विवाद सुलझाने गए सिपाहियों को पीटा, बंदूकें छुड़ाकर बंधक बनाया
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खाकी के डंडे से अच्छे-अच्छों की पसीने छूट जाते हैं। फिर यहां तो पुलिस वाले बंदूकें लेकर गए थे। पुलिस का सायरन सुनकर बदमाशों में अफरा-तफरी मच जाती है, लेकिन यहां तो खुद उन्हें ही धर के पीट दिया। ये वारदात तो महज झलक है उस माहौल की जहां सरकार का इकबाल और कानून का खौफ खतरे में है।
मामला कानपुर का है। बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के देवहा गांव में जमीन पर गलत ढंग से निर्माण की सूचना पर पहुंचे दो सिपाहियों कीरायफलें छीनने के बाद दबंगों ने कमरे में बंधक बना लिया।
बाद में कई थानों से फोर्स भेजी गई, तब दोनों सिपाहियों को मुक्त कराया जा सका। दबंग फरार हो गए। बिल्हौर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस से अभद्रता समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस को बचाने पुलिस आई!
कोतवाली प्रभारी जीवाराम यादव ने बताया कि शनिवार सुबह 7:30 बजे देवहा गांव से शरीफ ने सूचना दी कि उसके पड़ोसी राधेश्याम गलत ढंग से निर्माण कार्य करवा रहा है। विरोध करने पर मारपीट की है।
कोतवाली से सिपाही सुभाष कुमार और मुकेश को देवहा गांव भेजा गया। सिपाहियों के रोकने पर राधेश्याम ने साथियों के साथ सिपाहियों पर हमला बोल दिया। दोनों के हथियार छीन कर कमरे में बंद कर दिया।
कमरे में बंद सिपाहियों ने सूचना वायरलेस से कोतवाली को दी। आनन-फानन अरौल, मकनपुर और बिल्हौर कोतवाली का फोर्स गांव पहुंचा और दोनों सिपाहियों को मुक्त कराया।
सिपाहियों का मेडिकल कराने के बाद राधेश्याम और उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया।