निर्वस्त्र कर पत्नी को चौक पर घुमाया, मुंह में ठूंसा कपड़ा
राजस्थान के राजसमंद में महिला को निर्वस्त्र कर गधे पर घुमाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि ऐसी ही एक और घटना सामने आने से हंगामा खड़ा हो गया।
मामला सीकर के दांतारामगढ़ क्षेत्र का है। गांव कांकरा में रहने वाली एक महिला के साथ उसके पति ने ही यह शर्मसार कर देने वाली हरकत की।
आरोप है कि पति ने पहले उसे जमकर पीटा फिर उसके मुंह में कपड़ा दिया और निर्वस्त्र कर गांव के चौक पर ले गया और गलियों में घुमाता रहा। इस दौरान जो भी उसके बचाव में आया, आरोपी ने उन्हें हथियारों का डर दिखाकर भगा दिया।
सरेआम बेइज्जत करने के बाद आरोपी ने पत्नी को चौक पर छोड़ दिया। उसकी 10 साल की बेटी ने उसके शरीर पर कपड़े डाले और घर ले गई। घर पहुंचते ही महिला सदमे से बेहोश हो गई।
मामले की जानकारी मिलते ही पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
बच्चे को पीटकर घर से निकाला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामला रविवार दोपहर का है। दोनों की शादी करीब 20 साल पहले हुई थी और उनके तीन बच्चे भी हैं। शराब पीने की आदत की वजह से आरोपी और उसकी पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था और वह नशे में उसे पीटता भी था।
पति की इस हरकत के चलते पीड़िता दो साल तक अपने मायके में रही। डेढ़ साल पहले वह मारपीट न करने का वादा करके पत्नी को वापस घर ले आया लेकिन कुछ दिनों बाद ही उसने पुराना रवैया शुरू कर दिया।
इस दौरान उसने कई बार बच्चों से भी मारपीट की और एक बच्चे को पीटकर घर से निकाल दिया। रविवार दोपहर को उसका किसी बात पर पत्नी से झगड़ा हो गया। इसके बाद उसने पहले उसे पीटा और फिर निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया।
सीकर के पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि ने बताया कि महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए पति के खिलाफ शिकायत दी है। जिसके बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गृहमंत्री का चौंकाने वाला बयान
इस मामले में जब राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से पुलिस-प्रशासन की सक्रियता पर सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में 44 हजार गांव हैं और कुल 70 हजार पुलिसकर्मी। ऐसे में सुरक्षा कितनी पुख्ता होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एक गली में पुलिस तैनात की जाती है तो दूसरी में कोई नई वारदात सामने आ जाती है।
महिला को निर्वस्त्र की गांव में घुमाने का मामला सामने आने के बाद गृहमंत्री ने गांव जाकर पीड़ित महिला और अन्य लोगों से मुलाकात की। हालांकि इस दौरान उन्होंने पीड़िता के बेटे को डांट लगाई और कहा कि सब उसकी गलती का नतीजा है। उसे पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी लेकिन मोबाइल होने के बाद भी उसने ऐसा नहीं किया।
गृहमंत्री ने कहा कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा।