इस शख्स ने किशोरी को अगवा कर 32 घंटे तक किया शोषण
मार्क आर्मस्ट्रांग नाम के हवसी शख्स द्वारा नेट बॉल की प्रक्टिस अपने घर के लिए लौट रही एक किशोरी को रास्से से अगवा कर उसके साथ 32 घंटे तक अत्याचार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
मामला स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग का है। मिरर के मुताबिक, आरोपी ने छात्रा को रास्ते से अगवा कर 32 घंटे तक उसका बलात्कार और शारीरिक शोषण किया। आरोपी के चंगुल से पीड़िता भागना की कोशिश की लेकिन उसने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और उसके साथ मार-पीट की।
आरोपी ने छात्रा से लगातार अत्याचार करके उसे आतंकित कर दिया। छात्रा के वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी पहले उसका रेप करता और फिर उसे घर जाने के लिए कहता लेकिन जैसे ही वह अपने घर जाने लगती वैसे ही उसे फिर उसे घसीटकर अपने घर ले जाता और उसका रेप करता था। इसी तरह से 32 घंटे तक उसका दुष्कर्म और यौन शोषण किया।
त्रस्त पीड़िता कुछ नहीं बोलना चाहती
12 से 14 मार्च के बीच हुए इस अपराध के बारे में अदालत ने जब पीड़िता की प्रतिक्रिया जाननी चाही तो पीड़िता ने कहा कि वह इस भयावह प्रताड़ना से इस कदर डरी हुई है कि वह चुपचाप अपने घर जाना चाहती है। उसने कहा कि उसके मन में इतना गुस्सा है कि वह कुछ नहीं बोलना चाहती।
इससे पहले जब पीड़ित दो दिन तक अपने घर नहीं पहुंची तो उसकी मां ने पुलिस से बेटी के गायब होनी की शिकायत की थी। जिसके बाद पुलिस ने छात्रा की छानबीन शुरू की थी।
पुलिस किंगसीट रोड में जब छात्रा का पता लगाने की कोशिश कर रही थी तभी रास्ते में उसके टीशर्ट, ब्रा फटे हुए और उसका चश्मा टूटा हुआ मिला। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता की मां को साथ ले उसकी बेटी की तलाश कर रहे थे कि इसी दौरान आरोपी ने छात्रा को अपने घर से छोड़ दिया।
जज ने कहा सख्स से सख्त धाराओं में दर्ज हो मामला
आरोपी के घर से छूट छात्रा जैसे ही बाहर निकली तो उसकी मां सामने नजर आई तो वह मां से चिपट गई और जोर-जोर से रोने लगी। छात्रा के चेहरे में कई चोंट के निशान जिसे देख पुलिस हैरान रह गई।
बताते हैं छात्रा की हालत देख पुलिस को यकीन नहीं हो रहा था कि यह वही छात्रा है जिसकी वे तलाश कर रहे थे। पुलिस अब रिमांड लेकर उसकी पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी है।
मामले के वीभत्सता सुन जज ने भी पुलिस को निर्देश किया एक किशोरी से बलात्कार करने और आतंकित करने के लिए आर्मस्ट्रांग को सख्स से सख्त सजा देनी इसलिए पुलिस सभी उन धाराओं का अध्ययन कर उनके तहत मामला दर्ज करे जिनमें अधिकतम सजा देने का प्रावधान हो।