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कब और कैसे मारे गए आसाराम केस के पांच गवाह?

Thu, 14 May 2015 08:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 14 May 2015 08:18 PM IST
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the witness in a rape case against spiritual guru Asaram Bapu were killed

पानीपत में कथावाचक आसाराम बापू के राजदार व उनके पुत्र नारायण साईं पर गुजरात पुलिस की ओर से दर्ज दुराचार के मामले के प्रमुख गवाह महेंद्र चावला को बाइक सवार दो हमलावरों ने बुधवार सुबह गोली मार दी।

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इससे पहले आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले पांच लोगों की हत्या की जा चुकी। नारायण साईं के खिलाफ गवाही देने वाले महेंद्र चावला छठवां ऐसा गवाह है जिस पर जानलेवा हमला किया गया है।
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आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले अखिल गुप्ता पहले ऐसे गवाह हैं जिनकी हत्या कर दी गई थी। 11 जनवरी, 2015 को सूरत की दो बहनों के यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम के खिलाफ सरकारी गवाह बने 36 वर्षीय अखिल गुप्ता की बदमाशों ने मुजफ्फरनगर के जानसठ रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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सूरत की दो बहनों ने जब आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया तब पीड़ितों का आरोप था कि 1997 से 2006 के बीच आसाराम के आश्रम में यौन उत्पीड़न के समय रसोइये अखिल और वर्षा भी आश्रम में मौजूद थे। इस मामले में 20 अक्तूबर, 2013 को गुजरात पुलिस ने पूछताछ के लिए अखिल व वर्षा को विमान से अहमदाबाद ले गई थी, जहां वह सरकारी गवाह बन गया। उसने यह स्वीकार किया था कि सूरत की बहनों को बुलाने के बाद आश्रम के कमरों में भेजा गया था। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें नहीं मालूम।

आसाराम के खिलाफ गवाह बने उनके वैद्य की हत्या

the witness in a rape case against spiritual guru Asaram Bapu were killed

23 मई, 2014 को राजकोट में दो अज्ञात हमलावरों ने सूरत की दो बहनों के यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम के खिलाफ गवाह देने वाले अमृत प्रजापति को गोली मारकर घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रजापति की 10 जून, 2014 को मौत हो गई। अमृत प्रजापति आसाराम के 12 साल तक वैद्य थे और उनका इलाज करते थे।

आसाराम के केस में प्रजापति ने उनके खिलाफ  गवाही दी थी और वह इस केस के अहम गवाह माने जा रहे थे। आगे भी उनकी गवाही होनी थी, जिसे लेकर आसाराम के समर्थकों में गुस्सा था।

प्रजापति पिछले कई वर्षों से सूरत निवासी दो बहनों द्वारा आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप लगाए जाने के बाद से आसाराम और उनके बेटे के खिलाफ  आवाज उठा रहे थे। प्रजापति पर पहले भी सात से ज्यादा बार हमले हो चुके हैं।

आसाराम मामले के दो और गवाहों की हत्या

the witness in a rape case against spiritual guru Asaram Bapu were killed

13 फरवरी, 2015 को जोधपुर कोर्ट के बाहर आसाराम बापू के खिलाफ गवाह देने वाले राहुल सचान पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। राहुल सचान नाबालिग के यौन उत्पीड़न केस में गवाही देने कोर्ट आया था।

आसाराम के पूर्व सेवादार राहुल सचान ने आसाराम के सामने ही मजिस्ट्रेट के सामने उनके खिलाफ  अपने बयान दर्ज कराए थे। हमले के बाद आरोपी सत्यनारायण ने हमले की वजह आसाराम को लंबे समय से जमानत नहीं मिलना बताया और खुद को भी जख्मी करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल राहुल को अस्पताल भिजवाया गया।


राजू चंडोक
6 दिसंबर, 2009 को आसाराम बापू व दो अन्य के खिलाफ अपने एक अनुयायी पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक साबरमती के रामनगर इलाके में दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी संस्था के पूर्व पदाधिकारी राजू चंडोक पर गोलियां चलाईं थी। इस मामले में चंडोक के बयान के मुताबिक ही आसाराम को प्रमुख आरोपी बनाया गया था।

चंडोक का आरोप था कि आसाराम के कहने पर दो व्यक्तियों ने उस पर मोटरसाइकिल से घर लौटते समय गोली चलाई थी। चंडोक को कंधे और छाती में गोली लगी थी।

हमलावर दो होते हैं और बाइक पर आते हैं इसे संयोग ही कहा जा सकता है कि आसाराम के खिलाफ गवाही देने वालों पर जब-जब हमले हुए, हमलावर दो थे और बाइक पर सवार होकर आए थे।

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