामिया नईमिया भी हाईटेक के दौर में शामिल होने जा रहा है। मदरसे को आनलाइन किया जाएगा। दीनी तालीम के लिए बच्चे आनलाइन दाखिला करा सकेंगे। मदरसे की वेबसाइट पर पूरी जानकारी दी जाएगी। जल्द ही नेट पर वेबसाइट अपलोड होगी।
दीनी तालीम में मदरसा जामिया नईमिया की अपनी खास पहचान है। देश के कई सूबों से बच्चे यहां तालीम लेने आते हैं। करीब 105 साल पुराने इस मदरसे को अब इंटरनेट के इस युग से जोड़ने की तैयारी है। मदरसे की वेबसाइट बनाई गई है। जिसे जल्द ही नेट पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके बाद मदरसे की वेबसाइट जामिया नईमिया डाट काम पर हर छोटी-बड़ी जानकारी कोई भी ले सकता है।
इस व्यवस्था से दूर-दराज से तालीम के लिए आने वाले बच्चों को सहूलियत मिलेगी। वह घर बैठे आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा मदरसे की लाइब्रेरी में रखी हस्तलिखित किताबों को भी वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। ताकि इन किताबों से आनलाइन जानकारी ली जा सके।
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मदरसे को नई तकनीक से जोड़ने की कवायद चल रही है। मदरसे से संबंधित जानकारियों को जामिया नईमिया डाट काम पर आनलाइन किया जाएगा। इससे दीनी तालीम हासिल करने वाले बच्चों को सहूलियत मिलेगी। उन्हें मदरसे से संबंधित जानकारी घर बैठे मिल जाएगी। आनलाइन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही वेबसाइट अपलोड कर दिया जाएगा।
इमदाद का ब्योरा भी होगा आनलाइन
मदरसा जामिया नईमिया में बच्चों को मुफ्त में दीनी तालीम दी जाती है। बच्चों के रहने खाने और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया जाता है। इस खर्च को लोगाें की इमदाद से पूरा किया जाता है। लोगों की इमदाद के ब्योरा को भी आनलाइन करने की योजना है। नेट पर वेबसाइट अपलोड होने के बाद इमदाद को भी आनलाइन कर दिया जाएगा।
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दीनी तालीम में मदरसा जामिया नईमिया की अपनी खास पहचान है। देश के कई सूबों से बच्चे यहां तालीम लेने आते हैं। करीब 105 साल पुराने इस मदरसे को अब इंटरनेट के इस युग से जोड़ने की तैयारी है। मदरसे की वेबसाइट बनाई गई है। जिसे जल्द ही नेट पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके बाद मदरसे की वेबसाइट जामिया नईमिया डाट काम पर हर छोटी-बड़ी जानकारी कोई भी ले सकता है।
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इस व्यवस्था से दूर-दराज से तालीम के लिए आने वाले बच्चों को सहूलियत मिलेगी। वह घर बैठे आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा मदरसे की लाइब्रेरी में रखी हस्तलिखित किताबों को भी वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। ताकि इन किताबों से आनलाइन जानकारी ली जा सके।
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मदरसे को नई तकनीक से जोड़ने की कवायद चल रही है। मदरसे से संबंधित जानकारियों को जामिया नईमिया डाट काम पर आनलाइन किया जाएगा। इससे दीनी तालीम हासिल करने वाले बच्चों को सहूलियत मिलेगी। उन्हें मदरसे से संबंधित जानकारी घर बैठे मिल जाएगी। आनलाइन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही वेबसाइट अपलोड कर दिया जाएगा।
इमदाद का ब्योरा भी होगा आनलाइन
मदरसा जामिया नईमिया में बच्चों को मुफ्त में दीनी तालीम दी जाती है। बच्चों के रहने खाने और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया जाता है। इस खर्च को लोगाें की इमदाद से पूरा किया जाता है। लोगों की इमदाद के ब्योरा को भी आनलाइन करने की योजना है। नेट पर वेबसाइट अपलोड होने के बाद इमदाद को भी आनलाइन कर दिया जाएगा।