फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   two murders within 24 hours in hapur district

यूपी: 24 घंटे में कत्ल के बदले कत्ल

Thu, 19 Dec 2013 08:27 AM IST
अमर उजाला, पिलखुवा
अमर उजाला, पिलखुवा Updated Thu, 19 Dec 2013 08:27 AM IST
विज्ञापन
two murders within 24 hours in hapur district

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सोमवार शाम चचेरी बहन से छेड़छाड़ के विरोध में मोहित की हत्या कर दी गई। उसके 24 घंटे के भीतर ही हत्या के मुख्य आरोपी के दादा का भी कत्ल कर दिया गया।

विज्ञापन


पुलिस मामले को देर रात तक छिपाए रही, लेकिन चर्चा के साथ तनाव फैला तो आनन-फानन में दोनों हत्याओं के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी कर दोनों समुदायों को शांत करने की कोशिश की गई।
विज्ञापन


एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने मौके पर पहुंच कर कैंप किया।

गांव परतापुर में सोमवार शाम को मोहित की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। गोली सिर से तमंचा सटाकर मारी गई थी। इस मामले में पुलिस ने सोमवार देर रात ही गांव के गुलजार, आजाद, कलुवा, जावेद, हनीस, आसिफ, ताहिर, जाहुलहक और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शामली के माजरा अपरा शाहपुर के जंगल में मंगलवार देर शाम आलू के खेत में एक वृद्ध की लाश मिली। हत्या गला दबाकर की गई थी। सूचना पर क्राइम ब्रांच के सीओ अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उसकी शिनाख्त मोहित की हत्या के मुख्य आरोपी गुलजार के दादा जाफर (85) के रूप में की गई।

मामला तूल न पड़के इसलिए पुलिस ने देर रात तक मीडिया से इस बात को छिपाए रखा। लेकिन चर्चा के साथ तनाव फैला तो आनन-फानन में पुलिस ने मोहित हत्याकांड के मुख्य आरोपी गुलजार और उसके दादा की हत्या के मुख्य आरोपी जतनवीर को गिरफ्तार कर लिया।


मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव में एक एडिशनल एएसपी, सात एसओ व पुलिस बल के साथ दो कंपनी पीएसी की गांव में तैनात की गई है।

आईजी आशुतोष पांडे ने बताया कि लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाल राघवेंद्र सिंह को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया और सीओ सैयद मोहम्मद याकूब का सर्किल से बाहर स्थानांतरण कर दिया गया है। यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो मामला तूल नहीं पकड़ता। मामला दरअसल प्रेम संबंध से जुड़ा है। पुलिस को विवाद उत्पन्न होते ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी जो नहीं की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed