पुलिस की हैवानियत की एक और कहानी
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यूपी पुलिस की हैवानियत का एक और नमूना रविवार को देखने को मिला जब प्रेमी युगल को संरक्षण देने के शक में फर्रुखाबाद से उठाए गए अधेड़ के साथ क्राइम ब्रांच और पुलिस की हैवानियत की।
पुलिस की पिटाई से अधेड़ के कानों में गहरे जख्म हो गए। उसे सुनाई देना बंद हो गया। इलाज कराने की बजाय इकदिल पुलिस ने उसे और लड़की भगाने के आरोपी युवक को शांतिभंग में जेल भेज दिया। पुलिस की बर्बरता का शिकार व्यक्ति पुलिस का नाम सुनते ही कांपने लगता है।
कासगंज के थाना गंज डुडवारा के गांव बाजनगर निवासी कश्मीर पुत्र शंभूदयाल का मोबाइल फोन कॉल के जरिये आगरा की किसी युवती से संपर्क हो गया। बाद में दोनों में प्रेम हो गया। कुछ दिन पहले दोनों घर से भाग निकले।
कान के पास गहरे जख्म, सुनाई देना भी बंद
बताया जाता है कि युवती के पिता की इटावा पुलिस में जान पहचान है। उसकी शिकायत पर इकदिल पुलिस और क्राइम ब्रांच ने प्रेमी युगल की खोजबीन शुरू की।
पुलिस ने कश्मीर के रिश्तेदार कैलाश पुत्र जिलेदार निवासी भारतनगर फर्रुखाबाद को प्रेमी युगल को संरक्षण देने के शक में गिरफ्तार कर लिया।
बाद में पुलिस ने प्रेमी युगल को भी पकड़ लिया। युवती को पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया, जबकि कश्मीर और कैलाश को इटावा ले आई।
यहां दोनों को खूब पीटा गया। पुलिस ने कैलाश को इतना पीटा है कि उसके कानों में गहरे जख्म हो गए। उसे सुनाई देना बंद हो गया है।
प्रेमी युगल को संरक्षण में पकड़ा, शांतिभंग में भेजा जेल
कैलाश और कश्मीर को मेडिकल के लिए जब जिला अस्पताल लाया गया तो इन्होंने संवाददाता को बताया कि पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटा है।
कैलाश के दोनों कान जख्मी हैं। उसकी हालत गंभीर है। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने इलाज की बजाय उन्हें शांतिभंग के आरोप में जेल भेज दिया।
एसओ इकदिल राधामोहन द्विवेदी का कहना है कि दोनों दुकानदार से झगड़ा कर रहे थे, तभी गिरफ्तार किया गया। चोट लगने की उन्हें जानकारी नहीं है।