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पति की हत्या में पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद

Thu, 23 Jul 2015 11:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Thu, 23 Jul 2015 11:34 AM IST
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woman and her lover awarded life term imprisonment in husband's murder

जिला अदालत ने हाईकोर्ट के कर्मचारी वीरेन्द्र सिंह की हत्या में उसकी पत्नी मेनका सिंह और प्रेमी लवलेश सिंह को दोषी करार देते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोनों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

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जुर्माने की राशि में से अस्सी हजार रुपये मृतक की पुत्री काजल को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया है। पिता की हत्या के समय काजल महज ढाई साल की थी। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर अभियुक्तों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।
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सजा का आदेश एडीजे मलखान सिंह बुधवार को सुनाया। एडीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी व वादी के अधिवक्ता सुब्रत सिंह ने अभियुक्तों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियोजन के अनुसार घटना 14 और 15 अगस्त 2001 की रात की है।

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मां के प्रेमी को मामा कहती थी बेटी

woman and her lover awarded life term imprisonment in husband's murder

फतेहपुर निवासी वादी मुकदमा विनोद कुमार सिंह ने अतरसुइया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई वीरेंद्र सिंह दरियाबाद में अपनी पत्नी व दो वर्षीय पुत्री काजल के साथ किराये के मकान में रह रहा था।

रात में अज्ञात व्यक्तियों ने उसके भाई के सिर में चोट पहुंचाने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी है। जांच के दौरान शक की सुई मृतक की पत्नी मेनका सिंह और उसके प्रेमी लवलेश सिंह उर्फ राजू की ओर घूमी। पुलिस को मदद मिली मृतक की मासूम बेटी काजल से जो लवलेश को मामा कहती थी। पता चला कि घटना की रात लवलेश घर पर ही था।

मेनका सिंह ने अपने प्रेमी लवलेश व एक अन्य जगत पाल उर्फ जेपी के साथ मिलकर हाकी से सिर में प्रहार किया फिर गमछे से गला घोट दिया।

अभियोजन ने कुल 14 गवाह पेश किए। अभियोजन काजल को भी गवाह के तौर पर कोर्ट में पेश किया। अभियुक्तों के लिए फांसी की मांग की गई जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया तथा उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि जगतपाल पर जुर्म साबित नहीं होने पर उसे दोषमुक्त कर दिया है।

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