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पुलिस की हैवानियत की एक और कहानी

Mon, 16 Jun 2014 03:37 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो /अमर उजाला, इटावा Updated Mon, 16 Jun 2014 03:37 PM IST
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The Animalism story of UP police

यूपी पुलिस की हैवानियत का एक और नमूना रविवार को देखने को मिला जब प्रेमी युगल को संरक्षण देने के शक में फर्रुखाबाद से उठाए गए अधेड़ के साथ क्राइम ब्रांच और पुलिस की हैवानियत की।

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पुलिस की पिटाई से अधेड़ के कानों में गहरे जख्म हो गए। उसे सुनाई देना बंद हो गया। इलाज कराने की बजाय इकदिल पुलिस ने उसे और लड़की भगाने के आरोपी युवक को शांतिभंग में जेल भेज दिया। पुलिस की बर्बरता का शिकार व्यक्ति पुलिस का नाम सुनते ही कांपने लगता है।
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कासगंज के थाना गंज डुडवारा के गांव बाजनगर निवासी कश्मीर पुत्र शंभूदयाल का मोबाइल फोन कॉल के जरिये आगरा की किसी युवती से संपर्क हो गया। बाद में दोनों में प्रेम हो गया। कुछ दिन पहले दोनों घर से भाग निकले।
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कान के पास गहरे जख्म, सुनाई देना भी बंद

The Animalism story of UP police

बताया जाता है कि युवती के पिता की इटावा पुलिस में जान पहचान है। उसकी शिकायत पर इकदिल पुलिस और क्राइम ब्रांच ने प्रेमी युगल की खोजबीन शुरू की।

पुलिस ने कश्मीर के रिश्तेदार कैलाश पुत्र जिलेदार निवासी भारतनगर फर्रुखाबाद को प्रेमी युगल को संरक्षण देने के शक में गिरफ्तार कर लिया।

बाद में पुलिस ने प्रेमी युगल को भी पकड़ लिया। युवती को पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया, जबकि कश्मीर और कैलाश को इटावा ले आई।

यहां दोनों को खूब पीटा गया। पुलिस ने कैलाश को इतना पीटा है कि उसके कानों में गहरे जख्म हो गए। उसे सुनाई देना बंद हो गया है।

प्रेमी युगल को संरक्षण में पकड़ा, शांतिभंग में भेजा जेल

The Animalism story of UP police

कैलाश और कश्मीर को मेडिकल के लिए जब जिला अस्पताल लाया गया तो इन्होंने संवाददाता को बताया कि पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटा है।

कैलाश के दोनों कान जख्मी हैं। उसकी हालत गंभीर है। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने इलाज की बजाय उन्हें शांतिभंग के आरोप में जेल भेज दिया।

एसओ इकदिल राधामोहन द्विवेदी का कहना है कि दोनों दुकानदार से झगड़ा कर रहे थे, तभी गिरफ्तार किया गया। चोट लगने की उन्हें जानकारी नहीं है।

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