नारी निकेतन में जमकर तांडव, प्रेमिकाओं को ले भागे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के मथुरा में यमुना किनारे स्थित नारी निकेतन में गुरुवार की रात छत के रास्ते घुसे असलाह से लैस दो युवकों ने जमकर तांडव मचाया। इन्होंने यहां निरुद्ध अपनी दो प्रेमिकाओं ले जाने का प्रयास किया। विरोध करने पर चौकीदार को तमंचे की बटों से पीटा, यहां तैनात दो महिला होमगार्डों को बंधक बना लिया। सिलेंडर में गोली मार आग लगाने और नारी निकेतन को उड़ाने की धमकी देकर करीब 20 संवासिनियों को भगा दिया।
इसी बीच दोनों युवक भी देहरादून निवासी एक युवती, उसकी ढाई साल की बच्ची और मथुरा निवासी एक अन्य युवती को लेकर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने भाग दौड़ कर 17 संवासिनियों को बरामद कर लिया है। बच्ची समेत तीन की तलाश की जा रही है। संवासिनियों ने एक युवक का नाम पुलिस को बताया है। शुक्रवार को घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला जज दिनेश कुमार ने भी नारी निकेतन का निरीक्षण किया। मामले की रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेज दी है।
राजकीय महिला शरणालय थाना कोतवाली क्षेत्र में कुशक गली में यमुना किनारे पर स्थित है। आरोपी युवक यहां निरुद्ध दो युवतियों के प्रेमी बताए जा रहे है और दोनों गुरुवार की रात करीब दो बजे छत के रास्ते नारी निकेतन में घुसे। हाथ में तमंचे लिए और कमर में 315 बोर के कारतूसों की बेल्ट बांधे युवकों ने थाना हाईवे क्षेत्र मथुरा निवासी 19 वर्षीय युवती और देहरादून निवासी 22 वर्षीय युवती को अपने साथ ले जाने का प्रयास किया।
चौकीदार ने रोका तो किया घायल
चौकीदार ब्रह्मपाल निवासी लक्ष्मीनगर ने विरोध किया तो उसे घायल कर दिया। महिला होमगार्ड मंजू रोहिला और ब्रजलता को गन प्वाइंट पर लेकर बंधक बना लिया। इसके बाद नारी निकेतन का गेट खोल दिया। कार्यालय में घुसकर फाइलें फाड़ दी और कुछ कागज उठा लिए। रात में ही एसएसपी डा. राकेश सिंह, एसपी सिटी शैलेश पांडेय, सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई।
कुछ संवासिनी खुद ही कोतवाली जा पहुंची तो कुछ को बस अड्डा, द्वारिकाधीश मंदिर क्षेत्र और रेलवे स्टेशन से बरामद किया। इन संवासिनियों ने पुलिस को बताया कि नारी निकेतन में वारदात करने वाला युवक कुलदीप निवासी महोली रोड, मथुरा है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी देहरादून निवासी अपनी प्रेमिका से यहां मिलने आता था। संवासिनियों का दावा है कि कुलदीप ने ही सौंख अड्डा निवासी अपने दोस्त के साथ वारदात को अंजाम दिया।
बता दें कि नारी निकेतन में 29 महिलाएं निरुद्ध थीं। इसके अलावा दो बच्चियां भी यहां अपनी मां के साथ रहती थीं। इनमें से करीब बीस फरार हुई थीं। एडीएम कानून व्यवस्था एसके शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पवन श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी ओमप्रकाश भी मौके पर पहुंचे।
एसएसपी डाक्टर राकेश सिंह ने बताया कि युवकों ने ढाई साल की बालिका सहित 20 युवतियों को मुक्त कराया था। पुलिस ने उसमें से 17 को बरामद कर लिया है। ढाई साल की बेटी समेत उसकी मां और एक अन्य युवती अभी गायब है। हमलावर युवक उनके प्रेमी हैं। उनकी बरामदगी के लिए कोतवाली, सीओ व सर्विलांस सहित तीन टीमें लगाई गई हैं।
ये घटना घोर लापरवाही का परिणाम है। हमने घटना स्थल का निरीक्षण कर उच्च न्यायालय को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है।
दिनेश कुमार सिंह
जिला न्यायाधीश, मथुरा
लाइन खिंची, कैमरे लगे पर नहीं हुए चालू
नारी निकेतन में शुक्रवार तड़के हुई वारदात घोर लापरवाही का परिणाम है। जिला जज दिनेश कुमार सिंह ने खुद यह बता कही। नारी निकेतन की व्यवस्थाएं भी इसे साबित कर रही हैं।
बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के कुशक गली स्थित राजकीय महिला शरणालय में रह रही संवासिनियों के आए दिन भागने और अन्य शिकायतों को लेकर अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं।
एक माह पहले इमारत में सीसीटीवी कैमरे की लाइन खिंच गई और कैमरे लग गए लेकिन वे आज तक चालू नहीं कराए गए। नारी निकेतन के आसपास रहने वाले लोग बताते हैं कि महीने में लगभग चार-पांच बार युवक यहां युवतियों से मिलने आते रहते हैं।
इस दौरान युवक दो-दो घंटे तक निकेतन में रहते हैं। कई बार युवतियों के साथ मारपीट की नौबत आ जाती है, शोर-शराबा होने पर उन्हें बीच बचाव करने जाना पड़ता है।
आरोप है कि इन्हीं हरकतों के चलते प्रभारी अधीक्षिका ने सीसी कैमरे चालू नहीं होने दिए। वहीं कोतवाली में हुई पूछताछ में बरामद संवासिनियों ने बताया कि अब तक लापता दोनों युवतियां चोरी छिपे मोबाइल का प्रयोग भी करती थीं। कुछ अन्य मोबाइल भी नारी निकेतन में प्रयोग होते हैं।
प्रेमिका से मिलने आता रहता था कुलदीप
नारी निकेतन से भागने के बाद बरामद हुई संवासिनियों से एक घंटे तक कोतवाली में पूछताछ की गई। यहां संवासिनियों ने एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ सिटी को बताया कि देहरादून निवासी युवती का प्रेमी कुलदीप अक्सर उससे मिलने नारी निकेतन आता रहता था।
वहीं सौंख अड्डा निवासी युवक की निकटता मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र निवासी युवती से थी। वह कुलदीप के साथ नारी निकेतन आता था। शुक्रवार तड़के हुई घटना में जो तमंचाधारी युवक मुंह पर काला कपड़ा बांधे और कमर में कारतूसों की बेल्ट लगाकर आए, उसमें एक की आवाज कुलदीप जैसी थी।
उसने आते ही दोनों युवतियों को जगाया। संवासिनियों ने पुलिस को बताया कि जिस आवाज में उनसे यह कहा गया कि दो युवतियां तो साथ जा रही हैं, बाकी भी चली जाओ वरना यहीं पर जिंदगी भर सड़ती रहोगी, वह कुलदीप की थी।
दो बार भागी देहरादून निवासी युवती
नारी निकेतन में रहने वाली देहरादून निवासी युवती को चार साल पहले उसके पति ने छोड़ दिया था। उसके बाद वह अपने प्रेमी के साथ भाग गई। नारी निकेतन की प्रभारी अधीक्षिका वीना देवी के अनुसार पुलिस ने युवती को बरामद कर 2012 में नारी निकेतन भेजा। यहीं उसने बेटी को जन्म दिया।
इसके बाद भी उसका प्रेमी कुलदीप निवासी महोली रोड उससे मिलने आता था। कोर्ट में तारीख पर भी मिलता था। फरवरी माह में बीमारी का बहाना बनाकर देहरादून की युवती महिला होमगार्ड के साथ जिला अस्पताल दवा लेने गई थी। वहां से वह कुलदीप के साथ भाग गई। कोतवाली पुलिस ने उसे आगरा से बरामद किया था।
वहीं दूसरी युवती हाईवे क्षेत्र मथुरा की है। उसे पुलिस ने भरतपुर से बरामद कर जून माह में नारी निकेतन भेजा था। पुलिस का भी मानना है कि कुलदीप ने ही सौंख अड्डा निवासी अपने मित्र के साथ यह खतरनाक वारदात की। नारी निकेतन से जुड़े सूत्र बताते हैं कि हमलावरों ने आते ही दोनों युवतियों के बारे में पूछा था। युवकों को देख दोनों युवतियां खुशी-खुशी सामान पैक करने लगीं।