यूपी: गैंगरेप के बाद बहनों की हत्या पर बवाल
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यूपी में बदायूं के उसहैत में मंगलवार की रात दो बच्चियों की हत्या कर दी गई। आशंका है कि हत्या से पहले दोनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म भी किया गया।
देर शाम को डॉक्टरों के पैनल के पोस्टमार्टम में दोनों बच्चियों के साथ रेप की प्रारंभिक पुष्टि हो गई है। उधर, देर रात पुलिस ने एक आरोपी पप्पू यादव और ग्रामीणों के आक्रोश का केंद्र बिंदु रहे सिपाही सर्वेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी एसएसपी मानसिंह चौहान ने बताया कि दोनों से पूछताछ की जा रही है।
मंगलवार शाम शौच के लिए गईं 12 और 14 साल की इन चचेरी नाबालिग बहनों का गांव के ही युवकों ने अपहरण कर लिया था। रात को घर वाले चौकी में शिकायत करने भी गए लेकिन उन्हें भगा दिया गया। सुबह करीब साढ़े तीन बजे बाग में दोनों के शव पेड़ से लटके मिले।
नाराज लोगों ने घंटों किया हंगामा
इस पूरे प्रकरण में पुलिस और एक बिरादरी विशेष की भूमिका से नाराज लोगों ने कई घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान आला अधिकारियों के अलावा जिले के कई थानों और शाहजहांपुर जिले के चार थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर बुलाना पड़ा। आईजी, डीआईजी और सूबे के बड़े नेताओं को मौके पर बुलाने की मांग कर रही भीड़ को प्रभारी एसपी और प्रभारी जिलाधिकारी कई घंटे बाद किसी तरह मना पाए।
शाम पांच बजे शवों को पेड़ से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस मामले में गांव के तीन सगे भाइयों और दो पुलिस कर्मियों समेत सात के खिलाफ हत्या, बलात्कार की धाराओं के अलावा पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी सिटी ने उसहैत थाना क्षेत्र के कटरा सआदतगंज चौकी प्रभारी रामविलास यादव और दोनों आरोपी सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस पर मामला दबाने के आरोप
गांव के दो सगे भाइयों की लड़कियां मंगलवार देर शाम घर से शौच के लिए निकली थीं। देर तक इनके न लौटने पर घरवाले खोजने निकले। इस दौरान लड़कियों के चाचा ने घर पहुंच कर उन्हें बताया कि उसने गांव के ही तीन सगे भाइयों पप्पू यादव, अवधेश और उरवेश को जबरन दोनों लड़कियों को जंगल की ओर ले जाते देखा था और उनमें से एक को पकड़ भी लिया था। इसी बीच, एक लड़के ने हवाई फायर कर दिया तो पकड़े गए युवक को छोड़ कर वह जान बचा कर भाग आया।
पीड़ित परिवार रात में काफी देर तक लड़कियों को खोजता रहा। परिवार के लोग पुलिस चौकी पर शिकायत करने गए तो दो सिपाहियों सर्वेश यादव और छत्रपाल ने उन्हें भगा दिया। परिवार ने इन दोनों सिपाहियों पर अपने सजातीय लड़कों का पक्ष लेने और मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। खोजबीन में लगे लोगों को अल सुबह करीब साढ़े तीन बजे दोनों लड़कियों के शव बाग में पेड़ से लटके मिले तो पूरे गांव में खबर फैल गई।
गांव के मौर्य बिरादरी के लोगों के अलावा आसपास के गांवों के लोग भी वहां जुटने लगे। दोपहर तक घटना स्थल पर कई सौ लोग जमा हो गए थे। भीड़ का आरोप था कि आरोपियों के यादव होने की वजह से पुलिस उनका पक्ष ले रही है और मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। शाम को दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद ही भीड़ छंटी।