अंधे इश्क की राह में हत्यारी बनीं ये 7 बेटियां, जानिए इनकी कहानी
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14 अप्रैल 2008 की रात को अमरोहा जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी में खून के रिश्तों के तार तार होने की घटना घटी। यहां एक बेटी ने प्रेम में अंधी होकर अपने ही पिता, मां, भाई, भाई, और भतीजे भांजी की नृशंस हत्या कर डाली। आरोपी शबनम ने कई दिन बाद कड़ी पूछताछ के बाद अपने घरवालों की हत्या की बात कबूल कर ली।
शबनम अपने ही गांव में ही आरा मशीन चलाने नवाले सलीम से प्रेम करती थी जबकि उसके शिक्षक पिता शौकत और अन्य घरवाले इसके खिलाफ थे। इसी बात से रंजिश खाकर शिक्षामित्र शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतार डाला।
शबनम ने हत्या करते समय अपने दस माह के मासूम भतीजे तक को नहीं बख्शा और उसे भी मार डाला। जिस वक्त शबनम ने ये हत्याएं की उस समय वो गर्भवती थी।
14 अप्रैल की रात सलीम के दिए जहर को शबनम ने रात में खाने के बाद चाय में मिलाकर अपने माता-पिता और अन्य सदस्यों को दे दिया। जब सब बेहोश हो गए तो शबनम ने फोन कर सलीम को घर बुलाया। सलीम घर आया और दोनों ने कुल्हाड़ी से सबके गले काट डाले और एक 10 वर्षीय बच्चे को गला घोंटकर मारा डाला। हत्या करने के बाद सलीम अपने घर चला गया और शबनम छत पर जाकर सो गई।
कई दिन तक पुलिस लूट और हत्या के एंगल पर जांच करती रही और बाद में शबनम पर शक की सुई गई। पुलिस ने पाया कि शबनम कुछ छिपा रही है। शबनम ने कहा था कि वो इसलिए बच गई क्योंकि वो छत पर सो रही थी। लेकिन बाहर से किसी व्यक्ति को घर में घुसने का रास्ता कोई नहीं था। घर में लगे लोहे के गेट इतने मजबूत थे कि कोई व्यक्ति बिना दरवाजा खुले अंदर नहीं आ सकता था।
इसी बीच पोर्स्टमार्टम रिपोर्ट आई जिससे पता चला कि मृतकों की हत्या से पहले उन्हें कुछ नशीला पदार्थ दिया गया। शबनम के फोन डिटेल्स निकाले गए और सारा मामला खुल गया। सख्त पूछताछ में शबनम से सच उगला और साथ ही सलीम भी पुलिस की पकड़ में आ गया।
सात हत्याओं के चलते शबनम और सलीम को फांसी की सजा दी गई जिसे एक मई 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करने से मना कर दिया।
गोद ली हुई बेटी ने ही मार डाले मां बाप
जिन मां बाप ने अनाथाश्रम से एक अनाथ बच्ची को गोद लेकर नया जीवन दिया उसी बेटी ने कुछ माह पुराने इश्क की खातिर उन्हीं मां बाप को जान से मार डाला। इतना ही नहीं बेटी ने अपने मां बाप की लाशों पर तेजाब गिराकर उन्हें गलाने की कोशिश तक कर डाली।
मामला गुजरात के वडोदरा का है। यहां बैंक से सेवानिवृत श्रीहरि विनोद और उनकी पत्नी स्नेहा की हत्या उनकी ही गोद ली हुई 16 साल की बेटी ने कर दी। दरअसल इस नि:संतान दंपती ने उस लड़की को तब गोद लिया था, जब वह 2 महीनों की थी। दंपत्ति ने बेटी को बड़े ही लाड़ प्यार से पाला मगर जब दंपत्ति ने बेटी के प्रेम की खिलाफत की तो बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर मां बाप की हत्या कर डाली।
आरोपी बेटी पढ़ाई के नाम पर मां बाप से अलग फ्लैट लेकर रह रही थी लेकिन जब मां बाप को पता चला कि लड़की के किसी युवक से संबंध हो गए हैं तो उन्होंने इसका विरोध किया और बेटी को साथ रहने को कहा।
लड़की ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मां बाप को मारने की साजिश रची। एक रात वो मां बाप के पास आई और उनके खाने में नींद की गोलियां मिला दी। मां बाप के बेहोश होने पर बेटी ने ही उनका गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और मौत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चाकू तक घोंप डाले।
मां बाप के मरने के बाद बेटी उन्हें पलंग में डालकर वापस अपने फ्लैट पर आ गई। करीब पंद्रह दिन तक आरोपी लड़की दो या तीन दिन बाद अपने प्रेमी के साथ अपने घर जाकर मां बाप के शवों पर तेजाब डालती थी ताकि शव जल्द से जल्द खत्म हो जाए। लेकिन वो इस मकसद में कामयाब होने से पहले ही पुलिस की पकड़ में आ गए।
दरअसल पड़ोसियों ने देखा कि दंपत्ति दिखते नहीं लेकिन लड़की रोज आती है। उन्होंने किसी अनहोनी की आशंका तले पुलिस को फोन किया तो सारा मामला खुल गया। लड़की और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर हत्या का मामला दर्ज हुआ।
मां की हत्या कर रचा ली मनचाही शादी
'मां शादी को मना करे तो मां को मार कर शादी कर लो।' ये सलाह एक नाबालिग को उसके प्रेमी ने दी और उसी सलाह का अनुकरण करते हुए नाबालिग ने अपनी मां की हत्या करने के तुरंत बाद शादी रचा ली।
सोनीपत के गोहाना में एक नाबालिग लड़की ने अपनी मां की हत्या कर उसके शव घर में ही गाड़ दिया और एक हफ्ते बाद मनचाहे युवक से शादी रचा ली। मामला तब खुला जब मृतका का भाई अपनी बहन से मिलने पहुंचा।
आरोपी नाबालिग का नाम रिंकू है और उसके पति का नाम सुरेंदर बताया गया है। रिंकू 12वीं क्लास में पढ़ती थी और गांव के ही सुरेंदर से उसके संबंध थे। रिंकू की मां शीला उसके इन संबंधों के खिलाफ थी। सुरेंदर की सलाह पर एक रात रिंकू ने अपनी मां को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी और फिर दुपट्टे से उसका गला घोंट डाला।
इतना ही नहीं रिंकू ने सुरेंदर को बुलाकर घर के पास ही एक कब्र खोदी और मां का शव उसमें गाढ़ दिया। आरोपियों ने कब्र में नमक भी डाला ताकि शव जल्द गल जाए।
एक सप्ताह बाद ही रिंकू ने सुरेंदर से शादी कर ली। पड़ोसियों ने रिंकू से उसकी मां के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वो तीर्थ पर गई हैं और तीन माह बाद लौटेंगी। इसी बीच मृतका का भाई सुरदेव अपनी बहन को खोजते हुए गांव पहुंचा तो उसने देखा कि रिंकू ने उसी युवक से शादी कर ली है जिसके खिलाफ उसकी मां थी।
उसे शक हुआ और उसने पुलिस को इत्तला की। पुलिस ने जब सख्त पूछताछ की तो रिंकू ने सच उगल दिया।
मां के साथ मिलकर दादा की कर दी हत्या
एक लड़की ने अपनी मां और ड्राइवर के साथ मिलकर अपने ही दादा की बेरहमी से हत्या कर दी। लड़की और उसकी मां के उनके ही ड्राइवर से नाजायज संबंध थे और उसके दादा को इन संबंधों की जानकारी लग गई थी। राज न खुल जाए इसके लिए पोती ने अपनी मां, नाबालिग भाई और उक्त ड्राइवर के साथ मिलकर दादा की हत्या कर दी।
मामला जयपुर के चेनपुरा थानाक्षेत्र का है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि दरअसल बुजुर्ग को पता चल गया था कि ड्राइवर के साथ बहू और पोती के साथ गहरे संबंध हैं। मामले में 39 साल की बहू प्रिया, 37 साल के ड्राइवर नाजिर हुसैन मंसूरी और 19 साल की पोती हर्षा को गिरफ्तार कर लिया गया।
बताया गया कि बुजुर्ग जवाहरलाल शिवनानी के तीनों बेटे दुबई में काम करते हैं और यहां बड़े बेटे विमलेश की बहु अपनी बेटी और बेटे के साथ रहती थी। जवाहरलाल बहु के साथ न रहकर अपने भाई के साथ अलग एक फ्लैट में रहते थे लेकिन समय समय पर जाकर बहु का हाल चाल जान लिया करते थे।
जवाहरलाल ने ही ड्राइवर नाजिश को बहु से मिलवाया था ताकि उसके आने जाने में मदद हो सके। लेकिन एक साल के भीतर ही नाजिश ने प्रिया और उसकी बेटी हर्षा को अपने मोह जाल में फंसाकर उनसे संबंध कायम कर लिए। जवाहर लाल को पता चला तो उन्होंने नाजिश को निकालने की बात कही और ये भी चेताया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वो दुबई में बेटे विमलेश को ये बात बता देंगे।
तब प्रिया और हर्षा ने मिलकर जवाहर को रास्ते से हटाने की सोची और उन्हें खाने पर बुलाया। रात को बुजुर्ग के खाना खाने के बाद उन्होंने नाजिश को बुलाया और सबने मिलकर जवाहर के हाथ पैर बांधकर उनका गला दबा दिया। इसके बाद नाजिश और प्रिया जवाहर की लाश को कार से कहीं दूर फैंक आए।
प्रेमी के कहने पर मां को मार डाला
नासिक में एक नाबालिग बेटी ने अपने प्यार में बाधा बन रही अपनी ही सगी मां को प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। ये हत्या अगस्त 2012 में हुई, जहां सुखविंदर कौर (40) अपनी बेटी गुरुसमिरण कौर (16) के साथ रहती थी। बेटी को मोइन असलम शेख नामक युवक से प्रेम हुआ तो मां ने धर्म का हवाला देते हुए इसका विरोध किया।
मोइन के प्रेम में पागल गुरुसिमरन ने प्रेमी के साथ मिलकर मां का गला दबाया और कुछ किलोमीटर दूर कसारा घाट इलाके में फैंक आए। इसके बाद गुरुसिमरन ने बाकायदा जाकर पुलिस में मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।
पुलिस सुखविंदर को खोज ही रही थी कि मृतका के भाई किसी काम से अपनी बहन के घर आए और उन्हें भांजी पर शक हुआ। उन्होंने जाकर पुलिस से अपील की कि भांजी से पूछताछ की जाए। तब पुलिस को भी गुरुसमिरन पर शक हुआ और उससे कड़ाई से पूछताछ की गई। पुलिस पूछताछ में गुरुसिमरन टूट गई और उसने मां की हत्या की बात कबूल करके मां के शव को फैंकने की जानकारी दी।
आरोपी बेटी की शिनाख्त पर पुलिस ने सुखविंद का शव एक खाली पड़े प्लॉट से बरामद किया और बेटी को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
सरिये से गोद डाला अपनी ही मां को
ये मामला नवंबर 2012 मध्य प्रदेश के इंदौर का है। यहां एक युवती पर प्रेम का ऐसा नशा चढ़ा कि उसने अपनी ही मां की सरियों से गोद कर हत्या कर डाली। इस घ्रणित काम को करते वक्त युवती ने किसी की मदद तक नहीं ली।
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक युवती पर प्रेम विवाह का ऐसा भूत सवार हुआ कि विरोध करने पर उसने अपनी ही मां को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रिश्तों को तार-तार कर देने वाला यह मामला गवली पलासिया महू के आनंद नगर का है। जहां गीता अग्रवाल (48 वर्ष) की सरिया से हमला कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को जब बेटी मीना पर शक हुआ और उससे पूछताछ की, तो उसने आरोप स्वीकार कर लिया।
मीना ने बताया कि वह एक लड़के से प्रेम करती थी और वह उससे विवाह करना चाहती थी। मीना फिजियोथैरेपी की छात्रा है। बडगोंदा के थाना प्रभारी पुरुषोत्तम मरावी के मुताबिक मीना की प्रेम विवाह करने की इच्छा का मां ने विरोध किया, जिस पर विवाद हुआ और मीना ने सरिया से प्रहार कर मां गीता की हत्या कर दी। पुलिस ने मीना से पूछताछ की तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
दे दी मां बाप और भाई की सुपारी
पंजाब के संगरूर में एक लड़की ने नौकर से प्रेम संबंध उजागर होने पर अपने नही मां बाप और भाई की हत्या की पांच लाख रुपए की सुपारी दे दी। संगरूर के खंजला गांव में रहने वाली मनप्रीत के घर में ही काम करने वाले नौकर से अवैध संबंध बन गए। मां बाप को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने गुरमीत नाम के इस नौकर को नौकरी से निकाल दिया। लेकिन फिर भी मनप्रीत गुरमीत से ही ब्याह करना चाहती थी। मनप्रीत का भाई भी इस ब्याह के सख्त खिलाफ था।
प्यार में अंधी हुई मनप्रीत ने अपने प्यार को पाने के लिए अपने ही मां बाप और भाई को रास्ते से हटाने की सोची और गुरमीत उर्फ राजू के चार दोस्तों को पांच लाख रुपए की सुपारी दी।
ये सभी हथियार लेकर रात के समय मनप्रीत के घर में घुसे लेकिन उनका सामना घर के घरेलू नौकर से हो गया जिसे इन्होंने मार डाला। घरवालों की नींद खुलने पर हत्यारे भाग निकले लेकिन पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों के बयान पर ही मनप्रीत और गुरमीत का राज खुल गया।
मनप्रीत ने कड़ी पूछताछ में अपने ही मां बाप और भाई की सुपारी देने की बात स्वीकार की। मनप्रीत के साथ साथ गुरमीत को भी गिरफ्तार कर लिया गया और इन पर हत्या की साजिश का मामला चल रहा है।
मनप्रीत से सुपारी लेने वाले कांट्रेक्ट हत्यारों की पहचान कर्मजीत सिंह, सुखविंद्र सिंह, सतगुरु सिंह, परमजीत सिंह व रतनदीप सिंह के रूप में हुई है।