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तीन साल बाद मिला न्याय, दोषियों को हुई जेल

Fri, 11 Dec 2015 07:55 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 11 Dec 2015 07:55 PM IST
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Three get 10 years imprisonment in Park street gangrape case

कोलकाता के पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस में तीन साल बाद न्याय मिला है। अदालत ने 2012 में पार्क स्ट्रीट में हुए गैंगरेप पर अपना फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई।

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इससे पहले अदालत ने गुरूवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। लेकिन अदालत के इस फैसले से पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को करारा झटका मिला है।

आपको बता दें कि इस मामले को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मनगढ़ंत करार दिया था। वहीं जब उनकी बात का खंडन तात्कालीन संयुक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध) दमयंती सेन ने किया था तो उन्हें सजा के तौर पर स्थानांतरित कर दिया गया था।

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इस मामले में सेशन जज चीरंजीव बनर्जी ने तीनों आरोपियों, रूमन खान, नसिर खान और सुमित बजाज पर 1 लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया है। 40 वर्षीय पीड़िता दो बच्चों की मां थी जिसके साथ ये अपराध चलती कार में 5 फरवरी 2012 को हुआ था।

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तीन साल बाद मिला परिजनों को न्याय

Three get 10 years imprisonment in Park street gangrape case

करीब 37 वर्ष की पीड़िता दक्षिणी इलाके में अपनी दो बेटियों के साथ रहती थी। पांच फरवरी, 2012 को पार्क स्ट्रीट इलाके में एक पब से बाहर निकलने के बाद कुछ युवकों के साथ कार में सवार होने के बाद चलती कार में ही पांच लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।

इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। घटना के मूल अभियुक्त कादर खान और मोहम्मद अली खान अब तक फरार हैं। अदालत ने गुरुवार को तीनों अभियुक्तों यानी सुमित बजाज, रूमान खान और नसीर खान को दोषी करार दिया।

अदालत की ओर से अभियुक्तों को दोषी करार दिए जाने पर पीड़िता के घरवालों ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई। एक सवाल पर उनका कहना था कि अब सजा के बारे में कुछ कहने कोई फायदा नहीं है क्योंकि मेरी बेटी तो मर चुकी है।

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