यूपी पुलिस का शर्मसार कर देने वाला कारनामा, खुली पोल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के बिल्हौर चौकी में खड़े ट्रक के पहिए चुराने के मामले में पुलिस ने मकनपुर चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों को सस्पेंड कर दिया गया। इस ट्रक से गौकशी के लिए ले जाए जा रहे जानवर पकड़े गए थे। जानवरों को किसानों के सुपुर्द कर ट्रक को चौकी में खड़ा कर दिया गया था।
आरोप है कि मकनपुर चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबल ने ट्रक के नए पहिए उतरवाकर पुराने पहिए लगवा दिए। सीओ और एसओ को पता चला तो उन्होंने जांच की और मामला सही पाए जाने पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की।
वहीं यह भी चर्चा है कि चौकी इंचार्ज ने इस चोरी में एक अन्य कांस्टेबल को हिस्सा नहीं दिया तो उसने अफसरों के कान में फूंक दिया।
कुछ दिन पहले मकनपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में गायों से लदे एक ट्रक को पुलिस ने पकड़ा था। गायों को किसानों के सुपुर्द करके ट्रक पुलिस अभिरक्षा में चौकी में खड़ा कर दिया गया था। पुलिस ने बताया कि बुधवार रात चौकी इंचार्ज अखंड प्रताप सिंह और कांस्टेबल अशोक गिहार ने ट्रक के छह नए पहिए खोलने का प्लान बनाया।
हिस्सा न मिलने पर सिपाही ने खोली पोल!
प्लान के मुताबिक चौकी प्रभारी ने कन्नौज जिला के ठठिया गांव निवासी मिस्त्री नन्हे कटियार को बुलवाया। नन्हे अपने साथ चार मजदूरों को लेकर आया और रात में ही ट्रक के छहों टायरों को खोलकर उसमें पुराने टायर लगा दिए। चौकी में तैनात एक दूसरे कांस्टेबल को यह पता चला तो उसने अफसरों को सूचना दे दी।
रात ही में सीओ राजेंद्रधर द्विवेदी, कोतवाली प्रभारी भूपेंद्र कुमार राठी चौकी पहुंचे और चौकी इंचार्ज व कांस्टेबल से पूछताछ की। घंटों की पूछताछ के बाद मामला सही पाया गया। इस पर चौकी इंचार्ज और कांस्टेबल के खिलाफ चोरी का मुकदमा कोतवाली में कायम किया गया।
कोतवाली पुलिस ने गुरुवार सुबह दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। वहीं, सूत्रों का कहना है कि टायरों की चोरी के मामले में पुलिस के बीच पैसों की बंदरबांट में इस घटना का खुलासा हुआ। घटना के बारे में सीओ राजेंद्रधर द्विवेदी का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों, और टायरों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे है।
थाने के ठीक सामने लाखों की लूट
मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने से चंद कदमों की दूरी पर बाइक सवार तीन लुटेरों ने गुरुवार को सरेशाम एक सर्राफा व्यापारी से जेवरात और नगदी से भरा बैग लूट लिया। सामने आए बाइक सवार लुटेरों ने बाइक टकराकर पहले व्यापारी की बाइक गिराई फिर उनके कान पर तमंचा सटाकर बैग छीन लिया।
बैग में सोने के पौन किलो वजनी जेवर और 3.35 लाख रुपये थे। इस दुस्साहसिक वारदात का पता चलते ही कस्बे में दहशत फैल गई। पुलिस ने घटना को फर्जी बताते हुए व्यापारी से ही पूछताछ शुरू कर दी, जिस पर भड़के व्यापारियों ने थाने के ठीक सामने हाईवे जाम कर दिया। करीब आधा घंटे तक भीड़ हंगामा करती रही।
पाकबड़ा थाना क्षेत्र में थाने से महज एक किलोमीटर दूर स्थित गांव माता की मिलक निवासी राकेश हुड्डा पुत्र ललतू सिंह की पाकबड़ा में जुमेरात का बाजार में हुड्डा ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। रोजाना की तरह गुरुवार को भी शाम करीब पांच बजे उन्होंने दुकान बंद की और जेवर व नगदी लेकर बाइक से गांव को चल दिए।
थाने के पिछले दरवाजे के ठीक सामने से जा रहे रास्ते पर वो बमुश्किल दो सौ मीटर चले होंगे कि सामने से आई काले रंग की पल्सर बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। हुड्डा बाइक समेत गिर गए, इतने में पल्सर सवार दो बदमाशों ने उन्हें कवर कर लिया जबकि हेलमेट पहने तीसरा बदमाश बाइक स्टार्ट किए खड़ा रहा।
ज्वैलर्स के मुताबिक एक लुटेरे ने उनके सिर पर तमंचा लगा दिया और बैग छीन लिया, विरोध करने पर ट्रिगर दबाने की धमकी दी। बदहवास ज्वैलर्स ने पैदल ही अपने गांव की ओर दौड़ लगाई और फिर ग्रामीणों के साथ पाकबड़ा थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी।
पाकबड़ा पुलिस के रवैये से खफा व्यापारी सड़क पर उतरे और हाईवे जाम कर दिया। पब्लिक एसओ पाकबड़ा की बात तक सुनने को तैयार नहीं थे। बाद में मौके पर पहुंचे मझोला एसओ ने जाम खुलवाया।