प्रेमिका के साथ घूम रहा था वह मृत युवक!
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चार महीने पहले जिसकी हत्या हो चूकी थी वह अपनी प्रेमिका के साथ घूमता हुआ पाया गया।
मथुरा-वृंदावन के छटीकरा नाले में जनवरी में एक नर कंकाल मिला था, जिसे केथरा निवासी सुभाष (24) का बताया गया।
उसकी हत्या का आरोप एक युवती के परिवारीजनों पर लगा। लड़की भी गायब थी और मामला आनर किलिंग से जुड़ा होने की बात भी सामने आई।
लेकिन साक्ष्यों और सुभाष के परिवारीजनों के आरोपों में विरोधाभास पांच माह तक पुलिस को इस मर्डर मिस्ट्री में उलझाए रहा।
मामले को आनर किलिंग बनाने की हुई कोशिश
बुधवार को पुलिस ने वृंदावन से सुभाष और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार किया तो खुलासा हुआ कि उसकी हत्या ही नहीं हुई थी बल्कि वह तो अपनी प्रेमिका के साथ घूम रहा था।
फिल्मों जैसी साजिश से पर्दा उठाने के बाद पुलिस ने सुभाष के साथ बरामद हुई लड़की को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है।
पुलिस के अनुसार 23 जनवरी को छटीकरा नाले में एक नर कंकाल मिला, जिसकी शिनाख्त केथरा निवासी वीरेंद्र ने अपने पुत्र सुभाष के रूप में की थी।
वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि मगोर्रा निवासी युवती के पिता, उसके भाइयों और उनके दो रिश्तेदारों ने सुभाष की हत्या की है और रिपोर्ट दर्ज कराई।
युवती के परिजनों को फंसाने के लिए रची थी साजिश
रिपोर्ट में सुभाष के युवती से संबंधों के चलते ऑनर किलिंग की आशंका जताई गई थी। इस मामले में नामजद आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी रही थी।
शिनाख्त के बाद ही पुलिस को सुभाष की मां और भाई के बयानों पर शक हुआ। इधर पुलिस को हत्या में नामजद व्यक्ति की पुत्री और मृतक सुभाष के बीच संबंधों की जानकारी हुई।
दोनों ही 22 जनवरी की शाम से लापता थे। दूसरे पक्ष से युवती के गायब होने के मामले में सुभाष और उसके परिवार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था।
पांच माह तक पुलिस इस गुत्थी में उलझी रही। पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए सुभाष और हत्या में नामजद युवती के परिवारीजनों के मोबाइल सर्विलांस पर लगाए।
पुलिस के सामने सवाल, वो नरकंकाल किसका था?
आखिरकार पुलिस को कामयाबी मिल गई। बुधवार सुबह पांच बजे सुभाष और युवती को जाने से पहले वृंदावन के बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने पांच माह बाद इस मर्डर मिस्ट्री को तो हल कर दिया लेकिन अब सवाल खड़ा हो रहा है कि वह नर कंकाल किसका था, जिसकी शिनाख्त सुभाष के रूप में की गई थी।
अब पुलिस के सामने उसकी शिनाख्त, हत्या की गुत्थी सुलझाने की चुनौती है।
मां ने तब भी उठाया था सवाल लेकिन...
23 जनवरी से लापता युवक-युवती दिल्ली में रह रहे थे। युवक वहां पर एक रिटेल आउटलेट में ड्राईवर का काम करता था।
एसओ अरविंद कुमार ने बताया कि मंगलवार को दोनों बिहारीजी के दर्शन के लिए वृंदावन आए थे। सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की।
पांच माह पूर्व छटीकरा नाले से बरामद नर कंकाल का दाहिना हाथ नहीं था। पुलिस ने नरकंकाल की शिनाख्त सुभाष के रूप में होने के बाद उसके परिवारीजनों को सौंप दिया था।
नरकंकाल की शारीरिक बनावट पर सुभाष की मां ने तब भी सवाल खड़ा किया था और उसे अपना बेटा मानने से इंकार कर दिया था लेकिन परिवार के दबाव में चुप हो गई।