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लाशें क्यों ठिकाने लगा रही है यहां की पुलिस

Tue, 17 Dec 2013 08:22 AM IST
अमर उजाला, मुरादाबाद
अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Tue, 17 Dec 2013 08:22 AM IST
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why getting rid of the bodies of the police

फरियादियों को भगाकर और धाराएं कम करके वारदातें दबाने वाली पुलिस अब लावारिस लाशों को भी ठिकाने लगाने लगी है।

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छजलैट के देहरी जुम्मा गांव में एक किसान के खेत में शव मिलने के बाद पुलिस उसे मौके पर ही दफन करा दिया। न तो शिनाख्त कराने की कोशिश की गई और न ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सब कुछ ग्रामीणों के सामने हुआ और वे कार्रवाई के डर से पुलिस का यह खेल देखते रहे।

घटना करीब बीस दिन पहले की है। देहरी जुम्मा गांव में गांगन नदी के पास किसान परम सिंह के खेत में शव पड़ा होने की सूचना पर हड़कंप मच गया। शव की हालत देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही थी। सूचना पर एसओ छजलैट विक्रम सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन कुछ देर में ही ग्रामीणों को शांत करके घर भेज दिया गया। इसके बाद एसओ ने एक मजदूर को बुलवाकर कब्र खुदवाई और लाश को वहीं पर दफन करा दिया।
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ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने फोन पर किसी से बात भी की थी। लेकिन शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा। यही नहीं, आसपास मौजूद लोगों व खेत मालिक से भी मुंह बंद रखने को कहा। गांव के कुछ लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। लेकिन कोई अफसर नहीं पहुंचा। एसओ ने बताया कि कंकाल मिलने की सूचना आई थी। क्या हुआ? पता नहीं।
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