बदायूं गैंगरेप पर घिरी अखिलेश सरकार
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बदायूं में जो हुआ उसने यूपी सरकार पर कई सवाल खड़े कर दिए, लोगों को हिला कर रख दिया और विरोधियों को अखिलेश सरकार पर निशाना साधने का एक मौका दे दिया।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को बदायूं जाएंगे और पीड़ित परिवार से मिलेंगे। इससे पहले पीएमओ भी इस घटना की रिपोर्ट तलब कर चुका है और मायावती भी यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर चुकी हैं।
घटना गंभीर है और तमाम देसी-विदेशी मीडिया की सुर्खियों में आ चुकी है। बात अगर पुलिसिया कार्रवाई की करें तो तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि थाना इंचार्ज समेत कुछ पुलिसवालों पर भी कार्रवाई की गई है।
पीएमओ को यूपी सरकार ने भेजी रिपोर्ट
बदायूं में उसहैत के कटरा सआदतगंज में दो नाबालिग बहनों का अपहरण कर गैंगरेप के बाद हत्या का मामला लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गरमा गया है। मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने गृह मंत्रालय के जरिए प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी में पूछा है कि घटना कैसे हुई, उसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका थी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के क्या कदम अब तक उठाए गए हैं? घटना के बाद तनाव रोकने के लिए पुलिस की तरफ से क्या इंतजाम किए गए? बताया जाता है कि राज्य सरकार ने गुपचुप तरीके से केंद्र को यह रिपोर्ट भेज भी दी है।
हालांकि, गृह सचिव कमल सक्सेना ने केंद्र द्वारा रिपोर्ट मांगने की बात से इंकार किया है। बता दें कि बरेली रेंज के डीआईजी आरकेएस राठौर ने इस बारे में अपनी रिपोर्ट बुधवार को ही डीजीपी कार्यालय भेज दी थी। उनके निर्देश पर सदर कोतवाली प्रभारी वीरपाल सिरोही ने बृहस्पतिवार को टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया और स्थानीय लोगों से जानकारियां जुटाकर वादी पक्ष के लोगों और गवाहों के बयान दर्ज करने की कोशिश की लेकिन वादी पक्ष ने बयान दर्ज नहीं कराए।
मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान
पीड़ित पक्ष ने अलग-अलग बयान दर्ज करने का विरोध करते हुए पुलिस के विरोध में नारेबाजी भी की। इस दौरान बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी अवधेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी और अवधेश यादव के सगे भाई पप्पू यादव और सिपाही सर्वेश यादव को बुधवार देर रात गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने पप्पू से लंबी पूछताछ की। पप्पू ने पुलिस को कई ऐसी बातें बताईं जो घटना का रुख विपरीत दिशा में मोड़ती लग रही हैं। पप्पू का एक भाई, दो अज्ञात लोग और कटरा सआदजगंज चौकी के दीवान छत्रपाल अभी फरार हैं।
इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यों वाली एक समिति का गठन किया है। समिति के सदस्य शुक्रवार को बदायूं पहुंच कर मृतक लड़कियों के परिजनों से मिलने के साथ ही एसएसपी से अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा लेंगे। आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने इलाके के एसपी से 24 घंटे में मामले से जुड़ी रिपोर्ट पेश करने और आगे की गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है।
घटनास्थल पर जाएंगे पीएल पुनिया
राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन जरीना उस्मानी ने भी आयोग की उपाध्यक्ष जानकी पाल सदस्य अशोक पांडेय, सहायक केके पांडेय की टीम को शु्क्रवार को ही घटनास्थल पर भेजने के आदेश दिए हैं। चेयरपर्सन ने एसएसपी बदायूं से भी रिपोर्ट तलब की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया भी शुक्रवार को यहां आ रहे हैं।
उधर, बृहस्पतिवार को सुबह ही उसहैत थाने पहुंचे डीआईजी ने मौका-मुआयना किया और एसएसपी अतुल सक्सेना, एसपी सिटी मानसिंह चौहान को मामले का खुलासा जल्द करने के निर्देश देने के साथ ही बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम को लगाया है। डीआईजी ने कहा, चूंकि दोनों बालिकाओं से दुराचार की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम के समय संबंधित डॉक्टर्स ने बालिकाओं के कपड़ों और अंगों पर लगे स्पर्म के नमूने जांच के लिए सुरक्षित कर लिए हैं।
आरोपियों की पहचान के लिए उनकी डीएनए जांच कराई जा सकती है। इससे दोषी का बच पाना मुश्किल होगा। इस दौरान बरेली से पहुंची फील्ड यूनिट की टीम भी आ गई। टीम प्रभारी डॉ. वंदना दुबे ने अपने स्टाफ के साथ घटनास्थल का मौका-मुआयना कर तमाम साक्ष्य एकत्र किए। इसके अलावा पेड़ से फंदे की ऊंचाई, लड़कियों के लटकते शरीर से जमीन की ऊंचाई जैसी कई चीजों का रिकार्ड जुटाया।