25 साल से पुलिस के होश उड़ाने वाला 'ताऊ' हुआ गिरफ्तार
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इंद्रपाल उर्फ गुड्डा उर्फ ताऊ। उम्र करीब 57 साल। मगर कारनामे इतने बड़े की कई राज्यों की पुलिस के पसीने छूटते रहते हैं। पिसावा के मीरपुर गांव के रहने वाले इस व्यक्ति ने गांव में मामूली चोरियों से अपने जरायम पेशे की शुरुआत कर ज्वैलरी शोरूमों की ओर जो रुख किया, फिर पीछे नहीं मुड़ा।
बुलंदशहर के चर्चित एलएम ज्वैलर्स डकैती कांड के बाद से फरार चल रहे ताऊ की बुलंदशहर पुलिस द्वारा सोमवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बड़ी राहत महसूस की है। खास बात है कि इस डाके के बाद ताऊ सीधे गांव आया था। यहां से अपनी पत्नी को साथ लेकर पलवल रिश्तेदार के यहां छोड़ा। इसके बाद उड़ीसा, महाराष्ट्र, यूपी के बरेली आदि में फरारी काटी और अब कई माह से साधु वेष में वृंदावन में फरारी काट रहा था।
बुलंदशहर सीमा पर बसे गांव मीरपुर के इंद्रपाल ताऊ के गैंग की कमर तोड़ना पुलिस के लिए बेहद जटिल काम है। वजह है कि किसी पेशेवर माफिया गैंग की तर्ज पर उसने अपने गैंग का जाल फैला रखा है और 27 के करीब शातिर बदमाश उसके गैंग के सदस्य हैं। सबसे खास बात है कि यह सभी पश्चिमी यूपी व दिल्ली के विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखते हैं।
ताऊ को जब भी किसी की जरूरत पड़ती है तो वह खुद उनसे संपर्क करता है। बाकी समय में कहां रहता है, किसी को इसकी भनक नहीं रहती। पुलिस रिकार्ड के अनुसार उसके गैंग में खुद ताऊ सहित दो लोग मीरपुर पिसावा के हैं। इसके अलावा सबसे अधिक 13 सदस्य बुलंदशहर जनपद, 4 गाजियाबाद, 3 नोएडा, 1 बागपत, 1 मथुरा, 1 मेरठ व दो दिल्ली के रोहिणी इलाके के हैं। अलीगढ़-बुलंदशहर पुलिस रिकार्ड के अनुसार सर्वाधिक ताऊ पर कुल आठ मुकदमे हैं, जिनमें सभी डकैती के हैं।
कुछ खास यह भी
ताऊ गैंग के वर्तमान सक्रिय सदस्यों को कुल चार पुलिसकर्मी ही ऐसे हैं जो पहचानते हैं। फरारी में बिना फोटो के पहचान पाना भी मुश्किल होता है।
अब तक इस गैंग ने उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात में संगीन वारदातों को अंजाम दिया है, जिनमें सर्वाधिक सर्राफों के शोरूम पर लूट और डकैती ही शामिल है। हर घटना में ताऊ नेतृत्वकर्ता रहा है। वही प्लानिंग बनाता है, जब जहां, जैसे जरूरत पड़ती है, तभी सदस्यों को जुटाकर घटना करता है। घटना से पहले सदस्यों को कुछ नहीं बताता।
बुर्जी में मिला था 5 किलो सोना
ताऊ घटना के बाद निर्धारित रकम देकर सदस्यों को चलता कर देता है। बाकी रकम अपने लिए और बाद में सदस्यों की पैरवी के लिए बचाकर रखता है। इसी के चलते एक बार गुजरात के सूरत में जब यह सर्राफ शोरूम को लूटकर आया था तो यहां से गुजरात पुलिस उसके भूसे की बुर्जी से 5 किलो सोना बरामद करके ले गई थी।
नैनीताल की वादियों में लूट की ट्रेनिंग देता था ताऊ
इंद्रपाल ताऊ अपने गिरोह के सदस्यों को नैनीताल की वादियों में ट्रेनिंग देता था। यह खुलासा उसने वर्ष 2001 में दिल्ली में लूट में गिरफ्तारी के बाद किया था। ताऊ डकैती के बाद नैनीताल में अपने सदस्यों के साथ फरारी काटता था।
वहीं पर फिल्मी अंदाज में ट्रेनिंग देता था। गिरोह के सदस्य उसे अपना गुरु मानते हैं। वह सिखाता था कि वारदात के दौरान शोरूम में कर्मचारियों और मालिकों का मिजाज परखना चाहिए, डकैती के समय खुद को कैसे बचाना चाहिए।
ताऊ ने ही दो दर्जन बदमाशों के साथ ऊधमसिंह नगर में नीलम ज्वैलर्स के यहां भी 55 लाख की डकैती डाली थी। ताऊ की खास बात यह रही है कि डकैती और लूट के दौरान जन हानि नहीं करता है। अगर लूट-डकैती का कोई विरोध भी करता है तो उसे गनप्वाइंट पर लेकर चांटा मारकर चुप कर देता है।
ताऊ तीन भाइयों चंद्रपाल व मनवीर में मझला है। दो भाई गांव वालों की नजर में फरार हैं। मगर वह नोएडा में ऐश की जिंदगी काट रहे हैं। हां, केवल गांव में मां अकेली रहती है। खुद उसका बेटा किसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है।