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दहेज हत्या में बंद पति ने जेल में की खुदकुशी
टीम डिजिटल/अमर उजाला,नई दिल्ली
Updated Sat, 27 Jun 2015 09:08 PM IST
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हाथरस के सादाबाद में दहेज हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए एक युवक ने कोतवाली सादाबाद की हवालात के शौचालय में अपनी पेंट से फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए हाथरस ले जाया गया। मृतक के परिजन भी हाथरस पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया।
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एसपी, सीओ और एसडीएम हाथरस समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए और घटना की जानकारी ली। इधर भाजपा नेताओं ने कोतवाली पहुंच हंगामा किया। कस्बे के सर्वोदय नगर निवासी यादराम के दो पुत्रों राकेश और पुरुषोत्तम के बीच दुकान को लेकर विवाद चल रहा है। इसे लेकर बुधवार को घर में क्लेश हुई और मामला कोतवाली पहुंच गया।
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पुलिस ने धारा 151 के तहत दोनों को पाबंद कर दिया और बाद में उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया। कुछ ही देर बाद सूचना मिली कि राकेश की 23 वर्षीय पत्नी अनमोल ने पंखे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। राकेश की शादी अनिल पुत्र कन्हैयालाल निवासी जोगिया कोतवाली हाथरस गेट से हुई थी।
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सूचना पर मृतका के मायके वाले भी वहां आ गए। मृतका के पिता ने राकेश, उसके भाई पुरुषोत्तम और पिता यादराम समेत नौ लोगों के खिलाफ दहेज के लिए अनमोल की हत्या करने का मुकदमा दर्ज करा दिया। बताते हैं कि राकेश अपने ससुर के सामने काफी गिड़गिड़ाया और कहा कि उसे अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार में तो शामिल होने दें, लेकिन ससुर नहीं पसीजे और पुलिस राकेश, उसके भाई और पिता को पकड़कर ले गई। तीनों को जिस हवालात में रखा गया, वहां तीन बंदी पहले से ही मौजूद थे।
शुक्रवार की सुबह बंदियों के लिए चाय लाई गई तो राकेश ने चाय नहीं पी और शौच जाने की कहकर हवालात के शौचालय में चला गया। काफी देर तक जब राकेश नहीं लौटा तो पिता ने एक बंदी से कहकर उसे आवाज लगवाई, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उसके बाद पिता और अन्य बंदियों ने भी आवाज लगाई,लेकिन
अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। पुलिस कर्मियों को बुलाकर शौचालय का दरवाजा तुड़वाया गया तो राकेश मृत हालत में पड़ा था और उसके गले में पैंट का फंदा लगा हुआ था।
यह देखकर पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन उसके शव को यहां से निकालकर हाथरस ले जाया गया। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और अन्य लोग बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंच गए और शव को दिखाने की मांग करने लगे। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राना, सांसद प्रतिनिधि डॉ.महेंद्रपाल सिंह, डॉ. देवचंद्र गौड़, भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुनील गौतम समेत काफी भाजपाई भी पहुंच गए। लोगों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने वहां जाम लगाने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्ती बरतते हुए उन्हें रोक दिया।
सूचना पर एसपी डॉ. शिवसिंपी चन्नप्पा, एएसपी अजय शंकर राय, हाथरस से लगा दिया। एसडीएम सदर केहरी सिंह, सीओ हाथरस प्रीति सिंह, सीओ सादाबाद नरेंद्र देव भी कई थानों की फोर्स के साथ वहां पहुंच गए।
अधिकारियों ने मामले की जांच कराने का आश्वासन देकर आक्रोशित लोगों को शांत किया। हालांकि हवालात में साथ में बंद मृतक के पिता यादराम ने पुलिस को सिर्फ इतना ही लिखकर दिया है कि वह दहेज हत्या के मामले में निर्दोष हैं, इसलिए उन्हें यहां से रिहा किया जाए।
उनके पुत्र ने झूठे मुकदमे में फंसाने की वजह से शर्मिंदगी में यह कदम उठाया है।