वेश्या को मारकर उसका खून पी गया हत्यारा
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दुनिया में रोजाना हो रही हत्याओं के बारे में आप सुनते और पढ़ते रहते हैं लेकिन इन्हीं में से कुछ मामले ऐसे होते हैं जिनका पर्दाफाश करना पुलिस के लिए भी मुश्किल हो गया है। पढ़िए, ऐसी ही एक वारदात।
स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में रहने वाली 32 वर्षीय लिली लिंडेस्टॉर्म तलाक के बाद अकेली रहती थी। एक छोटे से अपार्टमेंट में रहने वाली लिली ने वेश्यावृत्ति को अपना पेशा बना लिया। वह बिल्डिंग में कॉलगर्ल के नाम से चर्चित थी, क्योंकि उसके पास ही फोन था जिसमें ग्राहकों को फोन आते थे।
1 मई 1932 को वह अपार्टमेंट में रहने वाली दूसरी सेक्स वर्कर से बाहर जाकर एंज्वाय करने का प्लान बना रहा थी, तभी उसके फोन पर एक कॉल आई। जोकि किसी ग्राहक की थी और उसके बाद उसने बाहर जाने का प्लान बदल दिया।
उसके कई घंटों बाद लिली की दोस्त ने दरवाजे पर दस्तक दी लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इस पर उसे लगा कि वह ग्राहक के साथ कहीं बाहर गई हुई है। लिली की दोस्त के मुताबिक उसने उसे फोन आने के कुछ घंटे बाद ही आखिरी बार देखा था जब वह उसके पास कंडोम मांगने आई थी।
बिस्तर पर मिली खून से सनी निर्वस्त्र लाश
लगातार तीन दिन तक जब लिली का दरवाजा नहीं खुला तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। बिस्तर पर लिली की खून से सनी निर्वस्त्र लाश पड़ी थी।
उसके सिर पर किसी धारदार हथियार से तीन बार हमला किया था। उसके कपड़े कमरे में ही एक तरफ सहेजकर रखे गए थे। कमरे में पड़ी खून से सनी एक बड़ी चम्मच भी मिली, जिसने इस केस को नया मोड़ दिया।
जांच में पता चला कि हत्यारे ने कत्ल के बाद वहां बैठकर लिली के शरीर का खून पिया। इस घटना को छिपाने के लिए पुलिस ने काफी मशक्कत की लेकिन फिर भी यह मीडिया के सामने आ गई। जिसके बाद वैंपायर किलर की हरकत हर तरफ फैल गई।
कौन था लिली का आखिरी ग्राहक?
जांच के दौरान पुलिस ने लिली के 80 ग्राहकों से पूछताछ की लेकिन कोई भी संदिग्ध हाथ नहीं लगा। पुलिस लिली की दोस्त से उस आवाज को पहचानने की भी कोशिश कराई, जिससे आखिरीबार उसने बात की थी।
यहां भी पुलिस को निराशा हाथ लगी क्योंकि वह आवाज को पहचान नहीं सकी। हालांकि उसने संदेह जताते हुए कहा कि फोन पर बात करने वाला व्यक्ति विनम्र स्वभाव का था।
लिली के घर या शरीर से किसी तरह के फिंगर प्रिंट या सबूत हासिल नहीं हुए। इस कारण जांच और मुश्किल हो गई। हालांकि इस बात का शक जाहिर किया जाता रहा है कि लिली का हत्यारा कोई पुलिसवाला भी हो सकता है, जिसने शातिर ढंग से सबूत मिटाए हैं। लगभग 82 साल बाद भी लिली के आखिरी ग्राहक का पती नहीं लगाया जा सका है।