इन 5 हैकरों ने दुनिया में मचा दी सनसनी
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इंटरनेट का विकास जितनी तेजी से हुआ है, उतनी ही तेजी से इसके जरिए होने वाले अपराधों की संख्या भी बढ़ी है। वर्तमान में साइबर अपराध दुनिया भर के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है।
किसी के भी कंप्यूटर हैक कर लेना और उनकी महत्वपूर्ण जानकारियों को चुरा लेने में माहिर हैकर्स ने भारत से लेकर चीन और अमेरिका भी नींद उड़ा रखी है। किसी ने नासा को निशाना बनाया तो कोई फोन सिस्टम में अवैध रूप से सेंध लगा बैठा।
किसी ने बिल गेट्स के पसीने छुड़ाए तो कोई पूरे अमेरिका के लिए सिरदर्द बन गया। पढ़िए ऐसे पांच शातिर हैकरों की कहानी, जिनके कारनामों से हिल गई दुनिया।
1- NASA को भी हिलाने देने वाला हैकर
'ब्लैक हैट्स हैकर' के नाम से चर्चित अमेरिकी युवक जोनाथन जेम्स को 16 साल की उम्र में जेल में डाल दिया गया था। उसे अमेरिका में हैकिंग का दोषी पाया गया था। वह हाईप्रोफाइल संस्थाओं को ही निशाना बनाता था।
जेम्स ने अमेरिकी रक्षा विभाग के कंप्यूटर को हैक कर लिया। इसके लिए उसने डिफेंस थ्रेट रिडक्शन एजेंसी (डीटीआरए) को निशाना बनाया था। उसने वर्जीनिया में अवैध रूप से डीटीआरए के कंप्यूटरों में प्रोग्राम इंस्टॉल किए।
इसके जरिए उसने एजेंसी के कर्मचारियों के बीच होने वाली बातचीत और संदेशों में बाधा पहुंचाई। उसने इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन के कंप्यूटर को भी एक्सेस किया, जोकि बेहद खतरनाक कदम था।
उसकी इस हरकत के चलते नासा को करीब तीन हफ्ते तक अपने सारे कंप्यूटर बंद रखने पड़े थे, जिसके चलते उसे काफी नुकसान हुआ था। नासा ने बताया था कि स्पेस स्टेशन के जिस कंप्यूटर को हैक किया गया था उससे भौतिक वातावरण और तापमान को भी नियंत्रित किया जाता था। दिसम्बर 1983 में पैदा हुए जेम्स ने मई 2008 में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
2: एक छोटी सी आदत ने बना दिया हैकर!
अमेरिका के ब्लैक हैट हैकर केविन पॉल्सन को 'डार्क डेंटे' के नाम से जाना जाता था। वह फोन सिस्टम और रेडियो स्टेशनों को हैक करने लिए बेहद चर्चित था और इस काम को वह ईनाम के लिए अंजाम देता था। बाद में वह अमेरिका का सबसे मशहूर साइबर अपराधी घोषित हो गया।
1990 में उसे लॉस एजेंल्स के एक एफएम स्टेशन की ओर से सम्मानित किया गया था। फिलहाल वह वायर्ड न्यूज नाम की संस्थान में वरिष्ठ संपादक के तौर पर कार्यरत है। केविन ने अपनी किताब 'वाचमैन: द ट्विस्टेड लाइफ एंड क्राइम ऑफ सीरियल किलर' लॉन्च की तो इंटरनेट की दुनिया में उसके चाहने वालों की तादाद बढ़ गई।
1965 में पैदा हुए केविन ने 2002 में कैलिफोर्निया की एक सिक्योरिटी रिसर्च फर्म ज्वाइन की और सुरक्षा व हैकिंग से जुड़ी खबरें लिखने लगा। जिसके कारण उसका काफी नाम हुआ। 2005 में उसने कंपनी छोड़ दी और फ्रीलांसर के तौर पर काम करने लगा। लेकिन कुछ दिन बाद उसने वायर्ड न्यूज ज्वाइन कर लिया।
2006 में उसने एक रिपोर्ट जारी करके करीहब 744 यौन अपराधियों की गतिविधियों का खुलासा किया जिन्होंने माईस्पेस के जरिए बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार किया था। केविन को 2008 में इनोवेशन इन जर्नलिज्म के लिए 'नाइट बैटन' अवार्ड दिया गया। वर्ष 2009 और 2011 में भी उसे बेहतर काम के लिए सम्मानित किया गया।
3: इस हैकर ने बिल गेट्स को भी दे दी टेंशन!
एड्रिन लैमो नाम के इस अमेरिकन विश्लेषक को "ग्रे हैट" हैकर के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2008 में माइक्रोसॉफ्ट, याहू और न्यूयॉर्क टाइम्स के कंप्यूटरों में सेंध लगाने के बाद पहली बार इसकी पहचान हुई।
वर्ष 2010 में इसे सरकारी वेबसाइटों को हैक करने में विकीलीक्स की मदद करने का आरोपी पाया गया। इस कांड के जरिए इन्होने अमेरिकी सरकार के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लीक कर दिए।
कई नामी कंपनियों की ओर से शिकायत मिलने के बाद एफबीआई ने लैमो पर करीब 15 महीने तक नजर रखी। दोषी पाए जाने पर उसे करीब 41 लाख रुपए जुर्माना देना पड़ा।
एक इंटरव्यू में उसने खुलासा किया कि वह कंपनियों के सुरक्षा तंत्र में मौजूद खामियों को खोजने का शौकीन है और उन्हें इसके बारे में सूचित करता था। फिलहाल वी जर्नलिज्म एंड लॉ का छात्र है।
4: सिर्फ 9 साल की उम्र में बन गया शातिर हैकर
न्यूयॉर्क में कंप्यूटर सिक्योरिटी हैकर और हैकिंग गैंग 'मास्टर्स ऑफ डिसेप्शन' का सदस्य मार्क एबेने बेहद शातिर हैकर है। यह गैंग टेलीफोन कंपनियों को निशाना बनाता था। इसका आतंक सबसे ज्यादा 1980 से 1990 के बीच था।
एबेने अपने उपनाम 'फाइबर ऑप्टिक' ज्यादा चर्चित था। 1995 तक वह लगातार टीवी, अखबार और रेडियों में सुर्खिंयां बटोरता रहा। 1972 में पैदा हुए इस शातिर ने महज 9 साल की उम्र से ही उसने हैकिंग में दिलचस्पी दिखाई और उसने कई कंप्यूटर लैंग्वेज भी सीख लीं।
1990 में उसे गिरफ्तार कर 35 महीने के लिए तेल भेज दिया गया। फिलहाल वह एक स्वतंत्र सलाहकार के तौर पर काम कर रहा है। उसे सूचना और सुरक्षा मामलों में विशेष अनुभव है। उसे कई बड़ी पत्रिकाओं और अखबारों में सुरक्षा विषयों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाता है।
5: इस गैंग ने तो छुड़ा दिए सबके पसीने
नैशॉन इवेन चैम 1980 के दौर में ऑस्ट्रेलिया के सबसे चर्चित कंप्यूटर हैकिंग ग्रुप 'द रियलएम' से जुड़ा हुआ था। वह डिफेंस और न्यूक्लियर हथियारों की रिसर्च से जुड़े लोगों के कंप्यूटरों को ही निशाना बनाता था।
1980 में इवेन चैम ने एक्स.25 नेटवर्क में हमला किया और इसे हैक कर लिया। 1990 में उसे फोन टेप करने और डाटा ट्रांसमिशन के आरोप में 12 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। उस पर करीब 15 संस्थाओं के सिस्टम हैंक करने का आरोप लगा। जिनमें नासा और कॉमनवेल्थ सांइटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च समेत कई अन्य देशों के महत्वपूर्ण संस्थान भी थे।
इवेन चैम को हैकिंग से जुड़ी कई किताबों और रिपोर्ट में शामिल किया गया। यही नहीं, 'द रियलएम' को लेकर केविन एंडरसन ने एक फिल्म भी बनाई है।
साभार: Success Stories