एटीएम से पैसे चुराकर घुड़दौड़ पर लगाया 1 करोड़ का सट्टा
कोई कितना शातिर हो सकता है, इसका अंदाजा शायद ही किसी को हो । एटीएम से रूपये उड़ाने के बाद सट्टा खेलना शुरू कर दिया। मामला हैदराबाद का है जहां 24 साल के सुधीर ने 1 करोड़ रूपये से ज्यादा घुड़दौड़ के सट्टे पर लगा दिया और बड़े बड़े होटलों में पार्टी करते थे। पिछले चार महीनों से वो और उनके साथी यही कर रहे थे।
नचाराम पुलिस ने उन्हें और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। सुधीर और इनके साथियों ने स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 1.49 करोड़ रूपये उड़ाये था। सुधीर एक प्राइवेट एजेंसी के कैश मैनेजमेंट सिस्टम के एटीएम सर्विसेज में कैश के संरक्षक के पद पर काम कर रहा था।
एटीएम से कुछ यूं उड़ाये रुपये
डीसीपी हैदराबाद, मलकानगिरी ने बताया कि दिसंबर में सुधीर ने एक एटीएम से कैश चुराने की योजना बनाई उसने अपनी इस योजना में अशोक, और मनोज को शामिल किया। अपने प्लान के तहत उन्होंने एटीएम से रूपये उड़ाने के लिए उन जगह के एटीएम को चुना जहां लोगों का आना जाना कम होता है।
जब एटीएम में कैश भर दिया जाता था, तो दोनों वहां जाकर पासवर्ड यूज कर के कुछ कैश निकाल लेते थे। सुधीर ने पुलिस को बताया कि वो ऐश वाली लाइफ जीना चाहता था। जिसकी वजह से वो अपना बीटेक भी पूरा नहीं कर पाया। पढ़ाई पूरा न कर पाने की वजह से उसने नौकरी करना ही उचित समझा।
होशियारी से करते थे काम
जब कभी ऑडिट टीम उन जगहों पर जाती जहां से ये रूपये उड़ाते थे, तो ये चुराये हुये एटीएम में वापस डाल देते थे। ऑडिट होने के बाद वे वापस रूपये निकाल लेते थे। लेकिन ये खेल ज्यादा दिन तक नहीं चल सका और 18 अप्रैल को सीएमएस ने एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस ने बरामद किये रुपये
एटीएम से चुराई हुई नकदी में से 1.14 करोड़ सुधीर के पास थी, वहीं मनोज के पास 25 लाख और अशोक के पास साढे़ 9 लाख नकदी थी। पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए पहले इनके जब घर पर दबिश डाली तो ये वहां ऑनलाइन पोकर गेम खेल रहे थे। पुलिस ने वहां से 57 लाख रूपये की रिकवरी की बात कही है, जिसे सुधीर ने गैम्बलिंग से कमाये थे। वहीं, पुलिस ने इनके घर से चोरी के 73 लाख रूपये, मोबाइल फोन, गाड़िया और कुछ घरेलू समान बरामद किये हैं।
डीसीपी ने बताया कि पिछले चार महीनों में इन्होंने जम कर ऐश की। सट्टे लगाना, बड़े-बड़े होटलों में रहना और आये दिन पब जाना इनका शगल बन चुका था। पुलिस ने इनके पास से बरामद रूपयों को जब्त कर लिया,और फिर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।