आरबीआई को भेज दिए 6500 रुपये के नकली नोट
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यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आजमगढ़ शाखा से भारतीय रिजर्व बैंक को भेजी गई नोटों की खेप में जांच के दौरान 6500 नकली नोट मिले हैं। यह मामला तब पकड़ में आया, जब नोटों की मशीन से जांच कराई गई।
आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक ने बृहस्पतिवार को शहर कोतवाली में यूबीआई के तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मंडल मुख्यालय होने के नाते आजमगढ़ में मऊ और बलिया की यूनियन बैंक की शाखाओं से भी रुपये भेजे जाते हैं।
उन्हें आरबीआई भिजवा दिया जाता है। एक मई को भी यूनियन बैंक आजमगढ़ की शाखा से रुपये भेजे गए जिसकी पांच मई को रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने मशीन के जरिये जांच कराई। इस दौरान 100 रुपये के 10, 500 के नौ और एक हजार का एक नोट नकली मिला।
इस मामले में आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक उमेश चंद शर्मा ने शहर कोतवाली में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आजमगढ़ शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
शहर कोतवाल मोहम्मद ईशा खां ने बताया कि एसआई दीनानाथ पांडेय को जांच सौंपी गई है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि आखिर बैंक में नोट कहां से आए।
जांच हुई तो कई नपेंगे
सभी बैंक अपने यहां इकट्ठा हुई रकम को आरबीआई के मेनचेस्ट में जमा कराते हैं। आरबीआई संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक को अलग-अलग स्थानों पर रुपये पहुंचाने का आदेश देता है।
आरबीआई को रकम देने से पहले बैंक उसकी विधिवत जांच करते हैं। जिस वक्त रुपये जमा कराए जाते हैं, उसी समय मेनचेस्ट में भी जांच कराई जाती है। उसके बाद ही रुपये रखे जाते हैं।
इन नोटों को बाद में आरबीआई के अधिकारी भी चेक करते हैं। सवाल यह उठता है कि दो-दो बार जांच के बाद भी नकली नोट मेनचेस्ट तक कैसे पहुंच गए। जानकारों का कहना है कि जांच हुई तो कइयों की गर्दन नप सकती है।