जब दाऊद ने कहा, 'साहब अब तो मेरा पीछा करना छोड़ दो'
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भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम एक सीनियर आईपीएस अधिकारी और दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर नीरज कुमार से गुजारिश की अब वे उसका पीछा करना छोड़ दें।
आईपीएस नीरज कुमार को ने बताया कि दाऊद का यह फोन उनके रिटायरमेंट के करीब एक सप्ताह पहले आया था। उन्होंने बताया कि जून 2013 में उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया ये फोन संभवतः खुद दाऊद ने किया था। फोन उठाते ही दाऊद बोला, 'क्या, साहेब, आप रिटायर होने जा रहे हो। अब तो पीछा छोड़ दो।'
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, यह बातें हाल में नीरज कुमार की किताब 'डायल डी फॉन डॉन' का विमोचन हुआ जिसमें एक चैप्टर 'माई कन्वरसेशन विद दाऊद इब्राहीम' भी है। इसमें नीरज कुमार ने उन सब बातों का जिक्र किया जो दाऊद ने उनसे कही हैं। दाऊद ने मुंबई हमलों के बारे में भी नीरज कुमार से काफी कुछ कह चुका है।
'हमारे लड़कों के पास काफी हथियार पड़े हैं'
1976 बैच के आईपीएस अधिकारी ने अपने कैरियर में 11 बडे ऑपरेशन जिनमें अधिकांश अंडरवर्ल्ड और 1993 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट पूरे देश में फैले माफियाओं, अपराधियों जाल को काबू करने वाले थे।
नीरज कुमार अंडरवर्ल्ड पर लिखी अपनी इस किताब लिखा है कि 1993 ब्लास्ट के बाद तीन बार उसकी बातचीत दाऊद इब्राहीम से हो चुकी है। ये बातचीत 11, 20 और 22 जून 1994 को हुई थी। इस दौरान दाऊद ने नीरज कुमार से खुद को निदोर्ष बताया था।
1993 सीरियल धमाकों को लेकर दाऊद ने कहा, 'क्या आपको लगता है कि मुंबई में धमाके मैंने करवाए हैं? आतंकियों को हथियार मैंने भेजे हैं? ... साहेब मुझे ऐसा करना होता तो मुझे हथियार भेजने की जरूरत नहीं होती। हमारे लड़कों के पास काफी हथियार पड़े हैं।'
इस किताब में नीरज कुमार ने ये भी लिखा है कि उन्होंने बड़े गैंग्स को कैसे काबू किया और अपराधियों को कानून के हवाले किया।