मामा-मामी ने ही कर दिया अपनी भांजी का सौदा
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मामा-मामी का रिश्ता अनाथ युवती के विश्वास की आखिरी डोर थी। लेकिन इसी रिश्ते ने उसकी जिंदगी को बर्बाद करने की कोशिश की। अपने दोस्त के साथ मेरठ पहुंची युवती ने महिला थाना और चाइल्ड लाइन को आपबीती सुनाई।
बिहार निवासी इस युवती के माता-पिता की आठ साल पहले मौत हो गई थी। फिर वह अपनी दादी के पास पटना में रह रही थी। कुछ समय पहले नोएडा निवासी उसके मामा ने उसके निकाह की बात कर उसे नोएडा बुला लिया था। 12 दिसंबर को युवती अपने मामा के पास पहुंची तो वह उसे नोएडा से लेकर सूरजकुंड फरीदाबाद पहुंचे।
युवती के मुताबिक उसके मामा ने अपनी पत्नी और एक युवक के साथ मिलकर उसे बेचने की योजना बनाई। इसकी भनक लगने पर रुखसार वहां से किसी तरह भागकर इलाहाबाद पहुंची और वहां स्टेशन पर उसकी मुलाकात सुरेंद्र से हुई, जोकि कानपुर से पीएचडी कर रहा था।
दूसरे युवक ने की मदद
युवती ने उससे कहा कि उसे कोई काम मिल सकता है तो सुरेंद्र उसे अपने साथ कानपुर लेकर आया और अपनी साथी के पास उसे रुकवा दिया। इसके बाद अपने एक दोस्त की सलाह पर सुरेंद्र युवती को लेकर मेरठ में चाइल्ड लाइन और महिला थाना पुलिस के पास पहुंचा।
युवती ने पुलिस को सिलसिलेवार आपबीती सुनाई। वहीं, युवती ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अगर वह नोएडा से नहीं भागती तो उसके मामा-मामी उसे बेच देते और उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती। चाइल्ड लाइन निदेशक अनीता राणा ने बताया कि युवती को महिला थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।