सुंदर नहीं था पति, कैंची से गोदकर मार डाला
देवरिया में मईल के शहाबुद्दीन हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पति सुंदर नहीं मिला तो पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। शव बरहज के बाबा गयादास इंटर कॉलेज स्थित तालाब के पास फेंक दिया था।
पुलिस ने हत्या में आरोपी पत्नी और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रेमी पुलिस की हिरासत में है। उसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। हत्या में प्रयुक्त कैंची नदी से बरामद हुई है।
अपर पुलिस अधीक्षक रुचिता चौधरी ने बताया कि आठ मार्च को बरहज के बाबा गयादास इंटर कॉलेज परिसर में युवक की लाश मिली थी। उसकी पहचान मईल के शहाबुद्दीन रूप में हुई। मृतक की ससुराल बरहज में थी। पिता नूरहसन की तहरीर पर बरहज थाने में पत्नी, ससुर और साले पर हत्या का केस दर्ज हुआ।
विवेचना में जुटे थानाध्यक्ष परमाशंकर यादव ने पाया कि शहाबुद्दीन के पत्नी शमा परवीन से संबंध अच्छे नहीं थे। शादी के बाद भी दोनों साथ नहीं रहते थे। इससे घर में तनाव था।
पति को ऐसे फंसाया जाल में
शमा परवीन ने पति को बताया कि सरयू नदी में आधी रात को स्नान करने के बाद ही वह दोनों साथ रह सकते हैं। शहाबुद्दीन पत्नी की बातों में आ गया। सात मार्च को दोनों बरहज पहुंचे।
एएसपी ने बताया कि शमा परवीन का गांव के सतेंद्र प्रजापति के साथ अवैध संबंध था। शमा परवीन का पति सुंदर नहीं था। इसके लिए उसने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की योजना बना दी। आठ मार्च की सुबह दोनों नदी में स्नान करने के बहाने निकले।
रास्ते में लवरछी निवासी सतेंद्र प्रजापति, संजय गोंड और मोहांव के राजन जायसवाल उनका इंतजार कर रहे थे। चार लोगों ने मिलकर शहाबुद्दीन की हत्या कर दी। प्रेसवार्ता में राजन ने बताया कि 20 दिन पहले साथियों की वजह से वह शमा परवीन के संपर्क में आया।
सतेंद्र ने कैंची से वार किया और शमा परवीन ने गला दबा दिया। लाश ठिकाने लगाने के बाद सभी फरार हो गए। पुलिस ने शमा परवीन, राजन और संजय को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। जबकि सतेंद्र प्रजापति का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस का कहना है कि वह हादसे में घायल हो गया था। शहाबुद्दीन हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को दो हजार रुपये इनाम दिया गया।
पुलिस ने चुंबक के सहारे खोजी कैंची
शहाबुद्दीन की हत्या उसकी पत्नी और पत्नी के प्रेमी ने मिलकर शहाबुद्दीन की कैंची से गोदकर हत्या कर दी थी। शमा परवीन कैंची भी अपने साथ लेकर आई थी। जिससे उसकी हत्या की गई। बाद में कैंची को बेचू साह पोखरे में फेंक दी।
पुलिस ने शमा परवीन के मोबाइल के कॉल डिटेल को खंगालना शुरू किया तो एक-एक राज सामने आते गए। वह सत्येंद्र प्रजापति, राजन जायसवाल, संजय गोड़ से बातें करती थीं। तीनों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो मामला खुल गया। कैंची को बरामद करने के लिए पुलिस ने पोखरे में चुंबक डालकर खोजा। काफी प्रयास के बाद पोखरे से कैंची मिली। इसकी पहचान शमा परवीन के पिता ने भी की।