ठाणे हत्याकांड: सर्दी-जुकाम की वजह से बची एक जान
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उस पल को याद करते हुए उसका पूरा बदन सिहर उठता है। पुलिस ने उसे दिलासा देने के लिए कहा कि उसकी बच्ची जिंदा है, इसलिए वो परेशान न हो। इतना सुनते ही उसकी चीख निकल गई और आंखों से आंसुओं का लावा बह चला। उसने बताया कि उसने खुद परिवार की हत्या होते हुए देखा है। उसने देखा है कि भाईजान ने कैसे कुर्बानी देने वाले चाकू से सबके गले रेते हैं। उसे अहसास है उस आखिरी पल जब उसके भाई ने उस पर भी वार किया लेकिन वो बच गई।
ठाणे हत्याकांड में अकेली बची वारेकर परिवार की उत्तराधिकारी 22 वर्षीय सोबिया भरमाल की मानें तो उनके सर्दी जुकाम ने उन्हें मौत की दावत से बचा लिया। बात आपको हैरान भले ही करें, लेकिन ये सोबिया कहती हैं कि सच है।
मिडडे की खबर के मुताबिक सोबिया ने सर्दी-जुकाम की वजह से दावत में परोसी गई बेहोशी वाली कोल्ड ड्रिंक नहीं ली थी।
सोबिया की मानें को उसे छोड़कर परिवार के बाकी लोगों ने कोल्ड ड्रिंक का सेवन किया और बेहोशी की हालत में चले गए। कोल्ड ड्रिंक खुद सोबिया के भाई हसनैन ने सबको दी थी।
कातिल भाई हमले से ऐसे बची सोबिया
परिवार के सदस्यों के बेहोश होते ही जो मंजर सोबिया के सामने था उससे वीभत्स किसी बेटी, किसी बहन के लिए हो नहीं सकता। सोबिया ने देखा कि हसनैन ने बकरा काटने वाले बड़े से चाकू से एक-एक कर सबके गले रेत दिए।
इस खून-खराबे को देखते हुए सोबिया इतनी सहम गई कि कुछ बोल न सकी। लेकिन जैसे ही हसनैन सोबिया की तरफ लपका, सहमी हुई सोबिया में बिजली सी ताकत आ गई और उसने हसनैन का मुकाबला किया। कैसे भी हसनैन तो धक्का देकर सोबिया ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और आस-पड़ोस के लोगों से चीख-चीखकर मदद की गुहार की।
कातिल भाई से निपटने के दौरान सोबिया के गले और गाल पर गंभीर जख्म आए। रात के करीब साढ़े तीन बजे थे। पड़ोसी गहरी नींद में थे। लेकिन सोबिया की चीखें सुनकर पास में रहने वाला अल्तमश कुछ और इलाकाईयों को साथ लेकर मौका-ए-वारदात पर पहुंचा।
पड़ोसियों ने सोबिया को अस्पताल तक पहुंचाया
सोबिया को बचाने पहुंचे अल्तमश और अन्य लोगों के होश उड़ गए जब उन्होंने खून से लथपथ एक दर्जन से ज्यादा लाशें देखीं। अल्तमश ने उस कमरे की तरफ रुख किया जिसमें सोबिया ने खुद को बंद किया था।
सोबिया इतनी डरी हुई थी कि कमरे का दरवाजा नहीं खोल रही थी। कैसे भी करके वहां पहुचे लोगों ने सोबिया को बाहर निकाला। उधर हसनैन को तलाशने पर वह फांसी पर लटकता मिला।
पड़ोसियों ने सोबिया को टाइटन अस्पताल में भर्ती कराया। रास्ते में अस्पताल ले जाते वक्त सोबिया ने उसके भाईजान हसनैन की दरिंदगी की पूरी दास्तान बयां की। हसनैन ने सोबिया की नन्नीं बच्ची तक को नहीं छोड़ा।
पुलिस के मुताबिक वारदात के वक्त घर के सारे खिड़की दरवाजे बंद थे। पुलिस ने ये भी बताया कि हसनैन को इस बात का इल्म नहीं रहा होगा कि सोबिया ने बेहोशी वाली कोल्ड ड्रिंक नहीं पी थी।