अपहरणकर्ता के चंगुल से छूटी यूपी की तीन नाबालिग लड़कियां
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गाजियाबाद से मुंबई लाई गई तीन नाबालिग लड़कियों को मुंबई आरपीएफ और जीआरपी ने अपहरणकर्ता के चंगुल से आजाद कराया।
तीनों लड़कियों की उम्र लगभग 13 साल के आसपास है और वह नौवीं कक्षा की छात्रा हैं। जीआरपी ने तीनों को गाजियाबाद के कोतवाल के सुपुर्द कर दिया। उसके बाद तीनों लड़कियां पुलिस अधिकारियों के साथ अपने घर के लिए रवाना हो गई हैं।
आरपीएफ इंस्पेक्टर आरपी पांडेय ने बताया कि लोकल ट्रेन में सवार एक व्यक्ति ने किसी को फोन पर बताया कि मैं लड़कियों को लेकर आ गया हूं।
बगल में बैठे यात्रियों ने लड़कियों से उसके बारे में पूछा तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद चलती ट्रेन में ही यात्रियों ने उस आदमी की जमकर धुनाई कर दी।
इसके बाद लड़कियों के साथ उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि तीनों लड़कियां गाजियाबाद की रहने वाली हैं और एमबी गर्ल्स इंटर कॉलेज में नौवीं की छात्रा हैं।
जब होश आया तो दिल्ली में थीं
लड़कियों ने बताया कि स्कूल में चित्रकला स्पर्धा चल रही थी, इसलिए बीते सोमवार को वह पास की स्टेशनरी की दुकान पर कुछ सामान लेने गई थीं। इसी दौरान उस व्यक्ति ने कुछ सुंघा दिया।
जब होश आया तो वह दिल्ली में थीं। उसके बाद वहां से भी उन्हें कुछ सुंघा कर मुंबई लाया गया। इस बारे में डीसीपी (जीआरपी) रुपाली अंबुरे ने बताया कि आरोपी कौसर निजाजुद्दीन सहित तीनों लड़कियों को गाजियाबाद पुलिस के हवाले कर दिया गया है और शुक्रवार की रात पुलिस उन्हें लेकर गाजियाबाद के लिए रवाना हो गई है।
लड़कियों के अपहरण के मामले में जीआरपी ने जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है उसका नाम कौसर निजाजुद्दीन है। आरोपी आजमगढ़ के फूलपुर तहसील का निवासी बताया गया है।