प्रेमी साथ मिलकर पति की हत्या, आंखें निकाली
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सीतापुर के खैराबाद में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले पति का अपहरण किया। इसके बाद अपने जीजा की मदद से उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद युवक की दोनों आंखें निकाल लीं और शव को एक गड्ढे में फेंक दिया।
सोमवार रात से लापता युवक का शव बुधवार को बरामद हुआ, तब मामले का खुलासा हो सका। पुलिस ने युवक की पत्नी, उसके प्रेमी व साढ़ू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सोहरैया निवासी रामगोपाल (35) सोमवार रात अचानक लापता हो गया था। बुधवार सुबह जब सोहरैया गांव के ग्रामीण टहलने निकले तो उन्होंने गांव से कुछ दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गड्ढे में उसका शव पड़ा देखा।
युवक की दोनों आंखें गायब थीं। सिर पर गहरे जख्म थे। रामगोपाल के पिता ब्रजलाल व भाई दिनेश ने बताया कि रामगोपाल की पत्नी सुनीता का गांव के ही राजेंद्र से प्रेम संबंध हैं। जब रामगोपाल व परिवार के सदस्यों ने विरोध किया तो करीब चार वर्ष पूर्व राजेंद्र व सुनीता गांव से भाग गए।
...तो इसलिए निकाल लीं आंखें!
इस काम में रामगोपाल के साढ़ू महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के बांव बहरौली निवासी रामप्रसाद ने भी साथ दिया। उधर, राजेंद्र फिर से गांव आना चाह रहा था, लेकिन रामगोपाल इसमें बाधा बन रहा था।
आरोप है कि सुनीता व राजेंद्र ने उसे अपने रास्ते से हटाने के लिए सोमवार रात रामप्रसाद की मदद से रामगोपाल का अपहरण किया। इसके बाद धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। पहचान मिटाने के लिए सिर पर गहरे जख्म करने के साथ उसकी दोनों आंखें निकाल लीं।
इसके बाद शव गड्ढे में फेंक दिया। युवक के भाई दिनेश ने रामगोपाल की पत्नी सुनीता देवी, उसके प्रेमी राजेंद्र व सुनीता के जीजा राम प्रसाद के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
संपत्ति के लिए पिता को कुल्हाड़ी से काटा
सहारनपुर में संपत्ति में हिस्सा देने से इंकार करने पर बेटे के सिर पर ऐसा खून सवार हुआ कि उसने वृद्ध पिता की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। बीच-बचाव में आई मां को भी उसने कुल्हाड़ी मारकर घायल कर दिया।
पुलिस ने हत्यारोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है। गंभीर घायल मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, मृतक के भाइयों ने पुलिस को घंटों शव नहीं उठाने दिया।
यह वारदात है मंडी थाना क्षेत्र के पुराना कलसिया रोड स्थित गोल्डन कॉलोनी में हुई। यहां रहने वाले 65 वर्षीय अब्दुल वाहिद के सात बेटे हैं। इनमें बड़ा बेटा इसरार देहरादून में पुलिस में तैनात है और दूसरा पुत्र सत्तार भी देहरादून में रहता है। अन्य पांच बेटे उसी के पास सहारनपुर में रह रहे हैं।
पांचवें नंबर का बेटा गफ्फार (30) नशे का आदी है। करीब सात-आठ दिन पूर्व उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी। जिला अस्पताल में भर्ती अब्दुल वाहिद की पत्नी बानो ने बताया कि बुधवार की अपराह्न करीब तीन बजे वह और पति अब्दुल वाहिद घर पर थे। इस दौरान गफ्फार वहां पहुंचा और संपत्ति में हिस्सा मांगने लगा।
कुल्हाड़ी से किए ताबड़तोड़ वार
अब्दुल वाहिद ने यह कहते हुए हिस्सा देने से इंकार कर दिया कि अभी छोटे भाइयों का घर बस जाने दे। उसके बाद देखेंगे। इतना सुनते ही गफ्फार तैश में आ गया। बूढ़ा पिता कुछ समझ पाता कि गफ्फार ने कुल्हाड़ी उठाकर उस वार कई कर दिए। अब्दुल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बानो पति को बचाने आई तो बेटे ने उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से वार कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आस पड़ोस के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने गफ्फार को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया, लेकिन तब तक अब्दुल वाहिद की मौत हो चुकी थी। घायल बानो को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सूचना पर मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हत्यारोपी गफ्फार को हिरासत में ले लिया। मृतक के भाई और अन्य परिजनों ने पुलिस को शव को नहीं उठाने दिया। बाद में एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव, सीओ सेकेंड चरण सिंह यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे।
मृतक के बेटों ने यह कहकर शाम तक शव को नहीं उठने दिया कि वे बड़े भाई के आने पर भी सारी कार्रवाई करवाएंगे। एसपी सिटी ने बताया कि कत्ल संपत्ति विवाद में हुआ। हत्यारोपी को हिरासत में ले लिया गया है। कार्रवाई के लिए उत्तराखंड पुलिस में तैनात मृतक के बड़े बेटे का इंतजार किया जा रहा है।