पत्नी की हत्या कर पहुंचा थाने, 'मुझे गिरफ्तार करो'
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‘साहब मुझे गिरफ्तार कर लीजिए। मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। उसकी लाश कमरे में बेड पर पड़ी है। यकीन न हो तो चल कर देख लीजिए...।’ गुरुवार की दोपहर करीब दो बजे शराब के नशे में धुत होकर लंका थाने पर पहुंचे युवक उमेश यादव की यह बात सुन पुलिसकर्मी भी एकबारगी भौचक रह गए।
पुलिस उसे लेकर उसके घर पहुंची। वहां कमरे में उसकी पत्नी सोनी यादव बेड पर मृत पड़ी थी। उसके गले में गमछा कसा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के साथ ही हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। लंका थाना क्षेत्र के नगवां यादव बस्ती निवासी उमेश यादव की शादी नौ वर्ष पूर्व मिर्जापुर की सोनी यादव के साथ हुई थी। शादी के बाद उनकी एक पुत्री हुई।
पत्नी और पुत्री के साथ उमेश नगवां स्थित मकान के प्रथम तल पर रहता था। भूतल पर उसका बड़ा भाई बुल्लू यादव रहता है। आजीविका के लिए उमेश ने सिगरा स्थित एक बार में नौकरी शुरू की। यहीं से वह नशे का आदी बन गया। पत्नी शराब पीने का विरोध करती थी। इसे लेकर पति और पत्नी में अक्सर झगड़ा होता था। बुधवार की रात भी दोनों के बीच तकरार हुई थी।
गुरुवार की दोपहर उमेश का बड़ा भाई अपनी पत्नी रीना का उपचार कराने लंका चला गया। इसी बीच नशे में धुत होकर उमेश घर पहुंचा। उसकी पुत्री प्रिया अपने चचेरी बहनों के साथ घर के बाहर खेल रही थी जबकि बूढ़ी मां धानी देवी वहीं दरवाजे पर बैठी थी।
प्रथम तल के कमरे में उमेश की पत्नी सोनी अकेली थी। उमेश कमरे में गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद गमछे से गला दबाकर उसने पत्नी की हत्या कर दी। बेड पर शव छोड़कर वह बाहर आया और कमरे में ताला बंद कर वह सीधे लंका थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने पत्नी की हत्या कर दी है।
मम्मी को मारते-पीटते थे पापा...
लंका थानाध्यक्ष रमेश यादव का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीओ भेलूपुर आलोक जायसवाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया शराब पीने का विरोध करने पर वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई है। अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस के समक्ष सोनी की पुत्री प्रिया फूट-फूट कर रो पड़ी। उसने पुलिस को बताया कि ‘पापा, मम्मी को अक्सर मारते-पीटते थे। जब मैं घर के बाहर खेल रही थी तो पापा गमछा लेकर कमरे में जा रहे थे, लेकिन मुझे क्या पता था कि वह मम्मी की हत्या करने जा रहे हैं।
पुत्र द्वारा हत्या की वारदात को अंजाम देने से उसकी बूढ़ी मां धानी भी हतप्रभ थीं। रोते हुए कह रही थीं, अरे ललवा इ का कइला।