गर्भवती प्रेमिका का किया कत्ल, मिली ऐसी सजा!
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पांच फरवरी 2013 को शहर पुलिस यमुनानगर को टेलीफोन पर सूचना मिली कि न्यू फव्वारा चौक के नजदीक से एंबुलेंस मोनिका की लाश को अस्पताल लेकर आई है।
कोर्ट में करीब एक साल तक चली सुनवाई के दौरान 14 लोगों की गवाही हुई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने चार फरवरी को बीना नगर कैंप निवासी धमेंद्र उर्फ बबलू को मोनिका की हत्या का दोषी करार दिया।
एक साल तक चली केस की सुनवाई
शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रजनीश बंसल ने प्रेमिका के हत्यारे बीना नगर कैंप निवासी धमेंद्र उर्फ बबलू को उम्रकैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान मृतका मोनिका का बैग, एक जर्सी एक शाल व अन्य सामान प्रेमी धमेंद्र के घर से मिला था।
इसके अलावा साइबर सेल से मोनिका व धमेंद्र के फोन की कॉल डिटेल भी निकलवाई गई।
पुलिस को जांच के दौरान दोषी धमेंद्र के माता पिता व भाई के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने पर केस से भादंसं की धारा 120 बी को हटा दिया गया।
दुराचार के केस में कोर्ट ने दोषी को किया बरी
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान पता चला था कि मृतका मोनिका करीब चार महीने की गर्भवती थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी धमेंद्र को प्रोटेक्शन वारंट पर लेकर 21 मार्च 2013 को डीएनए टेस्ट करवाया।
30 मार्च को डॉक्टर की राय पर पुलिस ने मामले में दुराचार की धारा 376 को जोड़ दिया। लेकिन पर्याप्त सबूतों के अभाव की वजह से कोर्ट ने दुराचार के केस में धमेंद्र को बरी कर दिया।