डेढ़ साल में ही एक सिपाही ने बनाई 8 करोड़ की संपत्ति
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पुलिस महकमें के सबसे निचली रैंक पर काम करने वाले एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा महज डेढ़ साल में आठ करोड़ की संपत्ति बनाने का मामला सामने आया है। केरल के एर्नाकुलम के रहने वाले सिपाही जबीर के बशीर को 2011 में इमीग्रैशन विभाग में नियुक्त किया गया था, लेकिन सिपाही इतना शातिर निकला कि वह लोगों की वीजा संबंधी समस्याओं में मदद करने के बजाए धन इकट्ठा करने में जुट गया।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, आरोपी सिपाही नवंबर 2013 से ही सोना तस्करों से मिलकर अवैध तरीके से अवैध कमाई करने लगा था। 2015 में बशीर की कमाई के बारे में जब पुलिस को पता चला तो सिपाही बशीर और उसके परिजनों के कब्जे में आठ करोड़ की संपत्ति होने का पता चला।
28 वर्षीय आरोपी सिपाही के बारे में पुलिस ने जब तहकीकात की तो पता चला कि उसके पिता और भाई ने रियलस्टेट में निवेश करते हुए कई शॉपिंग मॉल, आलीशान मकान और मंहगी कारें खरीद रखी हैं। हालांकि पुलिस की तहकीकात से पहले उनके पड़ोसी भी हैरान थे कि वे इतना सब कैसे कर सकते हैं।
सिपाही के परिजनों ने पार किया 400 करोड़ का सोना
सिपाही बशीर के भाई और पिता जब इंटरनेशनल एयरपोर्ट में सोना तस्करी में पकड़े गए तो कई हैरान करने वाली जानकारियां सामने आईं। सिपाही के एक रिश्तेदार पी ए नौशाद ने पुलिस को बताया उन्होंने अब तक 1700 से 1800 किलो तक सोना पार कर चुके हैं। इतने सोने की कीमत 400 करोड़ के आस पास बताई जा रही है।
इतना भारी मात्रा में तस्करी किया गया सोना दुबई से लाया गया था। पुलिस ने सोना तस्करी गैंग का भंडाफोड़ किया तो कई दर्जन लोगों के नाम सामने आए जो सोना तस्करी में संलिप्त थे। पुलिस ने 25 मई से अब तक मामले में 32 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
तस्करी के शातिराना अंदाज का वर्णन करते हुए कस्टम विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि सोना तस्करी करने वाले पूरी तरह से प्रशिक्षित थे कि उन्हें सोना कैसे और कहां छुपाना है। सोना जब दुबई जब यहां आता उसे एयरपोर्ट से बाहर करने का काम आरोपी सिपाही का होता।
बेल्ट के नीचे छुपाकर सोना ले जाता था सिपाही
अधिकारियों की मानें तो आरोपी तस्कर सोने की एक-एक किलो की 10 छड़ें विमान के शौचालय या एसी के अंदर छुपाकर लाते थे। इसके बाद जब तिरुवनन्तपुरम पहुंचते तो कस्टम विभाग के हाल में ही मौजूद शौचालय में ये छड़े छुपा देते जिन्हें यहां पहले से तैनात सिपाही बशीर अपने बेल्ट के नीचे छुपाकर एक-एक छड़ बाहर ले जाता।
आरोपी सिपाही इसके लिए बेल्ट के नीचे अपने पैंट में एक चोर जेब भी बनाई हुई थी जिसमें वह सोना रखकर आराम से एयरपोर्ट के बाहरी हिस्से में खड़ी कार तक ले जाता और फिर कार से अपने घर तक सोना पहुंचाता।
अधिकारियोंय ने बताया कि बशीर कभी इन सोने की छडों को खुद सोनार को बेच देता या कभी घर ले जाकर अपने पिता को सौंप देता। कस्टम विभाग ने जांच के बाद अब आरोपी सिपाही की संपत्ति जब्त करने का फैसला किया है।
वहीं पुलिस ने बताया है कि बशीर के पिता नौशाद 90 के दशक से ही तस्करी से जुड़ा है। उसके खिलाफ कई बार मामला भी चल चुका है।